May 29, 2025

Markandeya Maha Mrityunjaya Stotram:श्री मार्कंडेय कृत महामृत्युंजय स्तोत्र

Markandeya Maha Mrityunjaya Stotram in Hindi:श्री मार्कंडेय कृत महामृत्युंजय स्तोत्र हिंदी पाठ Markandeya Maha Mrityunjaya Stotram “ऊँ अस्य श्रीसदाशिवस्तोत्रमन्त्रस्य मार्कण्डेय ऋषि:,श्रीसदाशिवो देवता गौरी शक्ति: मम समस्तमृत्युशान्त्यर्थे जपे विनियोग: ।” Markandeya Maha Mrityunjaya Stotram:मृत्युंजय स्तोत्र रत्नसानुशरासनं रजताद्रिश्रृंगनिकेतनंशिण्जिनीकृतपन्नगेश्वरमच्युतानलसायकम् ।क्षिप्रदग्धपुरत्रयं त्रिदशालयैरभिवन्दितंचन्द्रशेखरमाश्रये मम किं करिष्यति वै यम: ।। 1 ।। पंचपादपपुष्पगन्धिपदाम्बुजव्दयशोभितंभाललोचनजातपावकदग्धमन्मथविग्रहम् ।भस्मदिग्धकलेवरं भवनाशिनं भवमव्ययंचन्द्रशेखरमाश्रये मम किं करिष्यति वै यम: ।। 2 ।। मत्तवारणमुख्यचर्मकृतोत्तरीयमनोहरंपंकजनासनपद्मलोचनपूजिताड़् घ्रिसरोरुहम् ।देवसिद्धतरंगिणीकरसिक्तशीतजटाधरंचन्द्रशेखरमाश्रये मम किं करिष्यति वै यम: ।। 3 ।। कुण्डलीकृतकुण्डलीश्वरककुण्डलं वृषवाहनंनारदादिमुनीश्वरस्तुतवैभवं भुवनेश्वरम् ।अन्धकान्तकमाश्रितामरपादपं शमनान्तकंचन्द्रशेखरमाश्रये मम किं करिष्यति वै यम: ।। 4 ।। यक्षराजसखं भगक्षिहरं भुजंगविभूषणंशैलराजसुतापरिष्कृतचारुवामकलेवरम् ।क्ष्वेडनीलगलं परश्वधधारिणं मृगधारिणंचन्द्रशेखरमाश्रये मम किं करिष्यति वै यम: ।। 5 ।। भेषजं भवरोगिणामखिलापदामपहारिणंदक्षयज्ञविनाशिनं त्रिगुणात्मकं त्रिविलोचनम् ।भुक्तिमुक्तिफलप्रदं निखिलाघसंघनिबर्हणंचन्द्रशेखरमाश्रये मम किं करिष्यति वै यम: ।। 6 ।। भक्तवत्सलमर्चतां निधिमक्षयं हरिदम्बरंसर्वभूतपतिं परात्परमप्रमेयमनूपमम् ।भूमिवारिनभोहुताशनसोमपालितस्वाकृतिंचन्द्रशेखरमाश्रये मम किं करिष्यति वै यम: ।। 7 ।। विश्वसृष्टिविधायिनं पुनरेव पालनतत्परंसंहरन्तमथ प्रपंचमशेषलोकनिवासिनम् ।क्रीडयन्तमहर्निशं गणनाथयूथसमावृतंचन्द्रशेखरमाश्रये मम किं करिष्यति वै यम: ।। 8 ।। रुद्रं पशुपतिं स्थाणुं नीलकण्ठमुमापतिम् ।नमामि शिरसा देवं किं नो मृत्यु: करिष्यति ।। 9 ।। कालकण्ठं कलामूर्तिं कालाग्निं कालनाशनम् ।नमामि शिरसा देवं किं नो मृत्यु: करिष्यति ।। 10 ।। नीलकण्ठं विरुपाक्षं निर्मलं निरुपद्रवम् ।नमामि शिरसा देवं किं नो मृत्यु: करिष्यति ।। 11 ।। वामदेवं महादेवं लोकनाथं जगद्गुरुम् ।नमामि शिरसा देवं किं नो मृत्यु: करिष्यति ।। 12 ।। देवदेवं जगन्नाथं देवेशमृषभध्वजम् ।नमामि शिरसा देवं किं नो मृत्यु: करिष्यति ।। 13 ।। अनन्तमव्ययं शान्तमक्षमालाधारं हरम् ।नमामि शिरसा देवं किं नो मृत्यु: करिष्यति ।। 14 ।। आनन्दं परमं नित्यं कैवल्यपदकारणम् ।नमामि शिरसा देवं किं नो मृत्यु: करिष्यति ।। 15 ।। स्वर्गापवर्गदातारं सृष्टिस्थित्यन्तकारिणम् ।नमामि शिरसा देवं किं नो मृत्यु: करिष्यति ।। 16 ।। ।। इति श्री मार्कंडेय कृत महामृत्युंजय स्तोत्र संपूर्णम् ।।

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Maruti Stotra:श्री मारुति स्तोत्र

Maruti Stotra:मारुति स्तोत्र (श्री मारुति स्तोत्र): 17वीं शताब्दी के महान संत समर्थ रामदास स्वामी ने मारुति स्तोत्र की रचना की है। यहाँ, समर्थ रामदास स्वामी मारुति (हनुमान) का वर्णन करते हैं और इस स्तोत्र के विभिन्न छंदों में उनकी स्तुति करते हैं। मारुति स्तोत्र या हनुमान स्तोत्र का अर्थ:- मारुति स्तोत्र या हनुमान स्तोत्र भगवान हनुमान की स्तुति करने वाला भजन है। मारुति शक्ति के देवता हैं, समर्थ रामदास का मुख्य लक्ष्य स्वस्थ समाज का विकास करना था, उन्होंने “भीमरूपी स्तोत्र” की भी रचना की जो मारुति स्तोत्र का प्राथमिक भाग था। समर्थ रामदास ने मारुति की सभी जादुई शक्तियों का वर्णन किया है। पहले 13 छंद मारुति का वर्णन करते हैं, और बाद के 4 फलश्रुति हैं (या इस स्तोत्र का पाठ करने से क्या गुण / लाभ प्राप्त होते हैं)। जो कोई इस स्तोत्र का पाठ करता है, उसके सभी संकट, कठिनाइयाँ और चिंताएँ श्री हनुमान की कृपा से दूर हो जाती हैं। वे अपने सभी शत्रुओं और सभी बुरी चीज़ों से मुक्त हो जाते हैं। Maruti Stotra स्तोत्र में कहा गया है कि 1100 बार जाप करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यह स्तोत्र हनुमान जी की कृपा पाने का सबसे सफल और सिद्ध मंत्र है। Maruti Stotra:इस स्तोत्र के जाप से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और अपने भक्त को भय और भय से मुक्त कर स्वस्थ होने का आशीर्वाद देते हैं। यह एक सिद्ध मंत्र है। मारुति स्तोत्र का जाप करने वाला भक्त हमेशा हनुमान जी के पास रहता है। हनुमान जी हमेशा अपने भक्त की रक्षा करते हैं। हनुमान जी शिव के ग्यारहवें रुद्र अवतार हैं। ऐसा माना जाता है कि वे अमर हैं। वे अपने सूक्ष्म रूप में इस सूक्ष्म रूप में भी सजग रहते हैं। उनकी कृपा प्राप्त करना काफी आसान है। अपने मन में हमेशा हनुमान जी के प्रति दृढ़ विश्वास और श्रद्धा रखें। Maruti Stotra वे हमेशा अपने भक्तों पर अपनी दृष्टि रखते हैं। बजरंगबली हनुमान जी की कृपा से भक्त के मन से हर तरह का भय नष्ट हो जाता है। भक्त के अंदर आत्मविश्वास जागृत होता है। हनुमान जी का भक्त कभी किसी संकट या कठिन परिस्थिति से नहीं डरता। हनुमान की कृपा से वह सभी संकटों का सामना पूरे विश्वास और आत्मविश्वास के साथ करता है। Maruti Stotra Ke labh:मारुति स्तोत्र के लाभ Maruti Stotra:जीवन से सभी बाधाओं से छुटकारा पाने के लिए हमें इस स्तोत्र का प्रतिदिन पाठ करना चाहिए।मारुति की जादुई शक्तियाँ प्राप्त करने के लिए हमें इसका प्रतिदिन जाप करना चाहिए, हालाँकि यह मंगलवार और शनिवार को अधिक प्रभाव डालता है।भगवान हनुमान हमेशा अपने भक्तों की मदद करते हैं जब भी उन्हें ज़रूरत होती है। किसको करना चाहिए यह स्तोत्र: जिन लोगों को हर मामले और हर क्षेत्र में बाधाएँ आ रही हैं, उन्हें नियमित रूप से मारुति स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। श्री मारुति स्तोत्र हिंदी पाठ:Maruti Stotra in Hindi श्री मारुति स्तोत्र वाहन दुर्घटना से बचाव व सभी प्रकार की समस्याओं और बाधाओं से मुक्ती पाने का अचूक उपाय है। ॐ नमो भगवते विचित्रवीरहनुमते प्रलयकालानलप्रभाप्रज्वलनाय । प्रतापवज्रदेहाय । अंजनीगर्भसंभूताय । प्रकटविक्रमवीरदैत्यदानवयक्षरक्षोगणग्रहबंधनाय । भूतग्रहबंधनाय । प्रेतग्रहबंधनाय । पिशाचग्रहबंधनाय । शाकिनीडाकिनीग्रहबंधनाय । काकिनीकामिनीग्रहबंधनाय । ब्रह्मग्रहबंधनाय । ब्रह्मराक्षसग्रहबंधनाय । चोरग्रहबंधनाय । मारीग्रहबंधनाय । एहि एहि । आगच्छ आगच्छ । आवेशय आवेशय । मम हृदये प्रवेशय प्रवेशय । स्फुर स्फुर । प्रस्फुर प्रस्फुर। सत्यं कथय । व्याघ्रमुखबंधन सर्पमुखबंधन राजमुखबंधन नारीमुखबंधन सभामुखबंधन शत्रुमुखबंधन सर्वमुखबंधन लंकाप्रासादभंजन । अमुकं मे वशमानय । क्लीं क्लीं क्लीं ह्रुीं श्रीं श्रीं राजानं वशमानय । श्रीं हृीं क्लीं स्त्रिय आकर्षय आकर्षय शत्रुन्मर्दय मर्दय मारय मारय चूर्णय चूर्णय खे खे श्रीरामचंद्राज्ञया मम कार्यसिद्धिं कुरु कुरु ॐ हृां हृीं ह्रूं ह्रैं ह्रौं ह्रः फट् स्वाहा विचित्रवीर हनुमत् मम सर्वशत्रून् भस्मीकुरु कुरु । हन हन हुं फट् स्वाहा ॥ एकादशशतवारं जपित्वा सर्वशत्रून् वशमानयति नान्यथा इति ॥ ॥ इति श्री मारुति स्तोत्र संपूर्णम् ॥

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Maa Bhuvaneshwari Stotram:माँ भुवनेश्वरी स्तोत्र

Maa Bhuvaneshwari Stotram:माँ भुवनेश्वरी स्तोत्र अष्टसिद्धिरालक्ष्मी अरुणाबहुरुपिणि त्रिशूल भुक्कुरादेवी पाशाकुशविदारिणी ॥ १ ॥ खड्गखेटधरादेवी घण्टनि चक्रधारिणीषोडशी त्रिपुरादेवी त्रिरेखा परमेश्वरी ॥ २ ॥ कौमारी पिंगलाचैव वारीनी जगामोहिनीदुर्गदेवी त्रिगंधाच नमस्ते शिवनायक ॥ ३ ॥ एवंचाष्टशतनामंच श्लाके त्रिनयभावितंभक्तये पठेन्नित्यं दारिद्रयं नास्ति निश्चितं ॥ ४ ॥ एकः काले पठेन्नित्यं धनधान्य समाकुलंद्विकालेयः पठेन्नित्यं सर्व शत्रुविनाशानं ॥ ५ ॥ त्रिकालेयः पठेन्नित्यं सर्व रोग हरम परंचतुःकाले पठेन्नित्यं प्रसन्नं भुवनेश्वरी ॥ ६ ॥ इति श्री रुद्रयावले ईश्वरपार्वति संवादे ॥ इति माँ भुवनेश्वरी स्तोत्र सम्पूर्णम् ॥

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Kanwar Yatra 2025:कब से शुरू होगी कांवड़ यात्रा,इस बार कितने पड़ेंगे सावन में सोमवार

Kanwar Yatra 2025:सावन( Kab Se Hai Sawan 2025) का महीना देवों के देव महादेव को समर्पित है। इस माह में भगवान शिव की पूजा-अर्चना करना शुभ माना जाता है और इस माह में कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra 2025) की शुरुआत होती है। इस दौरान हरिद्वार में बेहद खास रौनक देखने को मिलती है। हिंदू कैलेंडर का पांचवा सावन (Sawan 2025) होता है, जिसे श्रावण माह के नाम से भी जाना जाता है। इस माह में महादेव के संग मां पार्वती की पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही कांवड़ यात्रा की शुरुआत होती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, कांवड़ यात्रा की शुरुआत भगवान परशुराम ने की थी। तभी से कांवड़ यात्रा की परंपरा जारी है। इस पावन यात्रा में अधिक संख्या में शिव भक्त शामिल होते हैं। हरिद्वार से जल लाकर सावन शिवरात्रि के शुभ अवसर पर महादेव का अभिषेक करते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि कब से शुरू होगी कांवड़ यात्रा। साल 2025 में कितने सोमवार – How many Mondays in the year 2025 इस बार सावन में 4 सोमवार पड़ेंगे.  Sawan somvar list 2025 : सावन का महीना शिव भक्तों के लिए बहुत खास होता है. Kanwar Yatra 2025 इस दौरान भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा अर्चना करना शुभफलदायी माना जाता है. सोमवार का उपवास करने से वैवाहिक जीवन सुखमय होता है. Kanwar Yatra 2025 साथ ही कुंआरी लड़कियों को मनचाहे वर की प्राप्ति होती है. ऐसे में आइए जानते हैं कब से सावन का महीना शुरू हो रहा है और इस बार कितने सोमवार (sawan somavar vrat 2025) पड़ रहे हैं.  सावन सोमवार व्रत 2025 तारीख – Sawan somvar calendar 2025 सावन का पहला सोमवार व्रत 14 जुलाई को सावन का दूसरा सोमवार व्रत 21 जुलाई को सावन का तीसरा सोमवार व्रत 28 जुलाई को सावन का चौथा सोमवार व्रत 04 अगस्त को  कब से शुरू होगी कांवड़ यात्रा 2025 (Kawad Yatra 2025 Start Date) इस बार 11 जुलाई से सावन माह की शुरुआत हो रही है। Kanwar Yatra 2025 ऐसे में इसी दिन से कांवड़ यात्रा की शुरुआत होगी और सावन शिवरात्रि के दिन कांवड़ यात्रा का जल चढ़ेगा। सावन शिवरात्रि 2025 डेट (Sawan Shivratri 2025) Kanwar Yatra 2025 हर महीन के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि शिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 23 जुलाई को सुबह 04 बजकर 39 मिनट से होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 24 जुलाई को देर रात 02 बजकर 28 मिनट से होगी। ऐसे में सावन शिवरात्रि का पर्व 23 जुलाई को मनाया जाएगा। सावन के महीने में क्या करें – What to do in the month of Sawan सावन के महीने में क्या न करें – What not to do in the month of Savan Sawan Month 2025 start date and End date: कब से शुरू हो रहा है सावन का महीना, जानें व्रत तिथि, पूजन विधि… शिव मंत्र (Shiv Mantra) 1. सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्।उज्जयिन्यां महाकालं ओम्कारम् अमलेश्वरम्॥परल्यां वैद्यनाथं च डाकिन्यां भीमशङ्करम्।सेतुबन्धे तु रामेशं नागेशं दारुकावने॥वाराणस्यां तु विश्वेशं त्र्यम्बकं गौतमीतटे।हिमालये तु केदारं घुश्मेशं च शिवालये॥एतानि ज्योतिर्लिङ्गानि सायं प्रातः पठेन्नरः।।2. ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

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Sapne Mein Deepak:जलता देखना जानिए क्या कहता है ज्योतिष,क्या हैं इसके संकेत

Sapne Mein Deepak:सपनों को भविष्य की घटनाओं का सूचक माना जाता है. सपने में जलता हुआ दीपक देखना अच्छा माना जाता है. यह सपना बताता है कि आपके अच्छे दिन शुरू होने वाले हैं. Deepak Dreams Meaning: स्वप्नशास्त्र के अनुसार हर सपना हमें भविष्य की घटनाओं का संकेत देता है. हर सपने के अलग-अलग मायने होते हैं. कई बार कुछ सपने ऐसे होते हैं जो सुबह उठते ही भूल जाते हैं लेकिन कई सपने ऐसे होते हैं जो हमें याद रह जाते हैं.  सपने में जलता दीपक देखने का भी एक खास मतलब होता है. यह सपना लाभ और सम्मान का संकेत देता है. आइए जानते हैं कि सपने में जलता दिया देखने के क्या मायने होते हैं. सपने में जलता दिया देखने का मतलब:Meaning of seeing a burning lamp in a dream सपनों में जलता दीपक देखना Sapne mein Diya Dekhne Ka Matlab Sapne Mein Deepak:स्वप्न शास्त्र के अनुसार सपने में यदि किसी व्यक्ति को जलता हुआ दीपक दिखाई देता है तो यह उसके लिए शुभ संकेत हो सकता है. जलता हुआ दीपक देखने का अर्थ है कि आने वाले भविष्य में आप के मान-सम्मान, प्रतिष्ठा में वृद्धि होने वाली है. इसके अलावा समाज में आपके परिवार का रुतबा बढ़ सकता है. जलते हुए दीपक को सपने में देखना राजयोग बनने के संकेत भी हैं. जलता हुआ दीपक आपके पद प्राप्ति के योग भी बनाता है. जिस प्रकार एक जलता हुआ दीपक अंधेरे को दूर भगा कर रोशनी फैलाता है, उसी प्रकार यह संकेत करता है कि आपके जीवन से असफलता दूर जाने वाली है और जल्द ही आपकी सफलता के मार्ग खुलने वाले हैं. सपने में अखंड ज्योत जलते देखना Sapne mein Akhand Jyoti Jalte Dekhne स्वप्न शास्त्र में बताया गया है कि यदि कोई व्यक्ति अपने सपने में जलती हुई अखंड ज्योत को देखता है तो यह संकेत है Sapne Mein Deepak कि वह व्यक्ति दीर्घायु वाला है और उसे आने वाले भविष्य में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से मुक्ति मिलेगी. सपनों में बुझा दीपक देखना Sapne mein bhuja deepak dekhna जिस प्रकार सपने में जलता हुआ दीपक देखना शुभ संकेत होता है, Sapne Mein Deepak उसी प्रकार यदि सपने में बुझा हुआ दीपक दिखाई देता है तो यह एक अशुभ सपना माना गया है. स्वप्न शास्त्र मानता है कि यह संकेत दे रहा है कि आपकी इच्छा शक्ति कमजोर हो रही है. यदि आप किसी काम को करने में मेहनत करते हैं तो उस काम में आपकी मेहनत के अनुसार फल प्राप्त नहीं होगा. सपने में बुझा हुआ दीपक आपको संकेत देता है कि आप जिस भी क्षेत्र में कार्य करेंगे, Sapne Mein Deepak वहां आपको असफलता ही हाथ लगने वाली है. इसके अलावा यह आपको स्वास्थ्य संबंधित परेशानियों के बारे में भी संकेत करता है. सपने में जलता दिया देखने का मतलब अन्य संकेत:Meaning of seeing a burning lamp in dream Other signs Sapne Mein Deepak स्वप्न शास्त्र में हर सपनों की व्याख्या की गई है. इसके अनुसार जलते दीपक का सपना देखना बहुत शुभ माना जाता है. Sapne Mein Deepak जलता हुआ दीपक संकेत देता है कि आने वाले भविष्य में आप के मान-सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि होने वाली है.  जलता दीपक बताता है कि समाज में आपका रुतबा बढ़ सकता है. यह सपना राजयोग बनने के भी संकेत देता है. जलते दीपक का सपना बताता है कि जल्द ही आपको नौकरी में तरक्की भी मिल सकती है. जलता हुआ दीपक अंधेरे को दूर करता है और रोशनी फैलाता है. Sapne Mein Deepak इस तरह का सपना देखना इस बात का संकेत देता है कि आपके जीवन से जल्द ही असफलता दूर खत्म होने वाली है और आपके सफलता के मार्ग खुलने वाले हैं. स्वप्न शास्त्र के अनुसार अगर आपने सपने में जलती हुई अखंड ज्योत देखी है तो यह आपके दीर्घायु होने का संकेत देता है. अगर आप किसी बीमारी से जूझ रहे हैं तो आपको जल्द ही उससे मुक्ति मिल सकती है.  जिस तरह सपने में जलता हुआ दीपक देखना शुभ माना जाता है, उसी तरह सपने में बुझा हुआ दीपक दिखाई देखना बहुत अशुभ सपना माना गया है. स्वप्न शास्त्र के अनुसार बुझा हुआ दीपक बताता कि आपको किसी काम में असफलता मिलने वाली है. सपने में बुझा हुआ दीपक दिखे तो आपको सावधान हो जाना चाहिए. ये सपना बताता है कि आपको जल्द ही स्वास्थ्य संबंधी कुछ परेशानियां घेर सकती हैं.

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