August 2022

भगवान गणेश से जुडी 6 कहानियां

भगवान श्रीगणेश की कथाओं का वर्णन अनेक ग्रंथों में मिलता है। श्रीगणेश ने कई लीलाएं ऐसी की हैं, जो कृष्ण की लीलाओं से मिलती-जुलती हैं। इन लीलाओं का वर्णन मुद्गलपुराण, गणेशपुराण, शिवपुराण और ब्रह्मवैवर्त पुराण में मिलता है। आज हम आपको भगवान श्रीगणेश से जुड़ी कुछ ऐसी ही रोचक कथाएं बता रहे हैं, जिसके बारे

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इस चाल से दुर्योधन ने पांडवों के मामा शल्य को युद्ध में कर लिया था अपनी तरफ

महाभारत युद्ध न‌िश्च‌ित समझकर कौरव और पांडव, दोनों पक्ष ने देश-देशांतर के नरेशों के पास सहायता के लिए अपने दूत भेजे। मद्रराज शल्य को भी समाचार मिला।वे अपने महारथी पुत्रों के साथ एक अक्षौहिणी सेना लेकर पांडवों पास चले। शल्य की बहन माद्री का विवाह पांडु से हुआ था। नकुल और सहदेव उनके सगे भांजे

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रेणुका तीर्थ- मान्यता है की यहां भगवान परशुराम से मिलने आज भी आती हैं मां रेणुका

मां-पुत्र के पावन मिलन का श्री रेणुका जी मेला हिमाचल प्रदेश के प्राचीन मेलों में से एक है। जो हर वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की दशमी से पूर्णिमा तक उत्तरी भारत के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल श्री रेणुका में मनाया जाता है। जनश्रुति के अनुसार इस दिन भगवान परशुराम जामूकोटी से वर्ष में एक

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मान्यता है की आज भी जिंदा है अश्वत्थामा, जानिए उनसे जुडी कुछ रोचक बातें।

महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित महाभारत में ऐसे अनेक पात्र हैं, जिनके बारे में लोग जानना चाहते हैं। अश्वत्थामा भी उन्हीं में से एक हैं। अश्वत्थामा महाभारत के प्रमुख पात्रों में से एक हैं। हिंदू धर्म में जिन 8 महापुरुषों को अमर माना गया है, अश्वत्थामा भी उन्हीं से से एक है। मृत्यु से पहले दुर्योधन

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शिव कथा जानिए भगवान शिव क्यों कहलाए त्रिपुरारी

कार्तिक मास की पूर्णिमा को त्रिपुरारी पूर्णिमा भी कहते हैं। धर्म ग्रंथों के अनुसार, इसी दिन भगवान शिव ने तारकाक्ष, कमलाक्ष व विद्युन्माली के त्रिपुरों का नाश किया था। त्रिपुरों का नाश करने के कारण ही भगवान शिव का एक नाम त्रिपुरारी भी प्रसिद्ध है। भगवान शिव ने कैसे किया त्रिपुरों का नाश, ये पूरी कथा

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समुद्र मंथन से निकले थे ये 14 रत्न, जाने इनके पीछे छिपे अर्थ

 पंचांग के अनुसार हर साल कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष त्रयोदशी के दिन धनवंतरि त्रयोदशी मनाई जाती है।मान्यता के अनुसार, इसी दिन समुद्र मंथन से भगवान धन्वंतरि प्रकट हुए थे। इसलिए इस दिन भगवान धन्वंतरि की विशेष पूजा की जाती है। समुद्र मंथन से धन्वतंरि के साथ अन्य रत्न भी निकले थे। आज हम आपको

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जानिए क्यों मनाते है धन तेरस और क्यों जलाते है यम के नाम का दीपक?

दिवाली का त्योहार 5 दिनों का होता है, जो कि धन तेरस से शुरू होकर भाई दूज तक चलता है। पंचांग के अनुसार हर साल कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष त्रयोदशी के दिन धनवंतरि त्रयोदशी मनाई जाती है। जिसे आम बोलचाल में ‘धन तेरस’ कहा जाता है। यह दिन मूल रूप से आयुर्वेद के जनक

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क्यों मनाते है नवरात्रि

शक्ति उपासना का पर्व नवरात्रि क्यों मनाया जाता है और माँ दुर्गा की आराधना क्यों की जाती है; इसको लेकर दो कथाएँ प्रचलित हैं। नवरात्रि की प्रथम कथा एक कथा के अनुसार लंका युद्ध में ब्रह्माजी ने श्रीराम से रावण-वध के लिए चंडी देवी का पूजन कर देवी को प्रसन्न करने को कहा और विधि के अनुसार

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क्यों होता है जामवंत और श्री कृष्ण युद्ध के बीच युद्ध

 महाबली जामवंत का शुमार उन गिने चुने पौराणिक पात्रों में होता है जो त्रेता युग के रामायण काल में भी उपस्थित थे और द्वापर युग के महाभारत काल में भी। रामायण काल में जहाँ वो विष्णु अवतार श्री राम के प्रमुख सहायक बने थे वही महाभारत काल में उन्होंने विष्णु अवतार श्री कृष्ण से युद्ध लड़ा

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शिव प्रतिमा के सामने ही क्यों विराजित होते है नंदी ?

आइए पढ़ते है भगवान शिव के वाहन नंदी से सम्बंधित एक कहानी जिससे हमें पता चलेगा की नंदी क्यों और कैसे महादेव की सवारी बनें? और शिव प्रतिमा के सामने ही क्यों विराजित होते है नंदी ? पौराणिक कथा शिलाद मुनि के ब्रह्मचारी हो जाने के कारण वंश समाप्त  होता देख उनके पितरों ने अपनी चिंता

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माता वैष्णो देवी की अमर कथा

वैष्णो देवी उत्तरी भारत के सबसे पूजनीय और पवित्र स्थलों में से एक है। यह मंदिर पहाड़ पर स्थित होने के कारण अपनी भव्यता व सुंदरता के कारण भी प्रसिद्ध है। वैष्णो देवी भी ऐसे ही स्थानों में एक है जिसे माता का निवास स्थान माना जाता है। मंदिर, 5,200 फीट की ऊंचाई और कटरा

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जानिए कैसे हुई भगवान श्रीराम की मृत्यु?

जिस तरह दुनिया में आने वाला हर इंसान अपने जन्म से पहले ही अपनी मृत्यु की तारीख यम लोक में निश्चित करके आता है। उसी तरह इंसान रूप में जन्म लेने वाले भगवान के अवतारों का भी इस धरती पर एक निश्चित समय था, वो समय समाप्त होने के बाद उन्हें भी मृत्यु का वरण करके अपने लोक वापस

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