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श्रीविंशति अक्षरी ध्यानम् भगवान विष्णु की एक पवित्र ध्यान मुद्रा है। यह ध्यान मुद्रा भगवान विष्णु के 20 नामों का जाप करके की जाती है। इन नामों का जाप करते समय, भक्तों को भगवान विष्णु की छवि का ध्यान करना चाहिए।
श्रीविंशति अक्षरी ध्यानम् के 20 नाम निम्नलिखित हैं:
- ओम नमो भगवते वासुदेवाय
- ओम नमो नारायणाय
- ओम नमो माधवाय
- ओम नमो गोविंदाय
- ओम नमो कृष्णाय
- ओम नमो हरये
- ओम नमो विष्णवे
- ओम नमो परमात्मने
- ओम नमो पुरुषोत्तमाय
- ओम नमो श्रीवत्सधारकाय
- ओम नमो शंखचक्रगदाधराय
- ओम नमो पद्मनाभाय
- ओम नमो अनंताय
- ओम नमो पुरुषोत्तमाय
- ओम नमो पद्मनाभाय
- ओम नमो नारायणाय
- ओम नमो भगवते वासुदेवाय
श्रीविंशति अक्षरी ध्यानम् का नियमित अभ्यास करने से निम्नलिखित लाभ होते हैं:
- भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।
- भक्ति भाव का विकास होता है।
- मन शांत होता है।
- जीवन में सुख और समृद्धि आती है।
श्रीविंशति अक्षरी ध्यानम् करने के लिए निम्नलिखित विधि का पालन करें:
- एकांत स्थान में बैठें।
- अपने सामने भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर रखें।
- हाथ में फूल या माला लें।
- नामों का जाप करें।
आप श्रीविंशति अक्षरी ध्यानम् को सुबह, शाम या किसी भी समय कर सकते हैं। ध्यान करते समय, अपना मन एकाग्र रखें और भगवान विष्णु की छवि का ध्यान करें।
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