पुराणिक चंद्र स्तवन एक संस्कृत स्तोत्र है जो चंद्र देव की स्तुति करता है। यह स्तोत्र विभिन्न पुराणों में पाया जाता है, जिनमें ब्रह्मांड पुराण, विष्णु पुराण, और शिव पुराण शामिल हैं।
पुराणिक चंद्र स्तवन में, चंद्र देव को सभी देवताओं का स्वामी, ब्रह्मांड का प्रकाश, और मनुष्यों के लिए आशीर्वाद का स्रोत बताया गया है। चंद्र देव को ज्ञान, बुद्धि, और समृद्धि का दाता भी माना जाता है।
पुराणिक चंद्र स्तवन के कुछ प्रमुख श्लोक निम्नलिखित हैं:
pauraanikachandrastavah
- ब्रह्मांड पुराण:
प्रणम्य चन्द्रमसं देवं जगन्नाथं त्रिनेत्रम् । नमस्ते नमस्ते देव नमस्ते नमस्ते नमः ॥
- विष्णु पुराण:
चन्द्रमा जगत्पते चन्द्रो ज्योतिर्मयो हरिः । नमस्ते नमस्ते देव नमस्ते नमस्ते नमः ॥
- शिव पुराण:
चन्द्रमा मनसो भानुः सूर्यस्य नेत्रे जीवो । नमस्ते नमस्ते देव नमस्ते नमस्ते नमः ॥
पुराणिक चंद्र स्तवन का पाठ करने से माना जाता है कि चंद्र देव की कृपा प्राप्त होती है। यह पाठ विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है जो ज्ञान, बुद्धि, और समृद्धि की प्राप्ति के लिए चंद्र देव की आराधना करते हैं।
पुराणिक चंद्र स्तवन के कुछ अन्य लाभ निम्नलिखित हैं:
- यह स्तोत्र मानसिक शांति और एकाग्रता प्रदान करता है।
- यह स्तोत्र पारिवारिक सुख और समृद्धि में वृद्धि करता है।
- यह स्तोत्र रोगों से मुक्ति दिलाता है।
पुराणिक चंद्र स्तवन एक शक्तिशाली स्तोत्र है जो चंद्र देव की कृपा प्राप्त करने का एक प्रभावी तरीका है।
KARMASU