Bada Mangal 2026

Bada Mangal 2026 Start Date: बड़ा मंगल 8 शुभ तिथियां, पौराणिक महत्व और इसका अनोखा इतिहास….

Bada Mangal 2026 Mein Kab Hai: सनातन हिंदू धर्म में सप्ताह का हर दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित होता है, और मंगलवार का पावन दिन वीर बजरंगबली यानी श्री हनुमान जी की आराधना का विशेष दिन माना जाता है। लेकिन जब बात हिंदू पंचांग के तीसरे महीने यानी ‘ज्येष्ठ’ के महीने की आती है, तो इस माह में पड़ने वाले हर एक मंगलवार का महत्व अपने आप ही कई हजार गुना बढ़ जाता है। इन मंगल को आम बोलचाल की भाषा में ‘बुढ़वा मंगल’ या बड़ा मंगल के नाम से पूरे उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस बार का Bada Mangal 2026 भक्तों के लिए कई मायनों में अत्यंत विशेष, दुर्लभ और भाग्यशाली होने वाला है।

आमतौर पर हम देखते हैं कि ज्येष्ठ के महीने में केवल चार या पांच मंगलवार ही पड़ते हैं, लेकिन वैदिक ज्योतिष और हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष एक बहुत ही जादुई और दुर्लभ संयोग बन रहा है। इस साल ‘मलमास’ (अधिक मास) लगने के कारण ज्येष्ठ का यह पवित्र महीना एक नहीं, बल्कि पूरे दो महीने तक चलेगा। इस अद्भुत खगोलीय घटना के चलते Bada Mangal 2026 के पावन पर्व में भक्तों को इस बार हनुमान जी के साथ-साथ सृष्टि के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु जी की भी असीम कृपा एक साथ प्राप्त होगी।

यह एक ऐसा आध्यात्मिक समय है जब चिलचिलाती गर्मी में भी हर ओर आस्था और सेवा का एक विशाल सैलाब नजर आता है। अगर हम Bada Mangal 2026 के इस पूरे समयकाल को ध्यान से देखें, तो कुल 8 ऐसे विशेष मंगलवार आएंगे, जब भक्त अपने आराध्य के सामने अपनी हाजिरी लगा सकेंगे। ज्येष्ठ के महीने की भयंकर गर्मी में भी बजरंगबली के दीवानों का उत्साह देखने लायक होता है। आइए गहराई से जानते हैं Bada Mangal 2026 के सभी पहलुओं, इसकी संपूर्ण तिथियों, पौराणिक कथा और इसके पीछे छिपे नवाबों के शहर लखनऊ के उस अनोखे इतिहास के बारे में, जो आज भी भारत की गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल है।

Bada Mangal 2026 Start Date: बड़ा मंगल 8 शुभ तिथियां…..

संपूर्ण Bada Mangal 2026 Date की सूची

इस बार चूंकि मलमास का व्यापक प्रभाव है, इसलिए तिथियों को लेकर आम लोगों के मन में काफी उत्साह और थोड़ी जिज्ञासा भी बनी हुई है। जो भी श्रद्धालु इस दौरान हनुमान जी का व्रत रखना चाहते हैं, या अपने मोहल्ले में विशाल भंडारे का आयोजन करना चाहते हैं, उनके लिए एकदम सटीक Bada Mangal 2026 Date को अपनी डायरी में नोट कर लेना अत्यंत आवश्यक है। नीचे दी गई सूची आपको पूरे दो महीने तक चलने वाले इस ऊर्जावान उत्सव की सही जानकारी देगी….

ज्येष्ठ मास का पहला Bada Mangal 2026 – 5 मई 2026

ज्येष्ठ मास का दूसरा मंगल – 12 मई 2026

ज्येष्ठ मास का तीसरा मंगल – 19 मई 2026

ज्येष्ठ मास का चौथा मंगल – 26 मई 2026

ज्येष्ठ मास का पांचवां मंगल – 2 जून 2026

ज्येष्ठ मास का छठा मंगल – 9 जून 2026

ज्येष्ठ मास का सातवां मंगल – 16 जून 2026

ज्येष्ठ मास का आठवां मंगल – 23 जून 2026

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पौराणिक महत्व: जब पहली बार मिले राम और हनुमान:Mythological significance When Ram and Hanuman met for the first time

बुढ़वा मंगल को लेकर कई अत्यंत मनमोहक पौराणिक कथाएं हमारे धर्म ग्रंथों में मिलती हैं। सबसे प्रमुख और मन को भावुक कर देने वाली मान्यता यह है कि त्रेता युग में इसी पवित्र ज्येष्ठ माह के मंगलवार के दिन ही भगवान श्री राम और हनुमान जी का इस धरती पर प्रथम मिलन हुआ था। जब भगवान राम माता सीता की खोज में ऋष्यमूक पर्वत के पास पहुंचे थे, तब हनुमान जी ने एक ब्राह्मण का रूप धारण करके अपने आराध्य प्रभु के दर्शन किए थे।

यही सबसे बड़ा कारण है कि Bada Mangal 2026 के इस शुभ अवसर पर जो भी भक्त सच्चे हृदय और पूर्ण निष्ठा से मारुति नंदन की उपासना करता है, उसके जीवन से सभी प्रकार के रोग, कष्ट, दुख और दारिद्र्य हमेशा के लिए दूर हो जाते हैं। इस पवित्र माह में हनुमान जी के ‘वृद्ध स्वरूप’ की विशेष पूजा की जाती है, जो कि अत्यंत शांत, ज्ञानी और कल्याणकारी स्वरूप माना जाता है।

इतिहास: नवाब वाजिद अली शाह और अलीगंज का हनुमान मंदिर:History Nawab Wajid Ali Shah and Hanuman Temple of Aliganj

क्या आप जानते हैं कि Bada Mangal 2026 का जो भव्य और विशाल रूप आज हम सड़कों पर भंडारों के रूप में देखते हैं, उसकी ऐतिहासिक जड़ें उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से बहुत ही गहराई से जुड़ी हुई हैं ? आज से करीब 400 साल पहले की बात है, अवध में मुगल शासक नवाब मोहम्मद वाजिद अली शाह का शासन हुआ करता था। उस दौरान उनके बेटे का स्वास्थ्य अचानक बहुत ज्यादा खराब रहने लगा। तमाम हकीमों और वैद्यों के महंगे इलाज के बाद भी बेटे की हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा था, जिससे नवाब की बेगम अत्यंत दुखी और निराश रहने लगी थीं।

तभी किसी ने बेगम को यह नेक सलाह दी कि लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक अत्यंत प्राचीन और सिद्ध हनुमान मंदिर है, अगर मंगलवार के दिन वहां जाकर सच्चे मन से दुआ मांगी जाए, तो वह निश्चित ही पूरी होती है। एक विवश मां के रूप में बेगम ने अलीगंज के उस पुराने हनुमान मंदिर में जाकर अपने बेटे की सलामती की मन्नत मांगी। चमत्कारिक रूप से हनुमान जी की असीम कृपा से कुछ ही दिनों में बेटे का स्वास्थ्य पूरी तरह से ठीक हो गया।

इस अपार खुशी में नवाब और उनकी बेगम ने पूरी श्रद्धा से उस प्राचीन हनुमान मंदिर की भारी मरम्मत करवाई, और यह शुभ कार्य ज्येष्ठ के महीने में ही पूरा हुआ था। इसके बाद नवाब ने पूरे लखनऊ शहर में गुड़ और प्रसाद बंटवाया था। इसके कुछ वर्षों बाद जब लखनऊ शहर में एक भयंकर महामारी फैली, तब भी बेगम ने ज्येष्ठ मास के मंगल पर ही बजरंगबली से प्रार्थना की और पहली बार बड़े स्तर पर भंडारा करवाया था। आज भी Bada Mangal 2026 में जगह-जगह जो विशाल भंडारे (पूड़ी-सब्जी, बूंदी और शर्बत) आयोजित होते हैं, यह उसी ऐतिहासिक घटना की एक बेहद खूबसूरत देन है।

पूजा विधि और इसके अद्भुत लाभ : Puja method and its amazing benefits

इस महान दिन भक्तों को सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए और स्वच्छ लाल या नारंगी रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए। घर के मंदिर में या पास के किसी भी हनुमान मंदिर में जाकर बजरंगबली की प्रतिमा को चमेली का तेल और सिंदूर का लेप (चोला) पूरे आदर के साथ अर्पित करें। इसके बाद उन्हें लाल फूल, बूंदी का प्रसाद या गुड़-चने का भोग लगाएं। सुंदरकांड और हनुमान चालीसा……

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