स्तोत्र

श्रीघटिकाचलहनुमत्स्तोत्रम् २Sri Ghatikachalhanumatsotram 2

श्री घटिकाचलहनुमत्स्तोत्रम् 2 एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान हनुमान की स्तुति में लिखा गया है। यह स्तोत्र 20 श्लोकों का है, और प्रत्येक श्लोक भगवान हनुमान के एक अलग गुण या विशेषता की स्तुति करता है। श्लोक का प्रारंभिक भाग भगवान हनुमान को “घटिकाचलवासिन” कहकर उनकी पहचान करता है, जो “घटिकाचल पर्वत पर रहने

श्रीघटिकाचलहनुमत्स्तोत्रम् २Sri Ghatikachalhanumatsotram 2 Read More »

श्रीभोगापुरेशहनुमत्स्तोत्रम् Sribhogapureshahnumatsotram

श्रीभोगपुरेशष्टक एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान कृष्ण की स्तुति में लिखा गया है। यह स्तोत्र 8 श्लोकों का है, और प्रत्येक श्लोक भगवान कृष्ण के एक अलग गुण या विशेषता की स्तुति करता है। श्लोक का प्रारंभिक भाग भगवान कृष्ण को “भोगपुरेश” कहकर उनकी पहचान करता है, जो “भोगों के स्वामी” का अर्थ है।

श्रीभोगापुरेशहनुमत्स्तोत्रम् Sribhogapureshahnumatsotram Read More »

श्रीमदाञ्जनेयभुजङ्गप्रयातस्तोत्रम् Shrimadanjaneyabhujangprayatstotram

श्रीमद अंजनेय भुजंगप्रयात स्तोत्र एक हिंदू स्तोत्र है जो भगवान हनुमान की प्रशंसा करता है। यह स्तोत्र 12 श्लोकों का है, और प्रत्येक श्लोक भगवान हनुमान के एक अलग गुण या शक्ति की स्तुति करता है। श्लोक का प्रारंभिक भाग भगवान हनुमान को “भुजंगप्रयात” कहकर उनकी पहचान करता है, जो “सांप की तरह घूमने वाला”

श्रीमदाञ्जनेयभुजङ्गप्रयातस्तोत्रम् Shrimadanjaneyabhujangprayatstotram Read More »

श्रीमारुतीस्तोत्रम् Sri Maruti Stotram

श्री मारुती स्तोत्र एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान हनुमान की स्तुति में लिखा गया है। यह स्तोत्र 12 श्लोकों का है, और प्रत्येक श्लोक भगवान हनुमान के एक अलग गुण या शक्ति की स्तुति करता है। श्लोक का प्रारंभिक भाग भगवान हनुमान को “मारुति” कहकर उनकी पहचान करता है, जो “पवन के पुत्र” का

श्रीमारुतीस्तोत्रम् Sri Maruti Stotram Read More »

श्रीरामरहस्योक्तं श्रीहनुमदष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम्

श्रीरामरहस्योक्ता श्रीहनुमदसप्तशतनामस्तोत्रम् एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान हनुमान की स्तुति करता है। यह स्तोत्र 16वीं शताब्दी में श्रीरामरहस्य के लेखक श्रीकृष्णदास द्वारा रचित था। श्रीरामरहस्योक्ता श्रीहनुमदसप्तशतनामस्तोत्रम् का पाठ निम्नलिखित है: श्रीरामरहस्योक्ता श्रीहनुमदसप्तशतनामस्तोत्रम् अथ श्रीरामरहस्योक्ता श्रीहनुमदसप्तशतनामस्तोत्रम् ॥ ॐ श्री हनुमते नमः ॥ श्रीहनुमत् नमस्कारं, सप्तशतनामं नमो नमः। श्रीरामप्रिय भक्तो, महावीर बलधामा, पवनपुत्र अंजनिसुत, सूर्यवंशी वंशज,

श्रीरामरहस्योक्तं श्रीहनुमदष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् Read More »

श्रीलाङ्गूलास्त्रशत्रुञ्जय हनुमत्स्तोत्रम् Srilangulastrashathrunjay Hanumatsotram

श्रीलंगुलस्त्राशत्रुंजय हनुमतस्त्रोतम एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान हनुमान की स्तुति करता है। यह स्तोत्र 17वीं शताब्दी में कवि कविराज गुप्त द्वारा रचित था। श्रीलंगुलस्त्राशत्रुंजय हनुमतस्त्रोतम का पाठ निम्नलिखित है: श्रीलंगुलस्त्राशत्रुंजय हनुमतस्त्रोतम अथ श्रीलंगुलस्त्राशत्रुंजय हनुमतस्त्रोतम ॥ ॐ श्री हनुमते नमः ॥ जय जय जय हनुमान महावीर, अतुलित बलधामा। अंजनि पुत्र पवन सुत, सर्व दुखों को

श्रीलाङ्गूलास्त्रशत्रुञ्जय हनुमत्स्तोत्रम् Srilangulastrashathrunjay Hanumatsotram Read More »

श्रीसङ्कष्टमोचनस्तोत्रम् २ Srisankastamochanastotram 2

श्रीसंकटमोचन हनुमंत चालीसा एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान हनुमान की स्तुति करता है। यह स्तोत्र 16वीं शताब्दी में तुलसीदास द्वारा रचित था। श्रीसंकटमोचन हनुमंत चालीसा का पाठ निम्नलिखित है: श्री हनुमान चालीसा दोहा श्रीगुरु चरण सरोज रज, निज मन मुकुर सुधारि। बरनउँ रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि॥ चौपाई जय हनुमान ज्ञान गुन

श्रीसङ्कष्टमोचनस्तोत्रम् २ Srisankastamochanastotram 2 Read More »

जगन्मङ्गलकवचस्तोत्रम् Jaganmangalakavachastotram

जगन्मंगल कवचस्तोत्र एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान शिव की रक्षा प्रदान करता है। यह स्तोत्र भगवान शिव के विभिन्न रूपों का वर्णन करता है जो साधक की रक्षा करते हैं। जगन्मंगल कवचस्तोत्र में 10 श्लोक हैं। स्तोत्र की शुरुआत में, साधक भगवान शिव से उनकी रक्षा करने की प्रार्थना करता है। भगवान शिव उनकी

जगन्मङ्गलकवचस्तोत्रम् Jaganmangalakavachastotram Read More »

श्रीहनुमत्ताण्डवस्तोत्रम्

श्रीहनुमत्‍तन्‍davस्तोत्रम् एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान हनुमान के 12 नामों की स्तुति करता है। यह स्तोत्र 17वीं शताब्दी में कवि हरीराम शर्मा द्वारा रचित था। श्रीहनुमत्‍तन्‍davस्तोत्रम् का पाठ निम्नलिखित है: अथ श्रीहनुमत्‍तन्‍davस्तोत्रम् ॐ श्री हनुमते नमः 1. हनुमान् 2. पवनपुत्र 3. महावीर 4. मारुति 5. अंजनीसुत 6. केसरीनंदन 7. सुग्रीवप्रिय 8. रामदुत 9. अष्टसिद्धिनवनिधि

श्रीहनुमत्ताण्डवस्तोत्रम् Read More »

श्रीहनुमत्स्तोत्रं विभीषणकृतम् Sri Hanumatstotram Vibhishanakritam

नहीं, श्री हनुमतस्तोत्र विभीषण द्वारा रचित नहीं है। यह स्तोत्र 17वीं शताब्दी में कवि हरीराम शर्मा द्वारा रचित था। यह स्तोत्र भगवान हनुमान के 108 नामों की स्तुति करता है। श्री हनुमतस्तोत्र का पाठ निम्नलिखित है: अथ श्री हनुमतस्तोत्रम् ॐ श्री हनुमते नमः जय हनुमान महावीर, जन्मभूमि के वीर। राम भक्तों के रक्षक, तुम हो

श्रीहनुमत्स्तोत्रं विभीषणकृतम् Sri Hanumatstotram Vibhishanakritam Read More »

श्रीहनुमत्स्तोत्रम् व्यासतीर्थविरचितम् Sri Hanumatsotram Vyasateerthavirachitam

नहीं, श्री हनुमतसोरत्रम व्यासजी द्वारा रचित नहीं है। यह स्तोत्र 17वीं शताब्दी में कवि हरीराम शर्मा द्वारा रचित था। यह स्तोत्र भगवान हनुमान के 108 नामों की स्तुति करता है। श्री हनुमतसोरत्रम का पाठ निम्नलिखित है: अथ श्री हनुमतसोरत्रम ॐ श्री हनुमते नमः जय हनुमान महावीर, जन्मभूमि के वीर। राम भक्तों के रक्षक, तुम हो

श्रीहनुमत्स्तोत्रम् व्यासतीर्थविरचितम् Sri Hanumatsotram Vyasateerthavirachitam Read More »

श्रीहनुमत्स्वरमालास्तोत्रम्

श्रीहनुमत्स्वारमालस्तोत्रम् एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान हनुमान के 108 नामों की स्तुति करता है। यह स्तोत्र 17वीं शताब्दी में कवि हरीराम शर्मा द्वारा रचित था। श्रीहनुमत्स्वारमालस्तोत्रम् का पाठ निम्नलिखित है: ॥ श्रीहनुमत्स्वारमालस्तोत्रम् ॥ अथ श्रीहनुमत्स्वारमालस्तोत्रम् ॐ श्रीहनुमते नमः जय हनुमान महावीर, जन्मभूमि के वीर। राम भक्तों के रक्षक, तुम हो वीर। श्रीराम के दूत,

श्रीहनुमत्स्वरमालास्तोत्रम् Read More »

App Download