श्रीदुर्गाष्टोत्तरशतनामावलिः Sridurgaashtottarashatanamavalih

Version
File Size 0.00 KB
Downloads 6591
Files 1
Published October 6, 2023
Updated October 6, 2023

श्रीदुर्गाष्टोत्तरशतनामावली एक संस्कृत मंत्र है जो हिंदू देवी दुर्गा के 108 नामों का उच्चारण करता है। यह मंत्र दुर्गा सप्तशती के आदिपंचकम् का हिस्सा है।

मंत्र के कुछ प्रमुख पहलू इस प्रकार हैं:

  • मंत्र की शुरुआत में, भक्त देवी दुर्गा का ध्यान करते हैं।
  • मंत्र के शेष श्लोकों में, भक्त देवी दुर्गा की महिमा और शक्ति की प्रशंसा करते हैं।
  • मंत्र के अंत में, भक्त देवी दुर्गा से अपने जीवन में आशीर्वाद प्राप्त करने की प्रार्थना करते हैं।

श्रीदुर्गाष्टोत्तरशतनामावली के पाठ से होने वाले लाभ निम्नलिखित हैं:

  • यह मंत्र भक्तों को देवी दुर्गा की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करने में मदद करता है।
  • यह मंत्र भक्तों को सभी प्रकार के नुकसान और खतरों से बचाता है।
  • यह मंत्र भक्तों को आरोग्य, धन और समृद्धि प्राप्त करने में मदद करता है।

श्रीदुर्गाष्टोत्तरशतनामावली को पढ़ने के लिए निम्नलिखित विधि अपनाई जा सकती है:

  1. एकांत स्थान में एक स्वच्छ आसन पर बैठ जाएं।
  2. देवी दुर्गा का ध्यान करें।
  3. मंत्र का उच्चारण करें।
  4. मंत्र के अंत में, देवी दुर्गा से प्रार्थना करें।

श्रीदुर्गाष्टोत्तरशतनामावली एक शक्तिशाली मंत्र है जो भक्तों को देवी दुर्गा की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करने में मदद कर सकता है। यदि आप देवी दुर्गा की भक्त हैं, तो यह मंत्र पढ़ना एक अच्छा तरीका है।

श्रीदुर्गाष्टोत्तरशतनामावली के कुछ प्रमुख श्लोक इस प्रकार हैं:

  • प्रथम श्लोक:

ॐ सती साध्वी भवप्रीता भवमोचनी आर्या दुर्गा जया चाद्या त्रिनेत्रा शूलधारिणी

अर्थ:

हे सती, हे साध्वी, हे भवप्रीता, हे भवमोचनी, हे आर्या, हे दुर्गा, हे जया, हे त्रिनेत्रा, हे शूलधारिणी,

  • अंतिम श्लोक:

नमस्ते चामुंडे, नमस्ते महामाये सर्वशक्तिमते नमस्ते, भक्तवत्सले

अर्थ:

हे चामुंडे, आपको नमस्कार है, हे महामाया, आपको नमस्कार है, सर्वशक्तिमान, आपको नमस्कार है, भक्तवत्सले।

श्रीदुर्गाष्टोत्तरशतनामावली का हिंदी अनुवाद:**

श्रीदुर्गाष्टोत्तरशतनामावली

भगवान शिव कहते हैं:

हे पार्वती! मैं आपको देवी दुर्गा के 108 नामों का उच्चारण बताऊंगा, जो उनके सभी रूपों और गुणों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

प्रथम श्लोक:

हे सती, हे साध्वी, हे भवप्रीता, हे भवमोचनी, हे आर्या, हे दुर्गा, हे जया, हे त्रिनेत्रा, हे शूलधारिणी,

अर्थ:

हे सती, जो भगवान शिव की पत्नी हैं। हे साध्वी, जो सभी कर्मों को करने में सक्षम हैं। हे भवप्रीता, जो भव या संसार के दुखों को दूर करने वाली हैं। हे आर्या, जो सभी ऋषि-मुनियों द्वारा पूजनीय हैं। हे दुर्गा, जो सभी दुष्टों का नाश करने वाली हैं। हे जया, जो हमेशा जीतने वाली हैं। हे त्रिनेत्रा, जिनके तीन नेत्र हैं। हे शूलधारिणी, जो शूल धारण करती हैं।

अंतिम श्लोक:

हे चामुंडे, हे महामाया, सर्वशक्तिमान, हे भक्तवत्सले।

अर्थ:

हे चामुंडे, हे महामाया, हे सर्वशक्तिमान, हे भक्तवत्सले।

Download
or download free
[free_download_btn]

Categories & Tags

Similar Downloads

KARMASU

KARMASU वीडियो

छोटे वीडियो — देखें, सुनें और सीखें

YouTube पर देखें ↗
Lakshmi Mata 108 Mantra Jaap | लक्ष्मी माता के 108 दिव्य मंत्र…
Shri Ram Ji ke प्रमुख स्तोत्र..🙏
करवा चौथ 2026: चाँद कब निकलेगा? 🌙 | Karwa Chauth Moonrise Time…
करवा चौथ 2026 की अनंत मंगलकामनाएं II Karwa Chauth 2026 II
बुधवार Special गणेश मंत्र 108 बार | Wednesday Special Ganesh Mantra 108…
Puja Niyam | पूजा के नियम
Diwali 2026: Date, Shubh Muhurat, Lakshmi Puja Vidhi & Importance | दिवाली…
धनतेरस पर किसकी पूजा करें और कैसे करें.. Dhanteras
Hanuma ji 5 Mukho Ke Name 🙏 पंचमुखी हनुमान जी
Karwa Chauth Special Mantra 2026 | करवा चौथ पर 108 बार मंत्र…
पंचमुखी हनुमान जी के पांच मुख्य नाम🙏
महर्षि वाल्मीकि जयंती 2026 II Valmiki Jayanti 2026
App Download