January 8, 2025

Makar Sankranti 2025 Daan:मकर संक्रांति पर करें ये उपाय, भगवान सूर्य का मिलेगा आशीर्वाद

Makar Sankranti 2025: मकर संक्रांति का पर्व पौष माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को मनाया जाता है. हालांकि, मकर संक्रांति को देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग नामों जैसे लोहड़ी, उत्तरायण, खिचड़ी, टिहरी, पोंगल आदि कई नामों से जाना जाता है. इसी दिन से खरमास खत्म होता है और शुभ व मांगलिक कार्यों जैसे शादी, सगाई, मुंडन, गृह प्रवेश आदि की शुरुआत होती है.  Makar Sankranti 2025: सनातन धर्म में मकर संक्रांति तिथि का विशेष महत्व है। यह पर्व सूर्य देव के मकर राशि में गोचर करने की तिथि पर मनाया जाता है। इस दिन गंगा समेत पवित्र नदियों में स्नान-ध्यान कर सूर्य देव की पूजा की जाती है। साथ ही दान-पुण्य किया जाता है। सूर्य देव की उपासना करने से साधक को करियर में मनमुताबिक सफलता मिलती है। राशि अनुसार दान Rasi ke anusar kare dhan मेष राशि के जातक मकर संक्रांति के दिन मूंगफली, गुड़ और शहद का दान करें। वृषभ राशि के जातक मकर संक्रांति के दिन सफेद तिल और तिल के लड्डू का दान करें। मिथुन राशि के जातक मकर संक्रांति के दिन साबुत मूंग और हरी सब्जियों का दान करें। कर्क राशि के जातक मकर संक्रांति के दिन दूध, चावल और उड़द दाल का दान करें। सिंह राशि के जातक मकर संक्रांति के दिन गेहूं, गुड़, चिक्की आदि चीजों का दान करें। कन्या राशि के जातक मकर संक्रांति के दिन गन्ने और हरे रंग के कपड़े का दान करें। तुला राशि के जातक मकर संक्रांति के दिन पोहा (चूड़ा), दही और तिल का दान करें। वृश्चिक राशि के जातक मकर संक्रांति के दिन मूंगफली, शहद और चिक्की का दान करें। धनु राशि के जातक मकर संक्रांति के दिन पीले रंग के कपड़े और लड्डू का दान करें। मकर राशि के जातक मकर संक्रांति के दिन उड़द की दाल और काले तिल का दान करें। कुंभ राशि के जातक मकर संक्रांति के दिन कंबल और चमड़े के चप्पल-जूते का दान करें। मीन राशि के जातक मकर संक्रांति के दिन बेसन, चने की दाल और पके केले का दान करें। Makar Sankranti per kare ye upay मकर संक्रांति पर करें ये उपाय 1. मकर संक्रांति के दिन स्नान करने के पानी में काले तिल डालें. तिल के पानी से स्नान करना बेहद ही शुभ माना जाता है. साथ ही ऐसा करने वाले व्यक्ति को रोग से मुक्ति मिलती है. 2. मकर संक्रांति के दिन स्नान के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें और सूर्य देव को चढ़ाए जाने वाले जल में तिल अवश्य डालें. ऐसा करने से इंसान की बंद किस्मत के दरवाजे खुलते हैं. 3. इस दिन कंबल, गर्म कपड़े, घी, दाल चावल की खिचड़ी और तिल का दान करने से गलती से भी हुए पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख समृद्धि आती है.  4. पितरों की शांति के लिए इस दिन उन्हें जल देते समय उसमें तिल अवश्य डालें. ऐसा करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है. मकर संक्रांति पूजन विधि Makar Sankranti pujan vidhi इस दिन पूजा करने के लिए सूर्योदय से पहले उठकर साफ सफाई कर लें. इसके बाद यदि संभव हो तो आसपास किसी पवित्र नदी में स्नान करें. यदि ऐसा करना संभव न हो तो घर में ही गंगाजल मिलाकर स्नान करें. यदि आप व्रत रखना चाहते हैं तो इस दिन व्रत का संकल्प लें. इस दिन पीले वस्त्र पहनें क्योंकि इस दिन पीले वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है और फिर सूर्यदेव को अर्घ्य दें. इसके बाद सूर्य चालीसा पढ़ें और आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ जरूर करें.  अंत में आरती करें और गरीबों को दान करें क्योंकि इस दिन दान करने का विशेष महत्व है. Makar Sankranti 2025: मकर संक्रांति पर तिल के लड्डू क्यों बनाए जाते हैं, क्या है मान्यता? Makar Sankranti 2025: मकर संक्रांति पर क्यों बनाई जाती है खिचड़ी? जानें इसका पौराणिक महत्व Makar Sankranti 2025:मकर संक्रांति 2025 कब है 14 या 15 जनवरी, जानें, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Makar Sankranti 2025 Daan:मकर संक्रांति पर करें ये उपाय, भगवान सूर्य का मिलेगा आशीर्वाद Read More »

Peacock Dream Meaning:सपने में दिखे मोर, तो जीवन में होने वाले हैं ये तीन बड़े बदलाव

Dream Intrepretation About Peacock: सपने में हमें बहुत अलग-अलग चीजें दिखाई देते हैं। कई बार सपने में आई चीजें हमें किसी बात का संकेत देती हैं। अधिकतर लोगों ने सपने में मोर को देखा होगा। तो आइए जानते हैं सपने में मोर का अलग अलग तरीकों से दिखना किस बात का संकेत है। सपनों की दुनिया बहुत ही अजब गजब होती है। सपनों में हम बहुत सी विचित्र चीजें देख लेते हैं। लेकिन, हर सपने का मतलब जरूर होता है। सपनों के बारे में विस्तार से स्वप्न शास्त्र नाम में बताया गया है। आपने अक्सर सुना होगा की सुबह के समय जो सपने आते हैं वह बहुत ही शुभ होते हैं लेकिन, कई बार रात के समय देखे गए सपने भी बहुत शुभ फल देते हैं। लेकिन रात में आने वाले सपने भी कई बार लाभकारी साबित होते हैं। कुछ सपने ऐसे होते हैं जो अधिकतर लोगों को आते हैं। तो आज हम आपको बताने जा रहे हैं सपने में मोर देखना का क्या मतलब होता है। देखा है सफेद मोर? white moor dekhna अगर आपने सपने में सफेद रंग का मोर देखा है, तो इसका मतलब होता है कि मां लक्ष्मी आपसे खुश हैं और जल्द ही आपको धन लाभ होगा और आपके घर से दरिद्रता दूर होगी और साथ ही आपकी आर्थिक स्थिथि मजबूत होती है. इसके अलावा सपने में सफेद मोर देखने का मतलब होता है कि अगर आपके ऊपर कर्जा है, तो वो भी जल्द ही दूर होगा. Sapne me moor or morni dekhna:मोर और मोरनी देखना अगर आपने सपने में मोर और मोरनी को साथ में देखा है, तो यह आपके जीवन के लिए बहुत ही शुभ संकेत माना जाता है. सपने में मोर को देखने का मतलब होता है कि जल्द ही आपका रिश्ता होने वाला है और आपको वैवाहिक सुख प्राप्त होगा. इसके अलावा शादीशुदा लोग अगर मोर और मोरनी के जोड़े को एक साथ देखते हैं, तो पति और पत्नी के बीच प्यार बढ़ने के संकेत होते हैं.  सपने में मोर को जमीन पर बैठा देखना अगर कोई व्यक्ति सपने में मोर को जमीन पर बैठे देखते हैं तो इस तरह का सपना आना शुभ नहीं माना जाता है।इस तरह के सपना नौकरी में परेशानी आने का संकेत देता है। इतना ही नहीं घर का कोई सदस्य बीमार भी हो सकता है। सपने में सांप और मोर की लड़ाई देखना अगर किसी को सपने में सांप और मोर की लड़ाई होते दिखती है तो इस तरह के सपने आपके लिए शुभ संकेत हैं। स्वप्न शास्त्र के अनुसार, इस तरह के सपने आना शत्रु कम होने का संकेत हैं। इस तरह के सपने आने का मतलब है कि आपके शत्रु कम हो जाएंगे और वो जो आपके खिलाफ साजिश रचेंगे वो सभी विफल रहेंगी। सपने में शनि महाराज के साथ मोर को देखना अगर आप सपने में मोर के साथ शनि महाराज को देखते हैं इस तरह के सपना बहुत अच्छा माना जाता है। शनि चालीसा के अनुसार, इस तरह के सपने आने का मतलब होता है कि आपको धन लाभ होगा। साथ ही तरक्की के भी कई अवसर मिलेंगे।

Peacock Dream Meaning:सपने में दिखे मोर, तो जीवन में होने वाले हैं ये तीन बड़े बदलाव Read More »

Ram Mandir Pran Pratishtha: राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ की कैसी है तैयारी

Ram Mandir Pran Pratishtha:22 जनवरी 2024 को अयोध्या में रामलला मंदिर में विराजमान होंगे, श्री राम भगवान की प्राण प्रतिष्ठा होगी और फिर रामलला के भव्य दर्शन होंगे। राम मंदिर की गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम की रूपरेखा काफी आगे है। प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए 7 दिनों तक अलग-अलग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। अयोध्या में भगवान राम का पूरे विधि-विधान के साथ स्वागत किया जाएगा। प्राण प्रतिष्ठा उत्सव के लिए प्रायश्चित पूजा, कर्मकुटी पूजा, तीर्थ पूजा, जल यात्रा, जलाधिवास और गंधाधिवास, औषधिधिवास, केसराधिवास, घृताधिवास, धन्याधिवास, कर्कराधिवास, फलधिवास और पुष्पाधिवास, मध्याधिवास और शयाधिवास आदि नियमों का पालन किया जा रहा है। First Anniversary Of Ayodhya Ram Mandir: श्री राम जन्मभूमि मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा (First Anniversary of The Ayodhya Ram Mandir Prana Pratishtha) की पहली वर्षगांठ धूमधाम से मनाई जाएगी. राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (Shri Ram Janmbhoomi Teerth) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से यह जानकारी दी. पोस्ट में बताया गया है कि अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर (Shri Ram Janmabhoomi Mandir in Ayodhya) में श्री राम लला विग्रह (Shri Ram Lalla Vigraha) के प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ 11 जनवरी 2025 को मनाई जाएगी. कैसा है प्लान? राम जन्मभूमि मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ को प्रतिष्ठा द्वादशी (Pratishtha Dwadashi) के रूप में मनाया जाएगा. इस दिन मंदिर परिसर में विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. यज्ञ मंडप में शुक्ल यजुर्वेद के मंत्रों के साथ अग्निहोत्र का आयोजन सुबह 8 से 11 बजे और फिर दोपहर 2 से 5 बजे तक किया जाएगा. इसके अलावा, 6 लाख श्री राम मंत्रों का जप और राम रक्षा स्तोत्र, हनुमान चालीसा सहित अन्य धार्मिक मंत्रों का उच्चारण भी किया जाएगा. मंदिर के भूतल पर 3 से 5 बजे तक राग सेवा 6-9 बजे तक बधाई गीत प्रस्तुत किए जाएंगे. इसके बाद, यात्री सुविधा केंद्र की पहली मंजिल पर रामचरितमानस का संगीतबद्ध पाठ होगा. अंगद टीला पर राम कथा (2 से साढ़े तीन बजे तक), रामचरितमानस पर प्रवचन (साढ़े तीन से 5 बजे तक), साढ़े पांच से साढ़े सात बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम और सुबह से श्री राम के प्रसाद का वितरण होगा. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने सभी श्रद्धालुओं और भक्तों को इस ऐतिहासिक अवसर पर भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है. यह दिन अयोध्या और भारत के लिए एक विशेष धार्मिक महत्व का दिन होगा, जिसमें भक्तगण श्री राम के प्रति अपनी श्रद्धा और भक्ति को व्यक्त करेंगे. 22 जनवरी 2024 को अयोध्या राम मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा हुआ था. प्राण प्रतिष्ठा के लिए 84 सेकंड का शुभ मुहूर्त निकाला गया था. 22 जनवरी को 12 बजकर 29 मिनट 8 सेकंड से 12 बजकर 30 मिनट 32 सेकंड तक प्राण प्रतिष्ठा हुआ था. प्राण प्रतिष्ठा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आरएसएस चीफ मोहन भागवत समेत कई दिग्गज शामिल हुए थे.

Ram Mandir Pran Pratishtha: राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ की कैसी है तैयारी Read More »