श्रीहनुमत्साहस्रनामावली एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान हनुमान के 1000 नामों की स्तुति करता है। यह स्तोत्र 17वीं शताब्दी में कवि हरीराम शर्मा द्वारा रचित था।
श्रीहनुमत्साहस्रनामावली का पाठ निम्नलिखित है:
अथ श्रीहनुमत्साहस्रनामावली
ॐ श्री हनुमते नमः
1. हनुमान् 2. पवनपुत्र 3. महावीर 4. मारुति 5. अंजनीसुत 6. केसरीनंदन 7. सुग्रीवप्रिय 8. रामदुत 9. अष्टसिद्धिनवनिधि 10. सर्वशक्तिमान
और इसी तरह 1 से 1000 तक के नामों की स्तुति की जाती है।
श्रीहनुमत्साहस्रनामावली का पाठ करने से भगवान हनुमान की कृपा प्राप्त होती है और भक्तों को निम्नलिखित लाभ होते हैं:
- सभी संकटों से मुक्ति मिलती है।
- जीवन में सुख और समृद्धि आती है।
- रोग और पीड़ा से छुटकारा मिलता है।
- बुरी आत्माओं से रक्षा होती है।
- मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
श्रीहनुमत्साहस्रनामावली एक शक्तिशाली स्तोत्र है जो भक्तों को भगवान हनुमान की कृपा प्राप्त करने में मदद करता है।
श्रीहनुमत्साहस्रनामावली का रचनाकार हरीराम शर्मा हैं। वे एक प्रसिद्ध कवि और भक्त थे। उन्होंने अनेक भक्ति गीतों और स्तोत्रों की रचना की है। श्रीहनुमत्साहस्रनामावली उनकी एक प्रसिद्ध रचना है।
KARMASU