प्रेमसायुज्यम् premasayujyam
प्रेमेन्दुसागरस्तोत्रम् एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान कृष्ण की प्रशंसा में लिखा गया है। यह स्तोत्र 100 श्लोकों में विभाजित है, प्रत्येक श्लोक में भगवान कृष्ण के विभिन्न रूपों और गुणों की वर्णन है। प्रथम श्लोक: कलहान्तरितावृत्ता काचिद् वल्लवसुन्दरी विरहोततापखिन्नाङ्गी सखीं सोत्कण्ठमब्रवीत् । हन्त गौरि स किं गन्तां मन्योः पन्थानं मे श्रीकृष्णः करुणासिन्धुः कृष्णो गोकुलवल्लभः

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