April 1, 2022

Chaitra Navratri 2022: चैत्र नवरात्रि पर मां दुर्गा के नौ स्वरूपों को लगाएं इन चीजों का भोग

आदिशक्ति मां दुर्गा की उपासना का पर्व चैत्र नवरात्रि 2 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है। मान्यता है कि नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा की भक्ति भाव के साथ पूजा करने से भक्तों की मनोकामना पूरी होती है। नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। मान्यता है कि मां अंबे को अगर भक्त नवरात्रि के समय राशिनुसार भोग लगाते हैं तो उन्हें दोगुना फल मिलता है। जानें माता रानी को कौन-सा भोग लगाना चाहिए। पहला स्वरूप मां शैलपुत्री पहला दिन मां शैलपुत्री का माना जाता है। आरोग्य और धन लाभ के लिए मां को गाय के घी का भोग लगाना शुभ होगा। मेष- मेष राशि वालों के लिए जातक स्कंद माता की उपासना करें और रोज दुर्गा सप्तशती या दुर्गा चालीसा का पाठ करें। इसके अलावा मां शैलपुत्री को सफेद चीजों का भोग लगाएं। माता रानी को नारियल चढ़ाएं। दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी को लगाएं ये भोग नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की विधि-विधान से पूजा की जाती है। इस दिन मां ब्रह्मचारिणी को चीनी का भोग लगाना चाहिए। इससे अच्छी सेहत के साथ दीर्घायु का वरदान मिलता है। वृषभ- वृषभ राशि के लोग नवरात्रि में घर में मोर पंख लगाएं। सौभाग्य की प्राप्ति के लिए नवरात्रि के समय माता को मिश्री व पंचामृत का भोग लगाएं। तीसरे दिन मां चंद्रघंटा को लगाएं ये भोग तीसरे दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा का विधान है। इस दिन मां को भोग लगाने के साथ जरूरतमंद को दान देना शुभ माना जाता है। इसलिए तीसरे दिन मां को दूध या इससे संबंधी बनी हुई चीजों का भोग लगा सकते हैं। इससे धन लाभ होगा। मिथुन– नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा के शक्कर का भोग लगाना शुभ रहेगा। मान्यता है कि इससे धन व वैभव की प्राप्ति होती है। चौथे दिन मां कुष्मांडा देवी को लगाएं ये भोग नवरात्रि के चौथे दिन माता कुष्मांडा देवी की पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन मां को मालपुआ का नैवेद्य अर्पित करना चाहिए। इससे जातक के ऊपर मां का आशीर्वाद बना रहता है। कर्क- कर्क राशि वालों को गाय का घी अर्पित करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से भक्त को मां दुर्गा का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। पांचवें दिन माता स्कंदमाता को लगाएं ये भोग नवरात्रि के पांचवे दिन माता स्कंदमाता को केले का भोग लगाना चाहिए। इससे व्यक्ति के बिजनेस, करियर में उन्नति होती है और हर काम बनने लगते है। सिंह- सिंह राशि के जातक माता रानी को मालपुए का भोग लगाएं। मान्यता है कि ऐसा करने से बुद्धि व कौशल का विकास होता है। छठे स्वरूप मां कात्यायनी को लगाएं ये भोग नवरात्रि के छठे दिन मां दुर्गा के छठवें अवतार मां कात्यायनी की पूजा की जाती हैं। इस दिन मां को शहद का भोग लगाना शुभ माना जाता है। इससे जातक को धन, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। कन्या- कन्या राशि वालों को मां दुर्गा को शक्कर का भोग लगाना चाहिए। इससे धन व वैभव की प्राप्ति होती है। सातवें स्वरूप मां कालरात्रि को लगाएं ये भोग नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा करने का विधान है। रोग मुक्त होने के लिए मां कालरात्रि को गुड़ से बनाई हुई चीज का भोग लगाएं। तुला– तुला राशि वालों को मिठाई का भोग लगाना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में सुख-शांति व खुशहाली आती है। आठवें स्वरूप मां महागौरी को लगाएं ये भोग नवरात्रि के आठवें दिन मां दुर्गा का आठवें स्वरूप महागौरी की पूजा करने का विधान है। मां का आशीर्वाद पाने और हर इच्छा पूर्ण करने के लिए मां को नारियल का भोग लगाएं वृश्चिक- वृश्चिक राशि वालों को नवरात्रि के दिनों में मां दुर्गा को रोज 1 नारियल चढ़ाना चाहिए। ऐसा करने से मां दुर्गा के प्रसन्न होने की मान्यता है। नौवें स्वरूप सिद्धिदात्री को लगाएं ये भोग नवरात्रि के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री को हलवा, पूड़ी और खीर का भोग लगाना शुभ माना जाता है। इस दिन ये भोग लगाने से मां की कृपा हमेशा जातक के ऊपर बनी रहती है। धनु- धनु राशि वालों को मां दुर्गा को दूध व उससे बनी चीजों का भोग लगाना चाहिए। ऐसा करने से दुख व भय दूर होते हैं।मकर– मकर राशि वालों को नवरात्रि के दिनों में दूध व खीर का भोग लगाना चाहिए। सभी प्रकार के संकटों से मुक्ति मिलने की मान्यता है।कुंभ- कुंभ राशि वालों को मां दुर्गा को गुड़ का भोग लगाना चाहिए। ऐसा करने से पापों से मुक्ति मिलने की मान्यता है।मीन- मीन राशि वाले मां दुर्गा को खीर या दूध से बनी चीजों का भोग लगाएं। ऐसा करने से घर में खुशहाली आने की मान्यता है।

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आज से शुरू होंगे इन राशियों के अच्छे दिन, देखें क्या आप भी हैं 

शुक्र ग्रह कल राशि परिवर्तन करने जा रहा है।  इस दिन शुक्र देव कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। शुक्र देव को ज्योतिष में विशेष स्थान प्राप्त है।  ज्योतिष में शुक्र को भौतिक सुख, वैवाहिक सुख, भोग-विलास, शुक्र ग्रह आज राशि परिवर्तन करने जा रहा है। इस दिन शुक्र देव कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। शुक्र देव को ज्योतिष में विशेष स्थान प्राप्त है।  ज्योतिष में शुक्र को भौतिक सुख, वैवाहिक सुख, भोग-विलास, शौहरत, कला, प्रतिभा, सौन्दर्य, रोमांस, काम-वासना और फैशन-डिजाइनिंग के कारक ग्रह हैं। शुक्र, वृष और तुला राशि के स्वामी होते हैं और मीन इनकी उच्च राशि है, जबकि कन्या इनकी नीच राशि है। शुक्र के राशि परिवर्तन करते ही कुछ राशि वालों का भाग्योदय होना तय है। आइए जानते हैं शुक्र के राशि परिवर्तन से किन राशि वालों के अच्छे दिन शुरू होंगे….  मिथुन राशि-  वाणी में सौम्यता रहेगी।  परिवार में हंसी खुशी का माहौल बना रहेगा। किसी पुराने मित्र एवं भाइयों के सहयोग से आय के स्रोत विकसित होंगे। आय में वृद्धि की संभावना है। दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा। शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए समय शुभ रहेगा। कर्क राशि-  मन में शांति व प्रसन्नता के भाव रहेंगे।  आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा।  माता व परिवार की किसी बुजुर्ग महिला से धन की प्राप्ती के योग बन रहे हैं। नौकरी में अफसरों का सहयोग।  स्थान परिवर्तन की संभावना भी बन रही है। धनु राशि-  धर्म के प्रति श्रद्धाभाव रहेगा।  आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। कला व संगीत के प्रति रूझान बढ़ेगा। परिवार के साथ यात्रा देशाटन के लिए जाना हो सकता है। अनियोजित खर्चों में वृद्धि हो सकती है। कार्यक्षेत्र में परिश्रम की अधिकता रहेगी। मकर राशि-  कला व संगीत के प्रति रूझान बढ़ेगा।  पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। संपत्ति से आय में वृद्धि हो सकती है।  संतान की ओर से सुखद समाचार मिल सकते हैं। नौकरी में तरक्की की संभावनएं बन रही हैं।  अफसरों का सहयोग मिलेगा। आय में वृद्धि होगी।  वाहन सुख का विस्तार संभव है। (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

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नवसंवत्सर में इन राशि वालों पर रहेगी मां लक्ष्मी की विशेष कृपा, नौकरी में प्रमोशन के बनेंगे प्रबल योग

नवसंवत्सर की शुरुआत में मंगल और राहु-केतु अपनी उच्च राशि में रहेंगे वहीं, शनि खुद की ही राशि मकर में होगा। नववर्ष के सूर्योदय की कुंडली में शनि-मंगल की युति से धन, भाग्य और लाभ का शुभ योग बन रहा है। इस योग के प्रभाव से ये साल मिथुन, तुला और धनु राशि वाले लोगों के लिए बहुत शुभ रहेगा। वहीं, अन्य राशियों के लिए बड़े बदलाव का समय रहेगा। ग्रहों का ऐसा संयोग 1563 साल बाद बन रहा है। इससे पहले 22 मार्च 459 को ये ग्रह स्थिति बनी थी। ग्रह-नक्षत्रों के लिहाज से अप्रैल का महीना खास होने वाला है। इस महीने कई ग्रहों का राशि परिवर्तन होगा। ग्रहों का राशि परिवर्तन का प्रभाव मेष से लेकर मीन राशि तक वालों पर पड़ेगा। ग्रहों की स्थिति से कुछ राशि वालों को धन संबंधी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, जबकि कुछ राशि वालों की परेशानी दूर होगी। जानें अप्रैल में किन ग्रहों का होगा राशि परिवर्तन व किन राशि वालों को होगा जबरदस्त लाभ- अप्रैल 2022 में ग्रहों का राशि परिवर्तन- 07 अप्रैल 2022 को मंगल का कुंभ राशि में गोचर होगा। इसके अगले दिन यानी 08 अप्रैल को बुध का मेष राशि में प्रवेश होगा। 12 अप्रैल को राहु-केतु राशि परिवर्तन करेंगे। राहु मेष राशि में और केतु का तुला राशि में गोचर होगा। 13 अप्रैल को गुरुदेव बृहस्पति का मीन राशि में गोचर होगा। 14 अप्रैल को सूर्य का मेष राशि में गोचर होगा। 25 अप्रैल को बुध का वृषभ राशि में गोचर होगा। 27 अप्रैल को शुक्र का मीन राशि में गोचर होगा। 29 अप्रैल को शनि का कुंभ राशि में गोचर होगा। मिथुन- अप्रैल का महीना मिथुन राशि वालों के लिए लाभकारी रहेगा। इस समय आपकी राशि में शनि ढैय्या का प्रभाव बना है। शनि के राशि परिवर्तन के साथ ही आपको शनि ढैय्या से मुक्ति मिल जाएगी। इस महीने आपके रुके हुए कार्य पूरे होंगे। नए समाचार मिल सकते हैं। शादी-विवाह में आने वाली बाधाएं दूर हो सकती हैं। आय के साधनों में वृद्धि होगी। कन्या-  कन्या राशि वालों के लिए नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं। सरकारी नौकरी करने वाले जातकों का स्थान परिवर्तन संभव है। ऑफिस में मान-सम्मान बढ़ेगा। आय के साधनों में वृद्धि होगी।  नौकरी पेशा करने वाले जातकों के तरक्की के योग बनेंगे। इस समय आप खुद का कारोबार शुरू करने की सोच सकते हैं। घर में कोई महत्वपूर्ण चीज खरीद कर ला सकते हैं। मकर- मकर राशि में शनिदेव विराजमान हैं। 29 अप्रैल को शनि कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। शनि का राशि परिवर्तन धन के मामले में आपके लिए लाभकारी रहेगा। भाग्य में वृद्धि होगी। इस दौरान आपको नए अवसरों का लाभ मिलेगा। गुस्से पर काबू रखें। 

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भारतीय नवसंवत्सर 2079 : 1563 साल बाद दुर्लभ संयोग में शुरू होगा हिंदू नव वर्ष जानें इस साल कौन होगा राजा- मंत्री,

नवसंवत्सर की शुरुआत में मंगल और राहु-केतु अपनी उच्च राशि में रहेंगे वहीं, शनि खुद की ही राशि मकर में होगा। नववर्ष के सूर्योदय की कुंडली में शनि-मंगल की युति से धन, भाग्य और लाभ का शुभ योग बन रहा है। इस योग के प्रभाव से ये साल मिथुन, तुला और धनु राशि वाले लोगों के लिए बहुत शुभ रहेगा। वहीं, अन्य राशियों के लिए बड़े बदलाव का समय रहेगा। ग्रहों का ऐसा संयोग 1563 साल बाद बन रहा है। इससे पहले 22 मार्च 459 को ये ग्रह स्थिति बनी थी। इस बार नव संवत्सर 2079 शनिवार, 2 अप्रैल से शुरू हो रहा है। चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होगी। नवरात्रि के दौरान मां आदिशक्ति की मंदिरों के साथ घर घर में आराधना होगी। मां इस बार नव संवत्सर 2079 शनिवार, 2 अप्रैल से शुरू हो रहा है। चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होगी। रामदेव मिश्र शास्त्री ने बताया कि नए संवत्सर का नाम नल है और राजा शनि देव तो मंत्री वृहस्पति रहेंगे। शनिवार से ही चैत्र नवरात्र भी शुरू हो जाएगी। नवरात्र व्रत का पारण 11 अप्रैल सोमवार को प्रातः काल में किया जाएगा। इसी दिन धर्मराज दशमी भी मनाया जाएगा। ये नववर्ष रेवती नक्षत्र में शुरू होगा। इसके स्वामी बुध हैं। बुध के कारण कारोबार में फायदा होता है इसलिए इस नक्षत्र में खरीदी-बिक्री करना शुभ माना जाता है। व्यापार का कारक बुध भी इस नक्षत्र में रहेगा। जिससे बड़े लेन-देन और निवेश के लिए पूरा साल शुभ रहेगा। साल की शुरुआत मीन राशि में हो रही है। जिसके स्वामी गुरु है। इसलिए ये समय सबके लिए शुभ रहेगा। पूरे नवरात्र में मंगल अपने ही नक्षत्र में रहेगा। साथ ही 5 दिन उच्च राशि में रहेगा। जिससे प्रॉपर्टी के कारोबार में तेजी आने के योग हैं। वहीं, बृहस्पति के कारण खरीदारी से सुख-समृद्धि बढ़ेगी। इस बार नव वर्ष की शुरुआत सरल, सत्कीर्ति और वेशि राजयोगों में हो रही है। इससे नवरात्र में खरीदारी लेन-देन निवेश और नए कामों की शुरुआत शुभ रहेगी। इन योगों का शुभ फल पूरे साल दिखेगा।देश के लिए सुख समृद्धि के साथ आर्थिक मजबूती और व्यापार बढ़ाने वाला रहेगा ।रेवती नक्षत्र और बुध से बड़े लेन-देन व निवेश के लिए पूरा साल शुभ रहेगा। प्रॉपर्टी के कारोबार में तेजी आएगी। वृहस्पति के कारण खरीदारी से सुख-समृद्धि बढ़ेगी। नए संवत्सर में ग्रहों की खगोलीय मंत्री परिषद के 10 विभागों में राजा और मंत्री सहित पांच विभाग पाप ग्रहों के पास तथा 5 शुभ ग्रहों के पास रहेंगे। इस वर्ष राजा-शनि, मंत्री गुरु, सस्पेश सूर्य, दुर्गेश बुध, धनेश-शनि, रसेश मंगल, धान्येश-शुक्र, नीरसेश-शनि, फलेश मेघेश-बुध होंगे।

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