2024

Vindhyeshwari Stotram:श्री विन्ध्येश्वरी स्तोत्रम्

Vindhyeshwari Stotram:विंध्येश्वरी स्तोत्रम देवी विंध्येश्वरी की स्तुति में समर्पित एक शक्तिशाली मंत्र है। यह स्तोत्र नवरात्रि के दौरान विशेष रूप से गाया जाता है, लेकिन इसे किसी भी समय भक्ति के साथ किया जा सकता है। विंध्येश्वरी देवी को शक्ति की देवी माना जाता है और उनकी पूजा विभिन्न रूपों में की जाती है। विंध्येश्वरी

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Jai Ambe Gauri Maiya Jai Shyama Gauri:जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी -आरती

आरती नवरात्रि, माता की चौकी, देवी जागरण, शुक्रवार, वट सावित्री व्रत, दुर्गा पूजा, गणगौर तथा करवा चौथ के दिन गाई जाने वाली दुर्गा माँ की प्रसिद्ध आरती। जय श्यामा गौरी -आरती जय अम्बे गौरी,मैया जय श्यामा गौरी ।तुमको निशदिन ध्यावत,हरि ब्रह्मा शिवरी ॥ॐ जय अम्बे गौरी..॥ मांग सिंदूर विराजत,टीको मृगमद को ।उज्ज्वल से दोउ नैना,चंद्रवदन नीको ॥ॐ जय अम्बे गौरी..॥ कनक

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Shri Shanta Durgechi Aarti:श्री शांतादुर्गेची आरती

Shanta Durgechi:श्री शांतादुर्गेची आरती Shanta Durgechi:श्री शांतादुर्गेची आरती ही महाराष्ट्रातील एक प्रसिद्ध देवी आरती आहे. माता शांतादुर्गा ही शक्तीची देवी मानली जाते आणि तिला शांती देवी म्हणूनही ओळखले जाते. ही आरती देवीच्या सौंदर्याला, शक्तीला आणि भक्तांवरील कृपेला समर्पित आहे. Shanta Durgechi:आरती म्हणजे काय? आरती ही एक धार्मिक प्रथा आहे ज्यामध्ये दीपक किंवा दीपक ज्वाला देवाच्या

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NAVRATRI-दुर्गा सप्तशती चतुर्थ अध्याय चंड-मुंड का वध DURGA SAPTASHATI

दुर्गा सप्तशती का चतुर्थ अध्याय, जिसे “स्तुति और आशीर्वाद” का अध्याय भी कहा जाता है, देवी दुर्गा की महिमा और उनके द्वारा राक्षसों के वध के बाद देवताओं द्वारा की गई स्तुति पर केंद्रित है। इस अध्याय में प्रमुख असुर चंड और मुंड का वध होता है, और देवी चामुंडा के रूप में प्रतिष्ठित होती

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NAVRATRI-दुर्गा सप्तशती तृतीय अध्याय धूम्रलोचन का अत्याचार Durga Saptashati

दुर्गा सप्तशती का तृतीय अध्याय देवी दुर्गा के अद्वितीय पराक्रम और उनके द्वारा असुरों के सेनापति धूम्रलोचन के वध का वर्णन करता है। यह अध्याय दिखाता है कि देवी दुर्गा केवल युद्ध कौशल में निपुण नहीं हैं, बल्कि वे स्वयं सत्य और धर्म की अधिष्ठात्री हैं। इस अध्याय में असुरों द्वारा पुनः देवताओं पर आक्रमण

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Karwa Chauth 2024 Date: करवा चौथ कब है? 21 मिनट के लिए लगेगी भद्रा, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, चांद निकलने का समय

Karwa Chauth 2024:करवा चौथ हिंदू धर्म में विवाहित महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण त्यौहार है। यह व्रत पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना के लिए रखा जाता है। करवा चौथ विशेष रूप से उत्तर भारत में मनाया जाता है, लेकिन अब यह पूरे देश में प्रसिद्ध हो चुका है। Karwa Chauth 2024

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Diwali 2024: 31 अक्टूबर या 01 नवंबर, कब है दिवाली? यहां दूर होगी असमंजस की स्थिति

Diwali 2024:दिवाली 2024 का इंतजार हर कोई कर रहा है, क्योंकि यह हिंदू धर्म का सबसे महत्वपूर्ण और बड़ा त्यौहार है। लेकिन इस साल एक सवाल जो लोगों के मन में है, वह है कि दिवाली 2024 में 31 अक्टूबर को मनाई जाएगी या 1 नवंबर को। इस प्रकार की असमंजस की स्थिति अक्सर पंचांग

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Shardiya Navratri 2024 Date: कब से शुरू हो रही शारदीय नवरात्रि? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और महत्व

Shardiya Navratri 2024 Date: शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व है। इन दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधिवत पूजा करने का विधान है। जानें सही तिथि Shardiya Navratri 2024:शारदीय नवरात्रि हिन्दू धर्म में एक प्रमुख त्यौहार है, जो देवी दुर्गा की आराधना के लिए समर्पित है। यह पर्व विशेष रूप से उत्तर भारत में

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Mahishasura Mardini Stotram – Aigiri Nandini महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् – अयि गिरिनन्दिनि 

Mahishasura Mardini Stotram:महिषासुरमर्दिनी स्तोत्रम् – अयि गिरिनन्दिनि: एक विस्तृत विश्लेषण Mahishasura Mardini Stotram:महिषासुरमर्दिनी स्तोत्रम् एक अत्यंत शक्तिशाली और भक्तिमय स्तोत्र है जो देवी दुर्गा की स्तुति करता है। इस स्तोत्र का एक विशेष रूप ‘अयि गिरिनन्दिनि’ नाम से जाना जाता है। ‘गिरिनन्दिनि’ का अर्थ है ‘पर्वत की पुत्री’, जो देवी दुर्गा का एक विशिष्ट नाम

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अथ दुर्गाद्वात्रिंशन्नाममाला – श्री दुर्गा द्वात्रिंशत नाम माला (Shri Durga Dwatrinshat Nam Mala)

Shri Durga Dwatrinshat Nam Mala दुर्गा दुर्गार्ति शमनी दुर्गापद्विनिवारिणी ।दुर्गामच्छेदिनी दुर्गसाधिनी दुर्गनाशिनी । दुर्गतोद्वारिणी दुर्ग निहन्त्री दुर्गमापहण ।दुर्गम ज्ञानदा दुर्गदैत्यलोकदवानला ।दुर्गमा दुर्गमालोका दुर्गमात्मस्वरूपिणी । दुर्गमार्गप्रदा दुर्गमविद्या दुर्गमाश्रिता ।दुर्गमज्ञानसंस्थाना दुर्गमध्यानभासिनी । दुर्गमोहा दुर्गमगा दुर्गमार्थस्वरूपिणी ।दुर्गमासुरसंहन्त्री दुर्गमायुधधारिणी । दुर्गमाङ्गी दुर्गमाता दुर्गम्या दुर्गमेश्वरी ।दुर्गभीमा दुर्गभामा दुर्लभा दुर्गधारिणी । नामावली ममायास्तु दुर्गया मम मानसः ।पठेत् सर्व भयान्मुक्तो भविष्यति न

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Shri Durga 32 Name:माँ दुर्गा के 32 नाम

Shri Durga 32 Name:माँ दुर्गा के 32 नामों का पाठ अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है। यह नाम दुर्गा सप्तशती और अन्य शास्त्रों में वर्णित हैं, और इनका उच्चारण करने से व्यक्ति को माँ दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है। यहाँ माँ दुर्गा के 32 नाम दिए गए हैं: Shri Durga 32 Name:माँ दुर्गा

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Sarva Pitru Amavasya 2024 Date: सर्वपितृ अमावस्या पर तर्पण के बाद करें पितृ चालीसा का पाठ, मिलेगा पूर्वजों का आशीर्वाद

Sarva Pitru Amavasya:सर्वपितृ अमावस्या 2024 एक महत्वपूर्ण तिथि है, जिसे हिंदू धर्म में पूर्वजों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए विशेष माना जाता है। यह अमावस्या पितृ पक्ष के समापन का दिन होता है, जब लोग अपने पितरों (पूर्वजों) की आत्मा की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म करते हैं। Sarva Pitru Amavasya:सर्वपितृ

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