October 28, 2025

Ekadashi

Ekadashi List 2026: वर्ष 2026 की संपूर्ण एकादशी व्रत सूची | जानें कौन सी एकादशी कब है ?

Ekadashi List 2026: एकादशी व्रत से जुड़ा यह पृष्ठ यह जानकारी तो देता ही है कि एकादशी कब है, लेकिन साथ ही इस पर्व से जुड़े विभिन्न पहलुओं की भी विस्तार से विवेचना करता है। हिंदू धर्म में एकादशी या ग्यारस एक महत्वपूर्ण तिथि है। एकादशी व्रत की बड़ी महिमा है। एक ही दशा में रहते हुए अपने आराध्य देव का पूजन व वंदन करने की प्रेरणा देने वाला व्रत ही एकादशी व्रत कहलाता है। पद्म पुराण के अनुसार स्वयं महादेव ने नारद जी को उपदेश देते हुए कहा था, एकादशी महान पुण्य देने वाली होती है। कहा जाता है कि जो मनुष्य एकादशी का व्रत रखता है उसके पितृ और पूर्वज कुयोनि को त्याग स्वर्ग लोक चले जाते हैं। आइए, एकादशी से जुड़े अनेकानेक आयामों को गहराई से देखते हैं– क्या है एकादशी:What is Ekadashi ? हिंदू पंचांग की ग्यारहवीं तिथि को एकादशी कहते हैं। एकादशी Ekadashi संस्कृत भाषा से लिया गया शब्द है जिसका अर्थ होता है ‘ग्यारह’। प्रत्येक महीने में एकादशी दो बार आती है–एक शुक्ल पक्ष के बाद और दूसरी कृष्ण पक्ष के बाद। पूर्णिमा के बाद आने वाली एकादशी को कृष्ण पक्ष की एकादशी और अमावस्या के बाद आने वाली एकादशी को शुक्ल पक्ष की एकादशी कहते हैं। प्रत्येक पक्ष की एकादशी का अपना अलग महत्व है। वैसे तो हिन्दू धर्म में ढेर सारे व्रत आदि किए जाते हैं लेकिन इन सब में एकादशी का व्रत सबसे पुराना माना जाता है। हिन्दू धर्म में इस व्रत की बहुत मान्यता है। एकादशी का महत्व:Importance of Ekadashi पुराणों के अनुसार एकादशी Ekadashi को ‘हरी दिन’ और ‘हरी वासर’ के नाम से भी जाना जाता है। इस व्रत को वैष्णव और गैर-वैष्णव दोनों ही समुदायों द्वारा मनाया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि एकादशी व्रत हवन, यज्ञ , वैदिक कर्म-कांड आदि से भी अधिक फल देता है। इस व्रत को रखने की एक मान्यता यह भी है कि इससे पूर्वज या पितरों को स्वर्ग की प्राप्ति होती है। स्कन्द पुराण में भी एकादशी व्रत के महत्व के बारे में बताया गया है। जो भी व्यक्ति इस व्रत को रखता है उनके लिए एकादशी के दिन गेहूं, मसाले और सब्जियां आदि का सेवन वर्जित होता है। भक्त एकादशी व्रत की तैयारी एक दिन पहले यानि कि दशमी से ही शुरू कर देते हैं। दशमी के दिन श्रद्धालु प्रातः काल जल्दी उठकर स्नान करते हैं और इस दिन वे बिना नमक का भोजन ग्रहण करते हैं। एकादशी व्रत का नियम:Ekadashi fasting rules एकादशी Ekadashi व्रत करने का नियम बहुत ही सख्त होता है जिसमें व्रत करने वाले को एकादशी तिथि के पहले सूर्यास्त से लेकर एकादशी के अगले सूर्योदय तक उपवास रखना पड़ता है। यह व्रत किसी भी लिंग या किसी भी आयु का व्यक्ति स्वेच्छा से रख सकता है। एकादशी व्रत करने की चाह रखने वाले लोगों को दशमी (एकादशी से एक दिन पहले) के दिन से कुछ जरूरी नियमों को मानना पड़ता है। दशमी के दिन से ही श्रद्धालुओं को मांस-मछली, प्याज, दाल (मसूर की) और शहद जैसे खाद्य-पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। रात के समय भोग-विलास से दूर रहते हुए, पूर्ण रूप से ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। एकादशी के दिन सुबह दांत साफ़ करने के लिए लकड़ी का दातून इस्तेमाल न करें। इसकी जगह आप नींबू, जामुन या फिर आम के पत्तों को लेकर चबा लें और अपनी उँगली से कंठ को साफ कर लें। इस दिन वृक्ष से पत्ते तोड़ना भी ‍वर्जित होता है इसीलिए आप स्वयं गिरे हुए पत्तों का इस्तेमाल करें और यदि आप पत्तों का इतज़ाम नहीं कर पा रहे तो आप सादे पानी से कुल्ला कर लें। स्नान आदि करने के बाद आप मंदिर में जाकर गीता का पाठ करें या फिर पंडितजी से गीता का पाठ सुनें। सच्चे मन से ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र जप करें। भगवान विष्णु का स्मरण और उनकी प्रार्थना करें। इस दिन दान-धर्म की भी बहुत मान्यता है इसीलिए अपनी यथाशक्ति दान करें। एकादशी Ekadashi के अगले दिन को द्वादशी के नाम से जाना जाता है। द्वादशी दशमी और बाक़ी दिनों की तरह ही आम दिन होता है। इस दिन सुबह जल्दी नहाकर भगवान विष्णु की पूजा करते हैं और सामान्य भोजन को खाकर व्रत को पूरा करते हैं। इस दिन ब्राह्मणों को मिष्ठान्न और दक्षिणा आदि देने का रिवाज़ है। ध्यान रहे कि श्रद्धालु त्रयोदशी आने से पहले ही व्रत का पारण कर लें। इस दिन कोशिश करनी चाहिए कि एकादशी व्रत का नियम पालन करें और उसमें कोई चूक न हो। एकादशी व्रत का भोजन:Ekadashi fasting food शास्त्रों के अनुसार श्रद्धालु एकादशी के दिन आप इन वस्तुओं और मसालों का प्रयोग अपने व्रत के भोजन में कर सकते हैं– ताजे फल मेवेचीनीकुट्टूनारियलजैतूनदूधअदरककाली मिर्चसेंधा नमकआलूसाबूदानाशकरकंद एकादशी व्रत का भोजन सात्विक होना चाहिए। कुछ व्यक्ति यह व्रत बिना पानी पिए संपन्न करते हैं जिसे निर्जला एकादशी के नाम से जाना जाता है। What not to do on Ekadashi:एकादशी को क्या न करें वृक्ष से पत्ते न तोड़ें।घर में झाड़ू न लगाएं। ऐसा इसीलिए किया जाता है क्यूंकि घर में झाड़ू आदि लगाने से चीटियों या छोटे-छोटे जीवों के मरने का डर होता है। और इस दिन जीव हत्या करना पाप होता है।बाल नहीं कटवाएं। ज़रूरत हो तभी बोलें। कम से कम बोलने की कोशिश करें। ऐसा इसीलिए किया जाता है क्यूंकि ज्यादा बोलने से मुँह से गलत शब्द निकलने की संभावना रहती है। एकादशी के दिन चावल का सेवन भी वर्जित होता है।  किसी का दिया हुआ अन्न आदि न खाएं।मन में किसी प्रकार का विकार न आने दें।यदि कोई फलाहारी है तो वे गोभी, पालक, शलजम आदि का सेवन न करें। वे आम, केला, अंगूर, पिस्ता और बादाम आदि का सेवन कर सकते है। एकादशी व्रत कथा:Ekadashi fast story हर व्रत को मनाये जाने के पीछे कोई न कोई धार्मिक वजह या कथा छुपी होती है। एकादशी व्रत मनाने के पीछे भी कई कहानियां है। एकादशी व्रत कथा को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। जैसा कि हम सब जानते हैं एकादशी प्रत्येक महीने में दो बार आती है, जिन्हें हम अलग-अलग नामों से जानते हैं। सभी एकादशियों के पीछे अपनी अलग कहानी छुपी है। एकादशी व्रत के दिन उससे जुड़ी व्रत कथा सुनना अनिवार्य होता है। शास्त्रों के अनुसार बिना एकादशी

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God In Dream

God In Dream: सपने में भगवान को देखते हैं? जानिये ये 10 संकेत शुभ होते हैं या अशुभ और इन सपनों का क्या अर्थ है

The secret of God’s darshan and aarti according to dream scriptures: स्वप्न शास्त्र के अनुसार भगवान के दर्शन और आरती का रहस्य God In Dream: जब हम रात को सोते हैं, तो सपनों की दुनिया हमें अक्सर हैरान कर देती है. कई लोगों को सपने में रोज़मर्रा की चीज़ें दिखाई देती हैं, जिनका संबंध उनके जीवन या रोज़मर्रा के विचारों से होता है. लेकिन कुछ सपने ऐसे होते हैं जो अत्यंत खास होते हैं, जैसे कि सपने में स्वयं भगवान का दर्शन होना. स्वप्न शास्त्र (Swapna Shastra) के अनुसार, इंसान जो चीजें सपनों में देखता है, God In Dream उनका सीधा जुड़ाव उसके वास्तविक जीवन से होता है, या फिर वे सपने भविष्य में घटित होने वाली घटनाओं की तरफ इशारा करते हैं. भगवान का सपने में आना कोई आम बात नहीं है, और यह अक्सर एक बड़ा संकेत माना जाता है. Seeing God in dream: Auspicious or inauspicious: सपने में भगवान को देखना: शुभ या अशुभ? भगवान को सपने में देखना हमेशा शुभ होता है. यह आपके जीवन में खुशियाँ, उनका आशीर्वाद, और उनका सानिध्य लेकर आता है. लेकिन, इसमें एक शर्त है: शुभ संकेत: अगर आप भगवान को शांत (शांत), सौम्य रूप में या कोई दूसरा काम करते हुए देख रहे हैं, तो यह शुभ संकेत है. अशुभ संकेत: यदि आप उनका रौद्र रूप (Fierce Form), विनाश करते हुए या क्रोध करते हुए देख रहे हैं, तो इसका अर्थ है कि वह आपसे गुस्सा हैं, और यह एक अशुभ संकेत हो सकता है. आइये, जानते हैं विभिन्न परिस्थितियों में भगवान के सपने देखने का क्या अर्थ होता है: सपने में भगवान से जुड़े 10 महत्वपूर्ण संकेत और उनके अर्थ 1. सपने में भगवान की पूजा करना:worshiping god in dreams अगर आप खुद को सपने में भगवान की पूजा करते हुए देखते हैं, God In Dream तो यह एक अच्छा संकेत है. इसका अर्थ है कि आपके मन में चल रही कोई भी उथल-पुथल या परेशानी जल्द ही शांत हो जाएगी, और आपको मन की शांति मिलेगी. यदि कोई समस्या है, तो उसका हल भी जल्द ही मिल जाएगा. 2. सपने में भगवान की आरती करना या होते देखना:Performing or seeing God’s Aarti in a dream सपने में आरती देखना एक बहुत शुभ संकेत माना जाता है. खुद को आरती करते देखना: यदि आप खुद को सपने में भगवान की आरती करते देखते हैं, तो इसका मतलब है कि परिवार में चल रहे मनमुटाव दूर होंगे और परिवार में सुख-समृद्धि और शांति का माहौल बना रहेगा. दूसरी ओर, यह संकेत है कि आने वाला समय आपके नियंत्रण में रहेगा, जिससे आपको विभिन्न क्षेत्रों में मनचाही सफलता मिलेगी और आप उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ेंगे. आपको जल्द ही कोई बड़ी जिम्मेदारी (परिवार या कार्यस्थल से जुड़ी) मिल सकती है. मंदिर की आरती होते देखना: यदि आप सपने में मंदिर में आरती होते हुए देखते हैं, तो यह ईश्वर की कृपा दृष्टि बने रहने का संकेत है. आपका आगामी जीवन खुशियों से भरा होगा. मंदिर में आरती करना: यह संकेत करता है कि God In Dream आपको आने वाले समय में किसी धार्मिक स्थान या मंदिर पर जाने का मौका मिल सकता है, और यह समय शांतिपूर्ण और सुखद बीतने वाला है, चाहे परिवार या दोस्तों के साथ. 3. सपने में भगवान की मूर्ति देखना:Seeing the idol of God in the dream सपने में भगवान की मूर्ति देखना इस बात का प्रतीक है कि God In Dream इंसान की कोई पुरानी इच्छा जो किसी कारणवश अधूरी रह गई थी, वह जल्द ही पूरी हो जाएगी. यदि कोई रुका हुआ काम है, तो वह भी पूरा हो जाएगा. 4. सपने में भगवान की टूटी हुई (खंडित) मूर्ति देखना:Seeing a broken idol of God in the dream यह एक बहुत ही अशुभ सपना है. सपने में भगवान की खंडित मूर्ति देखने का अर्थ है कि आने वाले दिनों में कोई दुर्घटना होने वाली है या कोई बड़ी मुसीबत आ सकती है. 5. सपने में भगवान से बातें करना:Talking to God in dreams अगर कोई व्यक्ति सपने में भगवान से बातें करता खुद को देखता है, तो इसका सीधा मतलब है कि वह किसी बड़ी परेशानी में है. जैसे इंसान दुखी होने पर मन ही मन भगवान से अपनी परेशानी बताता है, यह सपना भी यही संकेत देता है कि व्यक्ति अपनी दुविधाओं का हल भगवान से मांग रहा है और सहायता की तलाश कर रहा है. 6. सपने में भगवान को प्रसाद चढाना:Offering offerings to God in dreams God In Dream यह सपना अक्सर उन लोगों को आता है जिन्होंने कोई परीक्षा दी है और परिणाम का इंतजार कर रहे हैं. सपने में भगवान को प्रसाद चढ़ाने का अर्थ है कि वह व्यक्ति अच्छे परिणामों से पास हो जाएगा, और उसे डरने की जरूरत नहीं है. 7. सपने में भगवान को लड्डू खिलाना:Feeding laddus to God in dreams सपने में भगवान को लड्डू खिलाने का मतलब है कि आपको नए कार्य में कामयाबी मिलने वाली है. God In Dream यह आने वाले दिनों में सफलता और कार्य में वृद्धि होने का स्पष्ट इशारा करता है. 8. सपने में भगवान की सोने की मूर्ति देखना:Seeing a golden idol of God in the dream यह सपना इंसान की किस्मत को सोने की तरह चमका सकता है. God In Dream इसका अर्थ है कि आपको जल्द ही कोई बड़ा कार्य मिलने वाला है और समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ने वाला है. 9. सपने में भगवान का नाम लेना:Taking God’s name in dreams God In Dream अगर किसी इंसान को सपने में भगवान का नाम लेता दिखता है, तो यह संकेत करता है कि उस इंसान के परिवार का कोई सदस्य बीमार है. यह सपना इस बात की ओर इशारा करता है कि उसके स्वास्थ्य सलामती की दुआ पूरी होने वाली है. 10. सपने में आरती की थाली देखना, सुनना या लेना:Seeing, hearing or receiving Aarti thali in dreams पूजा-पाठ से जुड़े अन्य सपने भी शुभ होते हैं: आरती की थाली देखना: यह घर में किसी शुभ कार्य के होने की तरफ इशारा करता है. God In Dream यह भी संभव है कि बहुत जल्द कोई कीमती वस्तु या वाहन घर आने वाला है. आरती

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