ब्रह्मास्पतिसूक्त ऋग्वेद की एक महत्वपूर्ण सूक्त है। यह सूक्त ब्रह्मास्पति देवता को समर्पित है, जो ऋषियों के गुरु हैं। सूक्त में ब्रह्मास्पति देवता की महिमा का वर्णन किया गया है।
ब्रह्मास्पतिसूक्त के कुछ प्रमुख श्लोक इस प्रकार हैं:
- श्लोक 1:
ब्रह्मास्पतिं सुपर्णं ऋषीणां गुरुं नमस्यामि। स मे वेदान् प्रब्रूयात् सर्वान् ऋषीणां सद्गुरुः॥
अनुवाद:
मैं ब्रह्मास्पति देवता को प्रणाम करता हूँ, जो ऋषियों के गुरु हैं। वह मुझे सभी वेदों का ज्ञान प्रदान करें।
- श्लोक 2:
ब्रह्मास्पतिं नमस्यामि सर्वज्ञायं ऋषिम्। स मे ज्ञानं प्रब्रूयात् सर्वविद्यां सद्गुरुः॥
अनुवाद:
मैं ब्रह्मास्पति देवता को प्रणाम करता हूँ, जो सर्वज्ञ ऋषि हैं। वह मुझे सभी विद्याओं का ज्ञान प्रदान करें।
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