KARMASU

Version
File Size 0.00 KB
Downloads 133
Files 1
Published October 4, 2023
Updated July 29, 2024

श्रीभोगपुरेशष्टक एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान कृष्ण की स्तुति में लिखा गया है। यह स्तोत्र 8 श्लोकों का है, और प्रत्येक श्लोक भगवान कृष्ण के एक अलग गुण या विशेषता की स्तुति करता है।

श्लोक का प्रारंभिक भाग भगवान कृष्ण को "भोगपुरेश" कहकर उनकी पहचान करता है, जो "भोगों के स्वामी" का अर्थ है। फिर, श्लोक भगवान कृष्ण की विभिन्न गुणों और विशेषताओं की स्तुति करता है, जैसे कि उनका सुंदर रूप, उनकी बुद्धि और ज्ञान, और उनकी करुणा। श्लोक का अंत भगवान कृष्ण से प्रार्थना के साथ होता है कि वे भक्तों को उनके सभी कष्टों से मुक्ति दिलाएं।

श्रीभोगपुरेशष्टक एक लोकप्रिय स्तोत्र है जिसका उपयोग अक्सर भगवान कृष्ण की पूजा में किया जाता है। यह स्तोत्र भक्तों को भगवान कृष्ण की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करने में मदद करता है।

श्लोक का हिंदी अनुवाद इस प्रकार है:

श्रीभोगपुरेशष्टक

1.

जय जय जय भोगपुरेश, कृष्ण कन्हैया तुम हो। मुझ पर कृपा करो, मेरे सब दुख दूर करो।

2.

सुंदर रूप तुम्हारा, सबको मोह लेता है। तुम हो करुणा के सागर, तुम्हारे दर्शन से सुख होता है।

3.

तुम हो ज्ञान के भंडार, तुम हो बुद्धि के दाता। तुम हो भक्तों के रक्षक, तुम हो मर्यादा पुरुषोत्तम।

4.

तुम हो लीलाओं के रचयिता, तुम हो अद्भुत शक्ति के स्वामी। तुम हो समस्त सृष्टि के पालनहार, तुम हो सर्वशक्तिमान।

5.

तुम हो प्रेम के अवतार, तुम हो भक्तों के प्रिय। तुम हो मंगलकारी, तुम हो सबका कल्याणकारी।

6.

जय जय जय भोगपुरेश, कृष्ण कन्हैया तुम हो। मुझ पर कृपा करो, मेरे सब दुख दूर करो।

7.

तुम हो मेरे आराध्य देव, तुम हो मेरे जीवन का आधार। तुम हो मेरे सब दुखों का नाश करने वाले, तुम हो मेरे सर्वस्व।

8.

जय जय जय भोगपुरेश, कृष्ण कन्हैया तुम हो। मुझ पर कृपा करो, मेरे सब दुख दूर करो।

श्रीभोगपुरेशष्टक के लाभ

श्रीभोगपुरेशष्टक का पाठ करने से भक्तों को निम्नलिखित लाभ प्राप्त होते हैं:

  • भगवान कृष्ण की कृपा प्राप्त होती है।
  • जीवन में सुख और समृद्धि आती है।
  • कष्टों से मुक्ति मिलती है।
  • सफलता और उन्नति प्राप्त होती है।

यदि आप भगवान कृष्ण की भक्ति करना चाहते हैं, तो आप श्रीभोगपुरेशष्टक का पाठ कर सकते हैं। यह एक शक्तिशाली स्तोत्र है जो आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।

यहां श्रीभोगपुरेशष्टक का पाठ करने का तरीका बताया गया है:

  • एक साफ और शांत स्थान पर बैठें।
  • अपने सामने एक भगवान कृष्ण की तस्वीर या प्रतिमा रखें।
  • अपने हाथों को जोड़ें और भगवान कृष्ण से प्रार्थना करें।
  • स्तोत्र का पाठ करें, ध्यान से प्रत्येक शब्द का उच्चारण करें।
  • स्तोत्र को कम से कम तीन बार करें।

श्रीभोगपुरेशष्टक का पाठ करने से आपको भगवान कृष्ण की कृपा प्राप्त होगी और आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव आएंगे।

Download
or download free
[free_download_btn]
[changelog]

Similar Downloads

No related download found!
KARMASU

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *