August 21, 2022

विष्णु पुत्रों का संहार करने के लिए लिया था भगवन शिव ने वृषभ अवतार

धर्म ग्रंथो के अनुसार भगवान शिव के 19 अवतार हुए है। इन्हीं में से एक है भगवान शिव का ‘वृषभ अवतार’। जहाँ भगवान शिव ने कई अवतार दानवों का विनाश करने के लिए लिये थे वही वृषभ अवतार, विष्णु पुत्रों का संहार करने के लिए लिया था। आइए जानते है आखिर क्यों भगवान शिव को विष्णु पुत्रों के संहार

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बभ्रुवाहन ने क्यों किया था अपने पिता अर्जुन का वध?

महाभारत की कथा में एक प्रसंग आता है जब बभ्रुवाहन एक युद्ध में अपने पिता अर्जुन का वध कर देता है।अर्जुन ने द्रोपदी और सुभद्रा के अलावा दो अन्य विवाह और किए थे। एक नाग कन्या उलूपी से जिससे की पुत्र अरावन पैदा हुआ था जिसने महाभारत युद्ध में अपनी स्वैचिछक बलि दी थी। तथा दूसरा विवाह

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लोहार्गल – यहां पानी में गल गए थे पांडवों के अस्त्र-शस्त्र, मिली थी परिजनों की हत्या के पाप से मुक्ति

राजस्थान के शेखावटी इलाके के झुंझुनूं जिले से 70 कि. मी. दूर अरावली पर्वत की घाटी में बसे उदयपुरवाटी कस्बे से करीब दस कि.मी. की दूरी पर स्थित है लोहार्गल। जिसका अर्थ होता है जहां लोहा गल जाए। यह राजस्थान का पुष्कर के बाद दूसरा सबसे बड़ा तीर्थ है। इस तीर्थ का सम्बन्ध पांडवो, भगवन परशुराम, भगवान सूर्य

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अचलेश्वर महादेव – अचलगढ़ – एक मात्र मंदिर जहां होती है शिव के अंगूठे की पूजा

अचलेश्वर महादेव के नाम से भारत में कई मंदिर है जिसमे से एक धौलपुर के अचलेश्वर महादेव के बारे में हम आपको बता चुके है जहाँ पर दिन में तीन बार रंग बदलने  वाला शिवलिंग है। आज हम आपको माउंट आबू के अचलेश्वर महादेव के बारे में बताएंगे जो की दुनिया का ऐसा इकलौत मंदिर है

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