आञ्जनेयद्वादशनामावलिः Anjaneyadvadashnamavali:

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Published October 6, 2023
Updated October 6, 2023

अंजनेयद्वादशनामावली हिंदी में हनुमान जी के 12 नामों का एक समूह है। इन नामों का पाठ करने से हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है और भक्तों को सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिलती है।

अंजनेयद्वादशनामावली के 12 नाम इस प्रकार हैं:

  • हनुमान् - हनुमान जी का जन्म अंजनी देवी के गर्भ से हुआ था, इसलिए उन्हें "हनुमान्" कहा जाता है।
  • अंजनासून - हनुमान जी अंजनी देवी के पुत्र हैं, इसलिए उन्हें "अंजनासून" कहा जाता है।
  • वायुपुत्र - हनुमान जी वायु देवता के पुत्र हैं, इसलिए उन्हें "वायुपुत्र" कहा जाता है।
  • महाबल - हनुमान जी बहुत शक्तिशाली हैं, इसलिए उन्हें "महाबल" कहा जाता है।
  • रामेष्ट - हनुमान जी भगवान राम के भक्त हैं, इसलिए उन्हें "रामेष्ट" कहा जाता है।
  • फाल्गुनसख - हनुमान जी भगवान राम के पुत्र लव के मित्र हैं, इसलिए उन्हें "फाल्गुनसख" कहा जाता है।
  • पिंगाक्ष - हनुमान जी की आंखें लाल हैं, इसलिए उन्हें "पिंगाक्ष" कहा जाता है।
  • अमितविक्रम - हनुमान जी के कार्यों का कोई अंत नहीं है, इसलिए उन्हें "अमितविक्रम" कहा जाता है।
  • उदधिक्रमण - हनुमान जी ने समुद्र को पार किया था, इसलिए उन्हें "उदधिक्रमण" कहा जाता है।
  • सीताशोकविनाशक - हनुमान जी ने माता सीता को खोजने में राम जी की मदद की थी, इसलिए उन्हें "सीताशोकविनाशक" कहा जाता है।
  • लक्ष्मणप्राणदाता - हनुमान जी ने लक्ष्मण जी को संजीवनी बूटी लाकर उनका जीवन बचाया था, इसलिए उन्हें "लक्ष्मणप्राणदाता" कहा जाता है।
  • दशग्रीवस्योद्धारक - हनुमान जी ने भगवान राम की सहायता से रावण के दस सिरों को काट दिया था, इसलिए उन्हें "दशग्रीवस्योद्धारक" कहा जाता है।

अंजनेयद्वादशनामावली का पाठ करने से भक्तों को निम्नलिखित लाभ मिलते हैं:

  • हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है।
  • सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिलती है।
  • मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
  • जीवन में सुख समृद्धि आती है।

अंजनेयद्वादशनामावली का पाठ करने के लिए निम्नलिखित विधि अपनाई जा सकती है:

  • किसी भी शुभ दिन और शुभ समय पर स्नान आदि से निवृत्त होकर साफ कपड़े पहनें।
  • एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं और उस पर हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर रखें।
  • हनुमान जी को धूप, दीप, फूल आदि अर्पित करें।
  • हनुमान चालीसा या अन्य हनुमान जी के भजनों का पाठ करें।
  • अंत में, हनुमान जी के 12 नामों का पाठ करें।

अंजनेयद्वादशनामावली का पाठ नियमित रूप से करने से भक्तों को हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है और वे सभी प्रकार के कष्टों से मुक्त होकर सुखी और समृद्ध जीवन जीते हैं।

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