Mahamrityunjayaashtakam
महामृत्युंजयष्टकम् भगवान शिव की स्तुति में लिखा गया एक संस्कृत स्तोत्र है। इसे 10वीं शताब्दी के कवि देवकीनंदन ठाकुर ने लिखा था। स्तोत्र में 8 छंद हैं, प्रत्येक छंद में 8 पंक्तियाँ हैं।
स्तोत्र भगवान शिव को मृत्यु पर विजय पाने वाला देवता के रूप में चित्रित करता है। यह शिव को भक्तों के लिए एक दयालु और क्षमाशील देवता के रूप में भी चित्रित करता है।
स्तोत्र की कुछ प्रमुख पंक्तियाँ निम्नलिखित हैं:
- ॐ त्र्यंबकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
- नमस्ते रुद्राय नमस्ते शम्भवे नमस्ते महेश्वराय नमस्ते नीलकंठाय।
- नमस्ते पञ्चवक्त्रे नमस्ते त्रिनयनाय नमस्ते वरदाय नमस्ते अनन्ताय।
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