Pradosh Vrat 2025

Pradosh Vrat 2025 Date: भाद्रपद महीने का पहला प्रदोष व्रत कब है? यहां पता करें शुभ मुहूर्त और योग

Pradosh Vrat 2025: भगवान शिव की असीम कृपा प्राप्त करने के लिए भक्तगण हर महीने प्रदोष व्रत रखते हैं। यह पवित्र व्रत प्रत्येक माह की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है और चूंकि हर महीने में दो त्रयोदशी तिथियां होती हैं, इसलिए साल में कुल 24 प्रदोष व्रत पड़ते हैं। आइए आपको बताते हैं कि अगस्त महीने में कब-कब यह व्रत रखा जाएगा। साथ ही, पूरे साल की तिथियों के बारे में भी यहां जानकारी लें।

हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का खास महत्व है। यह व्रत हर महीने की त्रयोदशी को भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करके उनकी कृपा पाने के लिए रखा जाता है। ऐसा माना जाता है कि जो भक्त इस दिन पूरी श्रद्धा से पूजा करते हैं, उन्हें अच्छे फल मिलते हैं। यह व्रत दुखों को दूर करने, अच्छी सेहत और सुख-शांति पाने के लिए बहुत शुभ माना जाता है।

भाद्रपद महीना बेहद खास होता है। यह महीना जगत के पालनहार भगवान कृष्ण को समर्पित होता है। इस माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है। वहीं, शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर श्रीजी यानी राधा रानी का जन्मोत्सव मनाया जाता है।

Pradosh Vrat 2025 इससे पहले शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के अगले दिन गणेश चतुर्थी मनाई जाती है। इस शुभ अवसर पर भगवान गणेश की पूजा की जाती है। इस माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत मनाया जाता है। इस दिन देवों के देव महादेव की भक्ति भाव से पूजा की जाती है। साथ ही उनके निमित्त व्रत रखा जाता है। आइए, भाद्रपद माह के पहले प्रदोष व्रत की सही डेट और शुभ मुहूर्त जानते हैं-

Pradosh Vrat 2025 Date: भाद्रपद महीने का पहला प्रदोष व्रत कब है? यहां पता करें शुभ मुहूर्त और योग

कब है प्रदोष व्रत? (Pradosh Vrat 2025 Kab Hai)

भाद्रपद महीने का पहला प्रदोष व्रत बुधवार के दिन पड़ने वाला है। इसके लिए यह बुध प्रदोष व्रत कहलाएगा। बुध प्रदोष व्रत करने से मचाही मुराद पूरी होती है। साथ ही कारोबार संबंधी परेशानी दूर होती है। साधक श्रद्धा भाव से Pradosh Vrat 2025 प्रदोष व्रत के दिन शिव परिवार की पूजा करते हैं।

भाद्रपद महीना बेहद खास होता है। यह महीना जगत के पालनहार भगवान कृष्ण को समर्पित होता है। Pradosh Vrat 2025 इस माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है। वहीं, शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर श्रीजी यानी राधा रानी का जन्मोत्सव मनाया जाता है।

प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त (Pradosh Vrat Shubh Muhurat)

भाद्रपद महीने का Pradosh Vrat 2025 पहला प्रदोष व्रत 20 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन त्रयोदशी तिथि दोपहर 01 बजकर 58 मिनट पर शुरू होगी और 21 अगस्त को दोपहर 12 बजकर 44 मिनट पर समाप्त होगी। इस प्रकार 20 अगस्त के दिन बुध प्रदोष व्रत मनाया जाएगा। 20 अगस्त के दिन पूजा का समय शाम 06 बजकर 56 मिनट से लेकर 09 बजकर 07 मिनट तक है।

साधक अपनी सुविधा अनुसार समय पर स्नान-ध्यान कर देवों के देव महादेव और जगत की देवी मां पार्वती की पूजा कर सकते हैं। वहीं, प्रदोष काल में महादेव की पूजा- आरती अवश्य करें। 

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What is effective in Pradosh Vrat:प्रदोष व्रत में क्या खाएं?

त्रयोदशी तिथि के दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान शिव और मां पार्वती की विधिपूर्वक पूजा करें और महादेव का ध्यान कर व्रत का संकल्प लें। प्रदोष व्रत के दौरान खानपान (Pradosh Vrat me kya kya khaye) के नियम का पालन करना चाहिए। Pradosh Vrat 2025 व्रत के दौरान संतरा, केला, सेब समेत आदि चीजों का सेवन कर सकते हैं।

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साथ ही दूध, दही, सिंघाड़े का हलवा, साबूदाना की खिचड़ी, कुट्टू के आटे की पूड़ी भी व्रत थाली में शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा नारियल पानी और समा चावल की खीर भी खा सकते हैं।

What not to eat during Pradosh fast: प्रदोष व्रत में क्या न खाएं?

प्रदोष व्रत के दिन लहसुन और प्याज (Pradosh Vrat me kya nahi khaye) का सेवन करने की सख्त मनाही है। इस दिन मांस मदिरा का सेवन भी नहीं करना चाहिए। इसके अलावा व्रत के दौरान गेहूं, चावल का सेवन करने से करना बचना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इन चीजों का सेवन करने से व्रत खंडित हो सकता है और जातक को महादेव की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है।

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