KARMASU

Satyanarayan Vrat

Satyanarayan Vrat: सत्यनारायण पूजा तिथि और मुहूर्त से जानिए पूजा का सही समय। इस पूजा से घर में सुख, समृद्धि और आशीर्वाद का वास होता है, जिससे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है।

सत्यनारायण पूजा तिथि और मुहूर्त के बारे में:About Satyanarayan Puja date and time

Satyanarayan Vrat: सत्यनारायण पूजा किसी भी शुभ कार्य के लिए सर्वोत्तम मानी जाती है। इसे पूर्णिमा, संकष्टी चतुर्थी, एकादशी, या विशेष मांगलिक अवसरों पर किया जाता है। पूजा का शुभ मुहूर्त प्रायः प्रदोष काल या चंद्रमा की वृद्धि वाले समय में होता है। Satyanarayan Vrat इस पूजा के लिए पंचांग देखकर शुभ तिथि और समय का चयन करें, जिससे भगवान विष्णु की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त हो।

कब है शरद पूर्णिमा? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और धन वृद्धि के अचूक उपाय

हिंदू धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान सत्यनारायण व्रत करने से और कथा सुनने से पुण्य फल प्राप्त होती है। श्री सत्यनारायण पूजा भगवान नारायण का आशीर्वाद लेने के लिए की जाती है जो भगवान विष्णु के रूपों में से एक हैं। इस रूप में भगवान को सत्य का अवतार माना जाता है। हालांकि सत्यनारायण पूजा करने के लिए कोई निश्चित दिन नहीं है, लेकिन पूर्णिमा या पूर्णिमा के दौरान इसे करना बेहद शुभ माना जाता है।

सत्यनारायण पूजा तिथि और मुहूर्त:Satyanarayan Puja date and time

Satyanarayan Vrat श्री सत्यनारायण पूजा नारायण यानी भगवान विष्णु को समर्पित है। यह पूजा भगवान का आशीर्वाद पाने और जीवन में सुख-समृद्धि लाने के लिए की जाती है। वैसे तो सत्यनारायण पूजा किसी भी दिन की जा सकती है, Satyanarayan Vrat लेकिन पूर्णिमा के दिन इसका विशेष महत्व माना गया है। इस दिन श्रद्धालुओं द्वारा उपवास रखने का विधान है। सत्यनारायण पूजा प्रातःकाल या सायंकाल दोनों समय की जा सकती है, लेकिन सायंकाल का समय अधिक उपयुक्त माना जाता है, क्योंकि इस समय पूजा के बाद व्रती जातक प्रसाद ग्रहण कर अपना उपवास पूर्ण कर सकते हैं।

Ashwin Satyanarayan Vrat Puja Puja: सत्यनारायण व्रत की पूजा विधि

शास्त्रों के अनुसार इस व्रत को करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है ऐसा माना जाता है। Satyanarayan Vrat पूजा सुबह के साथ-साथ शाम को भी की जा सकती है और शाम को सत्यनारायण पूजा करना अधिक उपयुक्त माना जाता है।

इस दिन सुबह जल्दी उठकर जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए।
इसके बाद सत्यनारायण की मूर्ति को स्थापित करें और उसके चारों ओर केले के पत्ते बांध दें।
पंचामृतम (दूध, शहद, घी/मक्खन, दही और चीनी का मिश्रण) का उपयोग देवता को साफ करने के लिए किया जाता है, आमतौर पर शालिग्राम, जो महा विष्णु का दिव्य पत्थर है।
चौकी पर जल से भरा कलश रखें और देसी घी का दीपक जलाएं।
अब सत्यनारायण की पूजा और कथा करें।
भुने हुए आटे में शक्कर मिलाकर भगवान को अर्पित करें।
प्रसाद में तुलसी जरूर डालें।
पूजा के बाद प्रसाद बांटें।

Satyanarayan Vrat पूजा एक आरती के साथ समाप्त होती है, जिसमें भगवान की छवि या देवता के चारों ओर कपूर से जलाई गई एक छोटी सी आग की परिक्रमा होती है। आरती के बाद व्रतियों को पंचामृत और प्रसाद ग्रहण करना होता है। व्रती पंचामृत से व्रत तोड़ने के बाद प्रसाद ग्रहण कर सकते हैं।

Bhishma Ashtami 2026 Date And Time: भीष्म अष्टमी तिथि, तर्पण विधि, शुभ मुहूर्त और संतान प्राप्ति का महाव्रत Bhishma Ashtami 2026

Bhishma Ashtami 2026 Date And Time: भीष्म अष्टमी तिथि, तर्पण विधि, शुभ मुहूर्त और संतान प्राप्ति का महाव्रत

Bhishma Ashtami 2026 Mein Kab Hai: भारतीय संस्कृति में मृत्यु को केवल अंत नहीं, बल्कि एक नई यात्रा का आरंभ…

Narmada Jayanti 2026 Date And Time: नर्मदा जयन्ती तिथि, शुभ मुहूर्त, जन्म कथा और पूजा की सम्पूर्ण विधि Narmada Jayanti 2026

Narmada Jayanti 2026 Date And Time: नर्मदा जयन्ती तिथि, शुभ मुहूर्त, जन्म कथा और पूजा की सम्पूर्ण विधि

Narmada Jayanti 2026 Mein kab Hai: भारत भूमि पर नदियों को केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि देवी माँ के…

Devnarayan Jayanti 2026 Date And Time: देवनारायण जयंती तिथि, शुभ मुहूर्त और भगवान विष्णु के अवतार की गौरव गाथा Devnarayan Jayanti 2026

Devnarayan Jayanti 2026 Date And Time: देवनारायण जयंती तिथि, शुभ मुहूर्त और भगवान विष्णु के अवतार की गौरव गाथा

Devnarayan Jayanti 2026 Mein Kab Hai: भारत भूमि हमेशा से शूरवीरों और सिद्ध महापुरुषों की धरती रही है। राजस्थान के…

साल 2025 के श्री सत्यनारायण पूजा की तिथि व मुहूर्त:Ashwin Satyanarayan Vrat 2025 Date and Time

सत्यनारायण पूजा डेट 2025:satyanarayan puja date 2025

13 जनवरी 2025, सोमवार (पौष, शुक्ल पूर्णिमा)

  • पूर्णिमा प्रारम्भ -13 जनवरी, 05:03 AM
  • पूर्णिमा समाप्त – 14 जनवरी 03:56 AM

12 फरवरी 2025, बुधवार (माघ, शुक्ल पूर्णिमा)

  • पूर्णिमा प्रारम्भ – 11 फरवरी 06:55 PM
  • पूर्णिमा समाप्त – 12 फरवरी 07:22 PM

13 मार्च 2025, बृहस्पतिवार (फाल्गुन, शुक्ल पूर्णिमा)

  • पूर्णिमा प्रारम्भ – 13 मार्च 10:35 AM
  • पूर्णिमा समाप्त – 14 मार्च 12:23 PM

12 अप्रैल 2025, शनिवार (चैत्र, शुक्ल पूर्णिमा)

  • पूर्णिमा प्रारम्भ – 12 अप्रैल, 03:21 AM
  • पूर्णिमा समाप्त – 13 अप्रैल, 05:51 AM

12 मई 2025, सोमवार (वैशाख, शुक्ल पूर्णिमा)

  • पूर्णिमा प्रारम्भ -11 मई 08:01 PM
  • पूर्णिमा समाप्त – 12 मई 10:25 PM

10 जून 2025, मंगलवार (ज्येष्ठ, शुक्ल पूर्णिमा)

  • पूर्णिमा प्रारम्भ – 10 जून, 11:35 AM
  • पूर्णिमा समाप्त – 11 जून 01:13 PM

10 जुलाई 2025, बृहस्पतिवार (आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा)

  • पूर्णिमा प्रारम्भ – 10 जुलाई 01:36 AM
  • पूर्णिमा समाप्त – 11 जुलाई 02:06 AM

09 अगस्त 2025, शनिवार (श्रावण, शुक्ल पूर्णिमा)

  • पूर्णिमा प्रारम्भ -08 अगस्त, 02:12 PM
  • पूर्णिमा समाप्त – 09 अगस्त, 01:24 PM

07 सितम्बर 2025, रविवार (भाद्रपद, शुक्ल पूर्णिमा)

  • पूर्णिमा प्रारम्भ – 07 सितम्बर, 01:41 AM
  • पूर्णिमा समाप्त – 07 सितम्बर, 11:38 PM

06 अक्टूबर 2025, सोमवार (आश्विन, शुक्ल पूर्णिमा)

  • पूर्णिमा प्रारम्भ – 06 अक्टूबर, 12:23 PM
  • पूर्णिमा समाप्त – 07 अक्टूबर, 09:16 AM

05 नवम्बर 2025, बुधवार (कार्तिक, शुक्ल पूर्णिमा)

  • पूर्णिमा प्रारम्भ – 04 नवम्बर, 10:36 PM
  • पूर्णिमा समाप्त – 05 नवम्बर 06:48 PM

04 दिसम्बर 2025, बृहस्पतिवार (मार्गशीर्ष, शुक्ल पूर्णिमा)

  • पूर्णिमा प्रारम्भ – 04 दिसम्बर, 08:37 AM
  • पूर्णिमा समाप्त – 05 दिसम्बर, 04:43 AM

तो ये थी जानकारी साल 2025 के श्री सत्यनारायण पूजा की डेट व तिथि के बारे में। आप भी इन पूर्णिमा तिथियों पर भगवान विष्णु को समर्पित ये अनुष्ठान अवश्य करें, और उनके आशीर्वाद से अपने जीवन को धन्य बनाएं। व्रत-त्यौहारों व अन्य धार्मिक जानकारियों के लिए जुड़े रहिए ‘श्री मंदिर’ पर।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *