May 11, 2025

1200 + Meaning of Dreams in Hindi:ऐसे सपनें जिसे देखने से मिलता है ये फल

Dreams:स्वप्न ज्योतिष के अनुसार नींद में दिखाई देने वाले हर सपने का एक ख़ास संकेत होता है, एक ख़ास फल होता है। आइए जानें 1200 ऐसे सपनो के स्वपन ज्योतिष के अनुसार संभावित फल । स्वप्न ज्योतिष के अनुसार नींद में दिखाई देने वाले हर सपने का एक ख़ास संकेत होता है, एक ख़ास फल होता है। आइए जानें 1200 ऐसे सपनो के स्वपन ज्योतिष के अनुसार संभावित फल । Meaning of Dreams in Hindi 1 अँधा देखना – कार्य में रूकावट आये2 अँधेरा देखना – विपत्ति आये3 अंक देखना – विषम शुभ4 अंक देखना – सम अशुभ5 अंग कटे देखना – स्वास्थ्य लाभ 6 अंग दान करना – उज्जवल भविष्य , पुरस्कार7 अंग रक्षक देखना – चोट लगने का खतरा8 अंगारों पर चलना – शारीरिक कष्ट9 अंगीठी जलती देखना – अशुभ10 अंगीठी बुझी देखना – शुभ 11 अंगुली काटना – परिवार में कलेश12 अंगूठा चूसना – पारवारिक सम्पति में विवाद13 अंगूठी पहनना – सुंदर स्त्री प्राप्त करना14 अंगूर खाना – स्वस्थ्य लाभ15 अंजन देखना – नेत्र रोग 16 अंडे खाना – Dreams पुत्र प्राप्ति17 अख़बार पढ़ना – खरीदना वाद विवाद18 अखरोट देखना – भरपुर भोजन मिले तथा धन वृद्धि हो19 अगरबत्ती अर्पित करना – शुभ20 अगरबत्ती जलती देखना – दुर्घटना हो 21 अगरबत्ती देखना – धार्मिक अनुष्ठान हो22 अचार खाना , बनाना – सिर दर्द, पेट दर्द23 अजगर दिखाई देना – व्यापार में हानि24 अजगर देखना – शुभ25 अजनबी मिलना – अनिष्ट की पूर्व सूचना 26 अजवैन खाना – स्वस्थ्य लाभ27 अजीब वस्तु देखना – प्रियजन के Dreams आने की सूचना28 अट्हास करना – दुखद समाचार मिले29 अदरक खाना – मान सम्मान बढे30 अध्यक्ष बनना – मान हानि 31 अध्यन करना – असफलता मिले32 अध्यापक देखना – सफलता मिले33 अध्र्चन्द्र देखना – औरत से सहयोग मिले34 अनाज देखना – चिंता मिले35 अनानास खाना – पहले परेशानी फिर राहत मिले 36 अनार का रस पीना – प्रचुर धन प्राप्त होना37 अनार के पत्ते खाना – शादी शीघ्र हो38 अनार खाना – (मीठा ) धन मिले39 अनार देखना – धन प्राप्ति के योग40 अन्तेस्ति देखना – परिवार में मांगलिक कार्य 41 अन्य रंग का कुरता देखना – अशुभ42 अपठनीय अक्षर पढना – दुखद समाचार मिले43 अपने आप को अकेला देखना – Dreams लम्बी यात्रा44 अपने को आकाश में उड़ते देखना – सफलता प्राप्त हो45 अपने दांत गिरते देखना – बंधू बांधव को कष्ट हो 46 अपने पर दूसरौ का हमला देखना – लम्बी उम्र47 अपहरण देखना – लम्बी उम्र48 अप्सरा देखना – धन और मान सम्मान की प्राप्ति49 अभिमान करना – अपमानित होना50 अमरुद खाना – धन मिले 51 अमलतास के फूल पीलिया या कोढ़ का रोग होना52 अमावस्या होना – दुःख संकट से छुटकारा53 अरबी देखना – सर दर्द या पेट दर्द54 अरहर खाना – पेट में दर्द55 अरहर देखना – शुभ 56 अर्थी देखना – बीमारी से छुटकारा57 अर्थी देखना – धन लाभ हो58 अलमारी खुली देखना – धन हानि हो59 अलमारी बंद देखना – धन प्राप्ति हो60 अस्त्र देखना – संकट से रक्षा 61 अस्त्र शस्त्र देखना – मुकद्में में हार62 अस्त्र से स्वयं को कटा देखना – शीघ्र कष्ट मिले63 अस्थि देखना – संकट टलना64 आँचल देखना – प्रतियोगिता में विजय65 आँचल में मुँह छिपाना – मान समान की प्राप्ति 66 आँचल से आंसू पोछना – अछा समय आने वाला है67 आंखों में काजल लगाना – शारीरिक कष्ट होना68 आंधी देखना – संकट से छुटकारा69 आंधी में गिरना – सफलता मिलेगी70 आंधी-तूफान देखना – यात्रा में कष्ट होना 71 आंवला खाते देखना – मनोकामना – पूर्ण होना72 आंवला देखना – मनोकामना – पूर्ण न होना73 आंसू देखना – परिवार में मंगल कार्य हो74 आइना – देखना – इच्छा पूरण हो , अछा दोस्त मिले75 आइना – में अपना – मुहं देखना – नौकरी में परेशानी , पत्नी में परेशानी 76 आइसक्रीम खाना – सुख शांति मिले77 आक देखना – शारारिक कष्ट78 आकाश की ओर उड़ना – लम्बी यात्रा हो79 आकाश देखना – पुत्र प्राप्ति80 आकाश में उडऩा लंबी यात्रा करना 81 आकाश में बादल देखना – जल्दी तरक्की होना82 आकाश से गिरना – संकट में फंसना83 आग जला कर भोजन बनाना – धन लाभ , नौकरी में तरक्की84 आग देखना – गलत तरीके से धन की प्राप्ति हो85 आग से कपडा जलना – अनेक दुख मिले , आँखों का रोग 86 आजाद होते देखना – अनेक चिन्ताओ से मुक्ति87 आट्टा देखना – कार्य पूरा हो88 आत्महत्या करना – या देखना – लम्बी आयु89 आभूषण देखना – कोई कार्य पूर्ण होना90 आम खाते देखना – धन और संतान का सुख91 आम खाना – धन प्राप्त होना92 आरा चलता हुआ देखना – संकट शीघ्र समाप्त होगे93 आरा रूका हुआ देखना – नए संकट आने का संकेत94 आरू देखना – प्रसनता की प्राप्ति 95 आलिंगन देखना – औरत का औरत से धन प्राप्ति का संकेत96 आलिंगन देखना – औरत का पुरुष से पति से बेवफाई की सूचना97 आलिंगन देखना – पुरुष का औरत से काम सुख की प्राप्ति98 आलिंगन देखना – पुरुष का पुरुष से शत्रुता बढ़ना99 आलू देखना – भरपूर भोजन मिले100 आवाज सुनना – अछा समय आने वाला है101 आवारागर्दी करना – धन लाभ हो नौकरी मिले 102 आवेदन करना – या लिखना – लम्बी यात्रा हो103 आश्रम देखना – व्यापार में घाटा104 आसमान देखना – ऊचा पद प्राप्त हो105 आसमान में बिजली देखना – कार्य-व्यवसाय में स्थिरता106 आसमान में स्वयं को गिरते देखना – व्यापार में हानि107 आसमान में स्वयं को देखना – अच्छी यात्रा का संकेत108 इंजन चलता देखना – यात्रा हो , शत्रु से सावधान109 इंद्रधनुष देखना – उत्तम स्वास्थ्य 110 इक्का देखना – ईंट का कष्टकारक स्तिथि111 इक्का देखना – चिड़ी का गृह क्लेश ,अतिथि आने की सूचना112 इक्का देखना – पान का पारवारिक क्लेश113 इक्का देखना – हुकम का दुःख व् निराशा मिले114 इडली साम्भर खाते देखना – सभी से सहयोग मिले115 इत्र लगाना – अछे फल की प्राप्ति, मान सम्मान बढेगा116 इन्द्रधनुष देखना – संकट बढे , धन हानि हो117 इमली खाते देखना – औरत के लिए शुभ ,पुरुष के लिए अशुभ118 इमारत देखना – मान सम्मान बढे, धन लाभ हो119 इलाइची देखना – – मान सम्मान की प्राप्ति120 इश्तहार पढना – धोखा मिले, चोरी हो121 इष्ट देव की मूर्ति चोरी

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Masik Shivratri 2025 List:साल 2025 में कब-कब है मासिक शिवरात्रि,जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और मंत्र

Masik Shivratri 2025 List: हिंदू धर्म में मासिक शिवरात्रि और महाशिवरात्रि दोनों का ही विशेष महत्व होता है। पंचांग के अनुसार, मासिक शिवरात्रि का व्रत हर माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को रखा जाता है, जबकि मासिक शिवरात्रि का पर्व साल में एक बार में मनाया जाता है। मासिक शिवरात्रि के दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा की जाती है। इस दिन मनोवांछित फल की प्राप्ति के लिए भक्त व्रत रखते हैं। ऐसी मान्यता है कि मासिक शिवरात्रि का व्रत करने से भक्तों की सभी परेशानियां दूर होती हैं। ऐसे में अगर नए साल में आप भी Masik Shivratri मासिक शिवरात्रि का व्रत रखने वाले हैं तो साल 2025 में मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri 2025 List) की सही डेट एवं पूरी लिस्ट नोट कर लें। हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है. मान्यता है कि मासिक शिवरात्रि व्रत करने से भगवान शंकर प्रसन्न होते हैं. शास्त्रों के अनुसार, देवी लक्ष्मी, सरस्वती, इंद्राणी, गायत्री, सावित्रि और माता पार्वती ने शिवरात्रि का व्रत किया था और शिव कृपा से अनंत फल प्राप्त किए थे. धार्मिक मान्यता है कि भगवान शिव का देवी पार्वती से विवाह चतुर्दशी की रात्रि में हुआ था. इसलिए मासिक शिवरात्रि पर रात्रि में पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है. Masik Shivratri Puja Vidhi मासिक शिवरात्रि पूजा विधि शिव मंत्र Shiv Mantra बेहद खास होती है मासिक शिवरात्रि Monthly Shivratri is very special भविष्य पुराण के अनुसार, प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर मासिक शिवरात्रि पड़ने के कारण ये तिथि बेहद खास होती है. इस तिथि के स्वामी भगवान शिव हैं. इस दिन भगवान शिव की पूजा के साथ- साथ शिव परिवार के सभी सदस्यों की उपासना की जाती है. सुख-शांति की कामना से शिव का पूजन किया जाता है और उनके निमित्त व्रत रखा जाता है. इस दिन शिवलिंग पर पुष्प चढ़ाने तथा शिव मंत्रों के जप का विशेष महत्व है. इस दिन पूरे विधि-विधान से शिवजी का पूजन और व्रत किया जाता है. Masik Shivratri मासिक शिवरात्रि व्रत के प्रभाव से व्यक्ति काम, क्रोध, लोभ और मोह आदि के बंधन से मुक्त हो जाता है. मासिक शिवरात्रि व्रत के लाभ Masik Shivratri Vrat labh ऐसी मान्यता है कि शिव मंत्रों का जाप शिवालय या घर के पूर्व भाग में बैठकर करने से अधिक फल प्राप्त होता है. मासिक शिवरात्रि की पूजा के बाद ब्राह्मणों को भोजन कराकर स्वयं भोजन करना चाहिए. मासिक शिवरात्रि का व्रत जो भी भक्त पूरे श्रद्धाभाव से करता है, उसके माता-पिता के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं. साथ ही स्वयं के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं और उस व्यक्ति जीवन को जीवन के सारे सुख प्राप्त होते हैं. इस व्रत की महिमा से व्यक्ति दीर्घायु, ऐश्वर्य, आरोग्य और संतान आदि प्राप्त करता है. ऐसी मान्यता है कि इस व्रत को करने वाले व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं. 2025 की मासिक शिवरात्रि की पूरी लिस्ट (Masik Shivratri 2025 List) 27 जनवरी 2025, सोमवार मासिक शिवरात्रि (माघ)26 फरवरी 2025, बुधवार महा शिवरात्रि (फाल्गुन)27 मार्च 2025, बृहस्पतिवार मासिक शिवरात्रि (चैत्र)26 अप्रैल 2025, शनिवार मासिक शिवरात्रि (वैशाख)25 मई 2025, रविवार मासिक शिवरात्रि (ज्येष्ठ)23 जून 2025, सोमवार मासिक शिवरात्रि (आषाढ़)23 जुलाई 2025, बुधवार श्रावण शिवरात्रि (श्रावण)21 अगस्त 2025, बृहस्पतिवार मासिक शिवरात्रि (भाद्रपद)19 सितंबर 2025, शुक्रवार मासिक शिवरात्रि (आश्विन)19 अक्तूबर 2025, रविवार मासिक शिवरात्रि (कार्तिक)18 नवंबर 2025, मंगलवार मासिक शिवरात्रि (मार्गशीर्ष)18 दिसंबर 2025, बृहस्पतिवार मासिक शिवरात्रि (पौष)

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 Somvati Amavasya 2025 Date:वट सावित्री पर बना सोमवती अमावस्या का दुर्लभ संयोग, जानिए तिथि और शुभ मुहूर्त

Somvati Amavasya:हिंदू धर्म में वट सावित्री व्रत का विशेष महत्व होता है। इस दिन सुहागन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और खुशहाल जीवन के लिए रखती हैं। आइए जानते हैं वट सावित्री व्रत की तिथि, शुभ योग और शुभ मुहूर्त… Somvati Amavasya 2025 me Kab hai:धार्मिक दृष्टि से ज्येष्ठ माह (Jyeshtha Month 2025) का विशेष महत्व माना गया है। इस माह में बड़ा मंगल और निर्जला एकादशी जैसे पर्व आते हैं। इसी तरह ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि भी बहुत ही खास है। इस तिथि को आध्यात्मिक शुद्धि और पुण्य अर्जन के लिए काफी शुभ माना गया है। इसी के साथ अमावस्या तिथि पितरों की कृपा प्राप्ति के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है।  Vat Savitri Vrat 2025 Date: हिंदू धर्म में वट सावित्री व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत हर वर्ष ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि के दिन रखा जाता है। ये व्रत सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और खुशहाल जीवन के लिए रखती हैं। Somvati Amavasya इस दिन वट (बरगद) के पेड़ की पूजा की जाती है और सावित्री-सत्यवान की कथा सुनने का खास महत्व होता है। लेकिन 2025 में वट सावित्री व्रत की तिथि को लेकर थोड़ा संशय बना हुआ है, क्योंकि इस साल अमावस्या दो दिन पर पड़ रही है। ऐसे में आइए जानते हैं इस साल कब रखा जाएगा वट सावित्री का व्रत। साथ ही, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त और शुभ योग। वट सावित्री व्रत की तिथि:date of vat savitri fast पंचांग के अनुसार, 2025 में ज्येष्ठ अमावस्या 26 मई को दोपहर 12:12 बजे से शुरू होकर 27 मई की सुबह खत्म हो रही है। शास्त्रों में कहा गया है कि जिस दिन दोपहर के समय Somvati Amavasya अमावस्या हो, उसी दिन व्रत करना शुभ माना जाता है। इसलिए, इस साल वट सावित्री का व्रत 26 मई 2025 दिन सोमवार को रखा जाएगा। Somvati Amavasya:कब है ज्येष्ठ अमावस्या ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि 26 मई को दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से शुरू हो रही है। वहीं इस तिथि का समापन 27 मई को सुबह 8 बजकर 31 मिनट पर होने जा रहा है। ऐसे में ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि सोमवार, 26 मई को मनाई जाएगी। सोमवार के दिन पड़ने के कारण इसे सोमवती अमावस्या भी कहा जाएगा, जो मुख्य रूप से भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए खास मानी गई है।  इस कार्यों से मिलते हैं शुभ परिणाम These actions yield auspicious results अमावस्या के दिन किसी पवित्र नदी में स्नान करने के बाद गरीबों और जरूरतमंद लोगों को दान-पुण्य करना बेहद शुभ माना जाता है। अगर आपके लिए ऐसा करना संभव नहीं है, तो आप घर पर पानी में गंगाजल मिलाकर भी स्नान कर सकते हैं। Somvati Amavasya इसके साथ ही पितरों के आशीर्वाद के लिए अमावस्या पर पिंड दान और श्राद्ध कर्म भी जरूर करना चाहिए। प्रसन्न होंगे पितृ Father will be happy सोमवती अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ का पूजन करें और भी जरूर करें। पूजन के दौरान पीपल के पेड़ की सात बार परिक्रमा करनी चाहिए और पेड़ के नीचे सरसों के तेल में काले तिल डालकर दीपक जलाना चाहिए। इसी के साथ आपको सोमवती अमावस्या पर पितृ चालीसा (Somvati Amavasya 2025) का पाठ भी कर सकते हैं, जिससे पितरों का कृपा आपके ऊपर बनी रहे। करें इन चीजों का दान:Donate these things सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya Daan) के दिन दान का भी विशेष महत्व है। ऐसे में आप पितरों की कृपा प्राप्ति के लिए गरीबों व जरूरतमंद लोगों में अन्न, धन और वस्त्रों का दान कर सकते हैं। इसी के साथ इस दिन पर सफेद रंग की चीजें जैसे चावल, दही, मिश्री, खीर और सफेद कपड़ों का दान किया जा सकता है। इससे आपको महादेव की कृपा प्राप्ति हो सकती है। 

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