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Published October 14, 2023
Updated July 29, 2024

श्रीरामनववर्णस्तोत्रम एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान राम की स्तुति करता है। यह स्तोत्र 9 श्लोकों में विभाजित है, और प्रत्येक श्लोक में भगवान राम के एक अलग पहलू की स्तुति की जाती है।

श्रीरामनववर्णस्तोत्रम की रचना 14वीं शताब्दी के संत और कवि तुलसीदास ने की थी। यह स्तोत्र रामचरितमानस के बाद तुलसीदास की सबसे प्रसिद्ध रचनाओं में से एक है।

श्रीरामनववर्णस्तोत्रम का पाठ करने से भगवान राम की कृपा प्राप्त होती है। ऐसा माना जाता है कि यह स्तोत्र भक्तों को सभी प्रकार की विपत्तियों से बचाता है।

श्रीरामनववर्णस्तोत्रम के 9 श्लोक निम्नलिखित हैं:

श्लोक 1:

राम रामेति रघुपति रामेति सकल दुःख हरे रामेति जग में प्रसिद्ध रामेति सब सुख करौ रामेति

अर्थ:

राम, राम, रघुपति राम, राम, सभी दुख हरते हैं राम, राम, जग में प्रसिद्ध हैं राम, राम, सब सुख करते हैं राम, राम।

श्लोक 2:

सीतापति रामेति भक्तन के नाथ रामेति दयानिधान रामेति सर्व रोग हरे रामेति

अर्थ:

सीता के पति राम, भक्तों के नाथ राम, दया के भंडार राम, सभी रोग हरते हैं राम।

श्लोक 3:

जानकी वल्लभ रामेति वनवासी रामेति कमल नयन रामेति अद्भुत रूप रामेति

अर्थ:

सीता के प्रिय राम, वनवासी राम, कमल के समान नेत्रों वाले राम, अद्भुत रूप वाले राम।

श्लोक 4:

शरीर श्याम रामेति मुख चंद्र रामेति नारद उवाच रामेति सर्व मनोरथ रामेति

अर्थ:

श्यामवर्ण शरीर वाले राम, चंद्रमा के समान मुख वाले राम, नारद कहते हैं कि राम, सभी मनोरथों को पूर्ण करते हैं राम।

श्लोक 5:

लक्ष्मण सहित रामेति शेष सहित रामेति गरुड सहित रामेति सर्व सिद्धि रामेति

अर्थ:

लक्ष्मण सहित राम, शेषनाग सहित राम, गरुड़ सहित राम, सभी सिद्धियों को देने वाले राम।

श्लोक 6:

अग्नि परीक्षा रामेति रावण वध रामेति सीता दर्शन रामेति सुखदायक रामेति

अर्थ:

अग्नि परीक्षा में सफल राम, रावण का वध करने वाले राम, सीता के दर्शन देने वाले राम, सुख देने वाले राम।

श्लोक 7:

जन्म के समय रामेति अयोध्या के राजा रामेति सब सुखकारी रामेति भक्तन के प्यारे रामेति

अर्थ:

जन्म के समय राम, अयोध्या के राजा राम, सब सुखों को देने वाले राम, भक्तों के प्यारे राम।

श्लोक 8:

कलयुग के नाथ रामेति भक्तन के साथ रामेति सदा सर्वदा रामेति सर्व सुख दाता रामेति

अर्थ:

कलयुग के नाथ राम, भक्तों के साथ रहने वाले राम, सदा सर्वदा राम, सभी सुखों को देने वाले राम।

श्लोक 9:

जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम

अर्थ:

जय श्रीराम, जय श्रीराम, जय श्रीराम।

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