2022

 निर्जला एकादशी व्रत कथा | व्रत विधि | महत्व

 हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। प्रत्येक वर्ष में चौबीस एकादशियां होती हैं। ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी या भीमसेनी एकादशी कहते हैं। इस व्रत में भोजन करना और पानी पीना वर्जित है। धर्मग्रंथों के अनुसार, इस एकादशी पर व्रत करने से वर्ष भर की एकादशियों

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आखिर जनक ने सीता स्वयंवर में अयोध्या नरेश दशरथ को आमंत्रण क्यों नहीं भेजा

 राजा जनक के शासनकाल में एक व्यक्ति का विवाह हुआ। जब वह पहली बार सज-सँवरकर ससुराल के लिए चला, तो रास्ते में चलते-चलते एक जगह उसको दलदल मिला, जिसमें एक गाय फँसी हुई थी, जो लगभग मरने के कगार पर थी। उसने विचार किया कि गाय तो कुछ देर में मरने वाली ही है तथा

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महाभारत से जुड़े कुछ रोचक किस्से

महाभारत युद्ध में भीम ने दुर्योधन के छोटे भाई दु:शासन का वध किया था। इसके बाद भीम ने छाती फाड़कर उसका खून भी पीया था। ये बात तो सभी जानते हैं, लेकिन इस घटना से जुड़ी कुछ बातें ऐसी भी हैं, जो बहुत कम लोग जानते हैं। आज हम आपको महाभारत से जुड़ी कुछ ऐसी

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भीम, हनुमान और पुरुषमृगा हनुमान ने भीम को क्यों दिए अपने तीन बाल

एक बार पांडवों के पास नारद मुनि आए और उन्होंने युधिष्ठर से कहा की स्वर्ग में आपके पिता पांडु दुखी हैं। कारण पूछने पर उन्होंने कहा की पांडु अपने जीते जी राजसूय यज्ञ करना चाहते थे जो न कर सके ऐसे में आपको ऐसा कर उनकी आत्मा को शांति पहुंचना चाहिए।तब पांडवो ने राजसूय यज्ञ

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जब श्रीकृष्ण के परम भक्त नरसी मेहता ने धन के लिए गिरवी रखा मूंछ का बाल

भगवान श्रीकृष्ण के महान भक्तों में नरसी मेहता का नाम जरूर लिया जाता है। उनकी भक्ति के साथ ही दानी स्वभाव के कारण भी वे बहुत प्रसिद्ध हैं। नरसीजी ने भगवान कृष्ण की भक्ति में अपना सबकुछ दान कर दिया था। मान्यता है कि इस महान भक्त के वश में होकर ही कृष्ण ने नानी

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पद्म पुराण की कथा | जानिए क्यों स्वयं श्रीराम ने तोड़ दिया था रामसेतु

वाल्मीकि रामायण के अनुसार लंका पर चढ़ाई करते समय भगवान श्रीराम के कहने पर वानरों और भालुओं ने रामसेतु का निर्माण किया था, ये बात हम सभी जानते हैं। लेकिन जब श्रीराम विभीषण से मिलने दोबारा लंका गए, तब उन्होंने रामसेतु का एक हिस्सा स्वयं ही तोड़ दिया था, ये बात बहुत कम लोग जानते

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जानिए शनिदेव कैसे हुए लंगड़े

ज्योतिष शास्त्रानुसार शनि एक धीमी गति से चलने वाला ग्रह है। शनिदेव को एक राशि को पार करने में लगभग ढा़ई वर्ष का समय लगता है। पौराणिक शास्त्रानुसार शनिदेव लंगड़ाकर चलते हैं जिस कारण उनकी चलने की गति धीमी है।आखिर शनि देव लंगड़े कैसे हुए, इसके बारे शास्त्रों में एक रोचक कथा दी हुई है।

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कहानी जयद्रथ कि – बेटे कि मृत्यु के साथ ही फट गया था पिता का भी मस्तक

महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित महाभारत में अनेक ऐसे पात्र हैं, जिनके बारे में लोग कम ही जानते हैं। आज हम आपको एक ऐसे ही पात्र जयद्रथ के बारे में बता रहे हैं। जयद्रथ की मृत्यु अर्जुन के हाथों हुई थी। अर्जुन ने जयद्रथ का सिर इस प्रकार काटा था कि वह जाकर तपस्या कर रहे

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कूर्म जयंती | भगवान विष्णु के कूर्म अवतार की कहानी

वैशाख मास की पूर्णिमा पर कूर्म जयंती का पर्व मनाया जाता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, इसी दिन भगवान विष्णु ने कूर्म (कछुए) का अवतार लिया था तथा समुद्र मंथन में सहायता की थी। भगवान विष्णु के कूर्म अवतार को कच्छप अवतार भी कहते हैं। कूर्मावतार भगवान के प्रसिद्ध दस अवतारों में द्वितीय अवतार है,

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नृसिंह चतुर्दशी : व्रत पूजन विधि और कथा

वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को नृसिंह चतुर्दशी कहते हैं। धर्म ग्रंथों के अनुसार, इसी तिथि को भगवान विष्णु ने नृसिंह अवतार लेकर दैत्यों के राजा हिरण्यकशिपु का वध किया था। इस दिन भगवान नृसिंह को प्रसन्न करने के लिए व्रत रखा जाता है व पूजा भी की जाती है। व्रत व पूजा

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प्रद्युम्न – कामदेव ने ही लिया था भगवान श्रीकृष्ण के पुत्र प्रद्युम्न के रूप में जन्म

कामदेव ने ही, श्रीकृष्ण के पुत्र प्रद्युम्न के रूप में जन्म लिया था। आइए जानते है इससे सम्बंधित रोचक पौराणिक कथा –भगवान शंकर के शाप से जब कामदेव भस्म हो गया तो उसकी पत्नी रति अति व्याकुल होकर पति वियोग में उन्मत्त सी हो गई। उसने अपने पति की पुनः प्राप्ति के लिये देवी पार्वती

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महाभारत युद्ध में कौरवों और पांडवों ने कब-कब छल से किया योद्धाओं का वध

कौरवों और पांडवों ने मिलकर महाभारत युद्ध के लिए कुछ नियम बनाए थे जिनका दोनों ही पक्षों को पालन करना था। युद्ध शुरू होने से कुछ दिनों बाद तक तो इन नियमों का पालन किया गया, लेकिन बाद में इन नियमों को कई बार तोड़ा गया और छल का सहारा लेकर योद्धाओं को मारा गया।

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