Baglamukhi Jayanti 2026

Baglamukhi Jayanti 2026 Date And Time: कब है बगलामुखी जयंती ? इस विधि से पूजा करने पर दूर होंगे सभी कष्ट….

Baglamukhi Jayanti 2026 Mein Kab Hai: सनातन धर्म और भारतीय तंत्र शास्त्र में दस महाविद्याओं की साधना का सर्वोच्च और सबसे प्रतिष्ठित स्थान माना गया है। इन दस परम शक्तियों में से आठवीं महाविद्या साक्षात मां बगलामुखी हैं, जिन्हें उनके भक्त अत्यंत प्रेम और आदर के साथ ‘स्तंभन की देवी’ और ‘पीताम्बरा’ के नाम से पुकारते हैं।

हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, जब भी इंसान के जीवन में कोई ऐसा बड़ा संकट आता है जिसका समाधान किसी के पास नहीं होता, तब मां पीताम्बरा के भक्त सच्चे मन से केवल उन्हीं की शरण में जाते हैं। इस साल Baglamukhi Jayanti 2026 का पवित्र और बहुप्रतीक्षित पर्व एक अत्यंत दुर्लभ, फलदायी और शुभ संयोग लेकर हमारे जीवन में आ रहा है।

जो भी सच्चा साधक Baglamukhi Jayanti के पावन अवसर पर पूर्ण भक्ति-भाव से मां की आराधना करता है, उसके जीवन से हर प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा, अज्ञात भय और शत्रु बाधा पूरी तरह से नष्ट हो जाती है। आइए, आज हम इस अत्यंत ज्ञानवर्धक और विस्तृत ब्लॉग पोस्ट में गहराई से जानेंगे कि Baglamukhi Jayanti 2026 किस दिन मनाई जाएगी, इस दिन के शुभ मुहूर्त क्या हैं, और वह कौन सी अचूक पूजा विधि है जिसे अपनाने से आपके जीवन के सभी भयंकर कष्ट हमेशा के लिए दूर हो जाएंगे।

Baglamukhi Jayanti 2026 की सही तिथि और शुभ मुहूर्त….

हिंदू वैदिक पंचांग और ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, मां बगलामुखी का प्राकट्य दिवस हर साल वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को बहुत ही भव्य तरीके से मनाया जाता है।

सही तारीख: इस बार Baglamukhi Jayanti 2026 का यह महान और रूहानी पर्व 24 अप्रैल 2026, दिन शुक्रवार को पूरे हर्षोल्लास और सच्ची श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा।

अष्टमी तिथि का प्रारंभ: पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि की शुरुआत 24 अप्रैल 2026 को सुबह 07:18 बजे से हो जाएगी।

अष्टमी तिथि का समापन: यह पावन तिथि अगले दिन, यानी 25 अप्रैल 2026 को सुबह 05:51 बजे तक विद्यमान रहेगी।

चूंकि हिंदू धर्म में शुक्रवार का दिन विशेष रूप से परम शक्ति यानी देवी उपासना के लिए सर्वोत्तम माना जाता है, इसलिए Baglamukhi Jayanti 2026 के दिन शुक्रवार का यह अद्भुत संयोग इस वर्ष की गई पूजा और साधना के महत्व को कई गुना अधिक शक्तिशाली बना रहा है।

मां बगलामुखी का अलौकिक महत्व और चमत्कारी शक्तियां:Supernatural importance and miraculous powers of Maa Baglamukhi

प्राचीन पौराणिक कथाओं और शास्त्रों में स्पष्ट रूप से वर्णित है कि जब संपूर्ण ब्रह्मांड में एक अत्यंत भयंकर और विनाशकारी तूफान आया था, जिससे समस्त सृष्टि के नष्ट होने का भारी संकट उत्पन्न हो गया था, तब मां बगलामुखी ने ही प्रकट होकर अपने अलौकिक और दिव्य तेज से उस तूफान को रोका था और पूरे ब्रह्मांड की रक्षा की थी। दस महाविद्याओं में इन्हें ‘स्तंभन शक्ति’ (रोकने या स्थिर करने की क्षमता) की परम देवी माना जाता है।

Baglamukhi Jayanti 2026 के इस सिद्ध और शुभ अवसर पर जो व्यक्ति पूरी एकाग्रता से मां की उपासना करता है, वह अपने बड़े से बड़े और गुप्त शत्रुओं की वाणी तथा उनकी बुरी बुद्धि पर बहुत ही आसानी से नियंत्रण प्राप्त कर सकता है। Baglamukhi Jayanti 2026 इतना ही नहीं, यदि कोई व्यक्ति लंबे समय से कोर्ट-कचहरी के पुराने मामलों, झूठे मुकदमों या किसी भारी वाद-विवाद में फंसा हुआ है, तो उन मामलों में मनचाही सफलता और विजय पाने के लिए मां की यह साधना अचूक और अमोघ मानी गई है।

Baglamukhi Jayanti 2026 Date And Time: कब है बगलामुखी जयंती ? इस विधि से पूजा करने पर दूर होंगे सभी कष्ट…. Baglamukhi Jayanti 2026

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Baglamukhi Jayanti 2026: इस सिद्ध विधि से करें पूजा

मां बगलामुखी को पीला रंग अत्यंत प्रिय है, इसी कारण से उन्हें ‘पीताम्बरा’ भी कहा जाता है और उनकी पूजा में पीली वस्तुओं का सबसे अधिक उपयोग होता है। यदि आप सच्चे मन से चाहते हैं कि आपके सभी कष्ट दूर हों, तो Baglamukhi Jayanti 2026 के दिन नीचे बताई गई इस अत्यंत सरल लेकिन प्रभावशाली पूजा विधि (Puja Vidhi) का पालन अवश्य करें:

स्नान और पवित्र वस्त्र: इस दिन प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त में जल्दी उठकर शुद्ध जल से स्नान करें। स्नान करने के पश्चात केवल पीले रंग के साफ और पवित्र कपड़े ही धारण करें, क्योंकि पीला रंग माता को अपनी ओर सबसे अधिक आकर्षित करता है।

आसन और कलश स्थापना: अपने घर के पूजा कक्ष में एक साफ लकड़ी की चौकी पर पीले रंग का स्वच्छ वस्त्र बिछाएं। खुद भी पूजा के लिए पीले रंग के कुशा या ऊनी आसन पर ही बैठें। इसके बाद मां बगलामुखी की सुंदर प्रतिमा, यंत्र या तस्वीर को पवित्र गंगाजल से साफ करके पूरी श्रद्धा से वहां स्थापित करें।

विशेष पूजा सामग्री: मां को पीले ताजे फूल, पीला चंदन, अक्षत (बिना टूटे चावल), पीले रंग के मौसमी फल और पीले भोग के रूप में शुद्ध बेसन के लड्डू या पीली मिठाई पूरे आदर के साथ अर्पित करें।

दीपक और संकल्प: पूजा करते समय अपने सामने शुद्ध देसी घी या फिर सरसों के तेल का एक अखंड दीपक जरूर प्रज्वलित करें। इसके बाद हाथ में जल और पीला फूल लेकर अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए सच्चे मन से देवी का ध्यान करते हुए संकल्प लें।

व्रत का विधान: यदि आपके स्वास्थ्य के लिए यह अनुकूल और संभव हो, तो इस पावन दिन निराहार (बिना भोजन के) या फिर केवल फलाहार रहकर पवित्र व्रत का पालन जरूर करें। इससे शरीर और मन दोनों की पूर्ण रूप से शुद्धि होती है।

अमोघ और शक्तिशाली मंत्र: शत्रुओं पर विजय का साधन:Infallible and powerful mantra: a means of victory over enemies

तंत्र शास्त्र में यह माना जाता है कि मां की कोई भी साधना बिना उनके सिद्ध मंत्र के बिल्कुल अधूरी होती है। Baglamukhi Jayanti 2026 के दिन एकांत में बैठकर पूजा के दौरान इस शक्तिशाली और रहस्यमयी मंत्र का निरंतर जाप करना किसी भी साधक के लिए सबसे उत्तम और फलदायी माना गया है:

“ॐ ह्रीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय जिह्वान्कीलय बुद्धिं विनाशय ह्रीं ओम् स्वाहा।”

इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखें कि इस दिव्य महामंत्र का जाप हमेशा हल्दी की माला से ही करना चाहिए। हल्दी की माला से जाप करने पर साधक को माता की विशेष कृपा, तंत्र-मंत्र में अलौकिक सिद्धि और हर प्रकार की छुपी हुई नकारात्मक ऊर्जा से पूर्ण सुरक्षा प्राप्त होती है।

भारत में स्थित मां के प्रमुख और अति प्राचीन मंदिर:Major and ancient temples of Mother Goddess located in India….

वैसे तो मां पीताम्बरा अपने भक्तों के हृदय में और पूरे ब्रह्मांड में कण-कण में व्याप्त हैं, लेकिन हमारे भारतवर्ष में उनके कुछ ऐसे विशेष और सिद्ध पीठ मौजूद हैं, जहां दर्शन मात्र से ही इंसान की बड़ी से बड़ी मुरादें पल भर में पूरी हो जाती हैं। Baglamukhi Jayanti के पवित्र और खास दिन इन प्रसिद्ध मंदिरों में बहुत बड़े-बड़े धार्मिक अनुष्ठान, विशेष पूजा-अर्चना और भव्य हवन-यज्ञ आयोजित किए जाते हैं।

इन सिद्ध स्थानों में सबसे प्रमुख नाम मध्य प्रदेश के दतिया जिले में स्थित अत्यंत प्रसिद्ध ‘पीताम्बरा पीठ’ का आता है। Baglamukhi Jayanti 2026 इसके अलावा हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियों में कांगड़ा जिले में स्थित प्राचीन ‘बगलामुखी मंदिर’ भी पूरे देश में विख्यात है। इस महान और मंगलकारी अवसर पर इन सिद्ध शक्तिपीठों में देश के कोने-कोने से लाखों भक्त अपने-अपने शत्रुओं पर विजय पाने, राजसत्ता की प्राप्ति और मुकदमों में भारी जीत की कामना लेकर दर्शन हेतु आते हैं।

निष्कर्ष (Conclusion)

सार के रूप में हम पूरे आत्मविश्वास के साथ यह कह सकते हैं कि मां पीताम्बरा की सच्ची साधना इंसान के जीवन में छाए हुए हर प्रकार के गहरे अंधकार, डर, अज्ञात भय और शत्रु बाधा को हमेशा के लिए जड़ से खत्म कर देती है। Baglamukhi Jayanti 2026 केवल कैलेंडर का एक आम दिन, व्रत या सामान्य पूजा का समय नहीं है, बल्कि यह अपने भीतर की कमियों और कमजोरियों को दूर करके असीम आत्म-शक्ति प्राप्त करने का एक बहुत ही सुनहरा, आध्यात्मिक और अलौकिक अवसर है।

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