स्तोत्र

श्रीसदाशिवस्तोत्रम् Srisadashivastotram

Srisadashivastotram श्रीसदाशिवस्तोत्र एक संस्कृत स्तोत्र है जो शिव की स्तुति करता है। यह स्तोत्र 11 श्लोकों में लिखा गया है और इसे 12वीं शताब्दी के भक्त और संत श्री सदाशिव ने लिखा था। स्तोत्र का प्रारंभ शिव की प्रार्थना से होता है। भक्त शिव से प्रार्थना करते हैं कि वे उन्हें अपने आशीर्वाद प्रदान करें।

श्रीसदाशिवस्तोत्रम् Srisadashivastotram Read More »

सदाशिवस्तोत्रम् २ Sadashivastotram 2

Sadashivastotram 2 सदाशिवस्तोत्रम् 2 एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान शिव की स्तुति के लिए लिखा गया है। यह स्तोत्र 10 श्लोकों में विभाजित है, प्रत्येक श्लोक में भगवान शिव की एक विशेष विशेषता या गुण का वर्णन किया गया है। सदाशिवस्तोत्रम् 2 के कुछ उदाहरण निम्नलिखित हैं: श्लोक 1: अर्थ: हे शिव, आप सभी

सदाशिवस्तोत्रम् २ Sadashivastotram 2 Read More »

सदाशिवाष्टकम् श्रीशिवपङ्चचामरस्तोत्रं च Sadashivashtakam Shrishivpanchchamarastotram ch

 Sadashivashtakam Shrishivpanchchamarastotram ch सदाशिवष्टकम् और श्रीशिवपङ्चचामरस्तोत्रम् दोनों ही भगवान शिव की स्तुति के लिए लिखे गए संस्कृत स्तोत्र हैं। सदाशिवष्टकम् में, भगवान शिव की आठ विशेषताओं का वर्णन किया गया है: त्रिनेत्र: तीन नेत्र नीलकण्ठ: नीले कंठ वाले चंद्रमौली: चंद्रमा के मुकुट वाले रुद्र: क्रोध के देवता महादेव: महान देवता शिव: शांति के देवता ईश्वर:

सदाशिवाष्टकम् श्रीशिवपङ्चचामरस्तोत्रं च Sadashivashtakam Shrishivpanchchamarastotram ch Read More »

हाकिनी परनाथ स्तोत्रम् Haakini Parnath Stotram

Haakini Parnath Stotram हाकिनी परनाथ स्तोत्रम् अर्थ: हे हाकिनी, मैं आपको प्रणाम करता हूं। श्लोक 1: कौमारी रूपेण सदा स्थिता हरिहरात्मिका। नृत्यगानगीतं नयति भुवनत्रयम् ॥ अर्थ: आप हमेशा कुमारी रूप में रहती हैं और भगवान विष्णु और भगवान शिव के रूप में त्रिभुवन को नृत्य, गायन और नृत्य से भर देती हैं। श्लोक 2: त्रिशूल

हाकिनी परनाथ स्तोत्रम् Haakini Parnath Stotram Read More »

हाटकेश्वरस्तोत्रम् Hatkeshwar Stotram

Hatkeshwar Stotram हाटकेश्वर स्तोत्रम् अर्थ: हे हाटकेश्वर, मैं आपको प्रणाम करता हूं। श्लोक 1: जटातटान्तरोल्लसत्सुरापगोर्मिभास्वरं ललाटनेत्रमिन्दुनाविराजमानशेखरम् । लसद्विभूतिभूषितं फणीन्द्रहारमीश्वरं नमामि नाटकेश्वरं भजामि हाटकेश्वरम् ॥ अर्थ: हे हाटकेश्वर, आपके बालों के बीच से निकलने वाली ज्वालाएं सुंदर हैं। आपके नेत्र कमल के समान हैं और आपके मस्तक पर चंद्रमा विराजमान है। आपके शरीर को विभूतियों से

हाटकेश्वरस्तोत्रम् Hatkeshwar Stotram Read More »

अन्धककृतं शिवस्तोत्रम् Andhakritam Shivastotram

Andhakritam Shivastotram अंधककृत शिवस्तोत्र एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान शिव की महिमा का वर्णन करता है। यह स्तोत्र अंधक नामक एक राक्षस द्वारा रचित था, जिसे भगवान शिव ने मारा था। अंधककृत शिवस्तोत्र में, भगवान शिव को ब्रह्मांड के निर्माता, संहारक और संरक्षक के रूप में वर्णित किया गया है। स्तोत्र में, भगवान शिव

अन्धककृतं शिवस्तोत्रम् Andhakritam Shivastotram Read More »

अन्धककृतं शिवस्तोत्रम् Andhakritam Shivastotram

Andhakritam Shivastotram अंधककृत शिवस्तोत्र एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान शिव की महिमा का वर्णन करता है। यह स्तोत्र अंधक नामक एक राक्षस द्वारा रचित था, जिसे भगवान शिव ने मारा था। अंधककृत शिवस्तोत्र में, भगवान शिव को ब्रह्मांड के निर्माता, संहारक और संरक्षक के रूप में वर्णित किया गया है। स्तोत्र में, भगवान शिव

अन्धककृतं शिवस्तोत्रम् Andhakritam Shivastotram Read More »

अर्धनारीश्वरसहस्रनामस्तोत्रम् Ardhanarishvarasahasranamastotram

Ardhanarishvarasahasranamastotram अर्धनारीश्वर सहस्रनाम स्तोत्र एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान शिव के अर्धनारीश्वर रूप की प्रशंसा करता है। अर्धनारीश्वर रूप में, भगवान शिव के शरीर का आधा भाग पुरुष का है और आधा भाग महिला का। यह रूप शिव और शक्ति के मिलन का प्रतीक है। अर्धनारीश्वर सहस्रनाम स्तोत्र में, भगवान शिव की अर्धनारीश्वर रूप

अर्धनारीश्वरसहस्रनामस्तोत्रम् Ardhanarishvarasahasranamastotram Read More »

इन्दुमौलिस्मरणस्तोत्रम् Indumoulismaranstotram

 Indumoulismaranstotram इंदुमौलिस्मरणस्तोत्रम् एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान शिव की स्तुति करता है। यह स्तोत्र १६वीं शताब्दी के कवि और संत श्री आदि शंकराचार्य द्वारा रचित है। इस स्तोत्र में भगवान शिव के विभिन्न रूपों और गुणों का वर्णन किया गया है। इंदुमौलिस्मरणस्तोत्रम् का अर्थ है – इंदुमौलि (चंद्रमा के मुकुट वाले भगवान शिव) का

इन्दुमौलिस्मरणस्तोत्रम् Indumoulismaranstotram Read More »

ईश्वरप्रार्थनास्तोत्रम् Ishwarprathna Stotram

Ishwarprathna Stotram ईश्वरप्रार्थना स्तोत्रम् एक प्रसिद्ध स्तोत्र है जो भगवान शिव की प्रार्थना करती है। यह स्तोत्र स्वामी श्री योगानंद द्वारा रचित है। ईश्वरप्रार्थना स्तोत्रम् का पाठ इस प्रकार है: श्लोक 1 ईश्वरं शरणं गच्छामि, क्रोधादिपीडितं दीनं। अनाथं पतितं चैव, प्रार्थितं शरणं गच्छामि। अर्थ: मैं ईश्वर की शरण जाता हूं, जो क्रोध आदि पीड़ाओं से

ईश्वरप्रार्थनास्तोत्रम् Ishwarprathna Stotram Read More »

ईश्वरस्तोत्रम् २ Ishwar Stotram 2

ईश्वर स्तोत्रम् 2 श्लोक 1 अज्ञात रूपाय अदृश्याय, अविनाशी, अज, अनादि। तुम हो आदि, मध्य, अंत, तुम हो सर्वव्यापी, सदा। अर्थ: हे ईश्वर, आप अज्ञात रूप, अदृश्य, अविनाशी, अज और अनादि हैं। आप ही आदि, मध्य और अंत हैं। आप सर्वव्यापी और सदा विद्यमान हैं। श्लोक 2 तुम ही ब्रह्मा, विष्णु, रुद्र, तुम ही सूर्य,

ईश्वरस्तोत्रम् २ Ishwar Stotram 2 Read More »

ब्रह्मादिदेवैः कृतं शिवस्तोत्रम् Brahmadidevaiha kritam shivastotram

Brahmadidevaiha kritam shivastotram ब्रह्मादिभि कृतं शिवस्तोत्रं एक प्रसिद्ध शिव स्तोत्र है। यह स्तोत्र ब्रह्मा, विष्णु, और महेश सहित सभी देवताओं द्वारा रचित है। स्तोत्र में शिव की स्तुति की गई है और उन्हें सभी देवताओं का स्वामी कहा गया है। स्तोत्र का पाठ इस प्रकार है: ब्रह्मादिभि कृतं शिवस्तोत्रम् नमस्तुभ्यं नमस्तुभ्यं नमस्तुभ्यं महेश्वर नमस्तुभ्यं नमस्तुभ्यं

ब्रह्मादिदेवैः कृतं शिवस्तोत्रम् Brahmadidevaiha kritam shivastotram Read More »

App Download