Vaishakh Purnima 2025: हिन्दू धर्म मे वैशाख पूर्णिमा व्रत का विशेष महत्व है। हिंदी पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को वैशाख पू्णिमा मनाई जाती जाती है। और वैसाख पुर्णिमा को सत्य विनायक पुर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार वैशाख पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करने का विशेष महत्व बतलाया गया है। ऐसी मान्यता है कि वैशाख पूर्णिमा के दिन ही भगवान विष्णु का तेइसवां अवतार महात्मा बुद्ध के रूप में हुआ था। इसलिए वैसाख पूर्णिमा के दिन महात्मा बुद्ध की जयंती के रूप में भी मनाई जाती है।
शास्त्रो के अनुसार बैसाख पर्णिमा के दिन पवित्र नदी में स्नान, दान, पूजा-पाठ आदि करने का विशेष महत्व होता है। ऐसी मान्यता है कि वैसाख पूर्णिमा के दिन भगवान की पूजा आराधना करने से सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। Vaishakh Purnima 2025 और उसके उलार भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इसके अलावा वैशाख पूर्णिमा के दिन भगवान धर्मराज की पूजा करने का विधान है। इसलिए इस व्रत के प्रभाव से अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता है।
पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान श्री कृष्ण के बचपन के साथी सुदामा जब द्वारिका उनके पास मिलने पहुंचे। तो भगवान श्री कृष्ण ने उन्हें सत्य विनायक पूर्णिमा व्रत करने का विधान बतलाया था। Vaishakh Purnima 2025 इसलिए वैसाख पूर्णिमा व्रत के प्रभाव से सुदामा की सारी दरिद्रता दूर हो गयी। इसलिए वैशाख पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने के बाद व्रत और पुण्य कर्म करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
आईये जानते है साल 2025 में वैशाख पूर्णिमा कब है ? 11 या 12 मई, जाने शुभ मुहूर्त, पूजा विधि महत्व और इस दिन किये जाने वाले उपाय
Vaishakh Purnima 2025 वैशाख पूर्णिमा 2025 तिथि व मुहूर्त
हिन्दू पंचांग के अनुसार साल 2025 में वैशाख पूर्णिमा 12 मई को है। Vaishakh Purnima 2025 इस दिन पूर्णिमा उपवास रखा जायेगा। इस वर्ष वैशाख पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण भी लगेगा। तथा साथ में भगवान बुद्ध जयंती भी वैशाख पूर्णिमा है।
12 मई 2025, सोमवार (वैशाख पूर्णिमा व्रत, वैशाख पूर्णिमा)
पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ – 11 मई, रात 08:01 बजे से
पूर्णिमा तिथि समाप्त – 12 मई, रात 10:25 बजे तक
Keep Satya Vinayak fast on Vaishakh Purnima वैशाख पूर्णिमा पर रखें सत्य विनायक व्रत
वैशाख पूर्णिमा पर सत्य विनायक व्रत रखने का भी विधान है। मान्यता है कि इस दिन सत्य विनायक व्रत रखने से व्रती की सारी दरिद्रता दूर हो जाती है। मान्यता है कि अपने पास मदद के लिये आये भगवान श्री कृष्ण ने अपने यार सुदामा (ब्राह्मण सुदामा) को भी इसी व्रत का विधान बताया था जिसके पश्चात उनकी गरीबी दूर हुई। Vaishakh Purnima 2025 वैशाख पूर्णिमा को धर्मराज की पूजा करने का विधान है मान्यता है कि धर्मराज सत्यविनायक व्रत से प्रसन्न होते हैं। इस व्रत को विधिपूर्वक करने से व्रती को अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता ऐसी मान्यता है।
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Vaishakh Purnima fast and worship method वैशाख पूर्णिमा व्रत व पूजा विधि
वैशाख पूर्णिमा के दिन अपने स्नान के पानी में गंगाजल मिलाकर ही स्नान करें।
तत्पश्चात साफ सुथरे वस्त्र धारण करके पूजा स्थल पर पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठ जाएं।
फिर व्रत का संकल्प लेकर भगवान विष्णु की पूजा करें।
एक साफ चौकीपर भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें।
प्रतिमा पर जलाभिषेक करें और भगवान श्रीहरि पर पुष्प, धूप, दीप, अक्षत, चंदन, तुलसी, पंचामृत, फल आदि अर्पित करें।
इसके बाद भगवान विष्णु की प्रतिमा के सामने तिल के तेल का दीपक जलाएं और Vaishakh Purnima 2025 ओम नमो भगवते वासुदेवाय नम: मंत्र का जाप करें।
हो सके तो विष्णु सहस्त्रनाम स्त्रोत का पाठ करें और आखिर में भगवान विष्णु की आरती गाएं।
तत्पश्चात किसी योग्य ब्राह्मण को जल से भरा घड़ा दान करना चाहिये। Vaishakh Purnima 2025 ब्राह्मण या किसी जरूरतमंद को भोजन करवाने के पश्चात ही स्वयं अन्न ग्रहण करना चाहिये। सामर्थ्य हो तो स्वर्णदान भी इस दिन करना चाहिये।
रात्रि के समय दीप, धूप, पुष्प, अन्न, गुड़ आदि से पूर्ण चंद्रमा की पूजा करनी चाहिये और जल अर्पित करना चाहिये।

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