गोवर्धनाश्रयदशकम् (रघुनाथदासगोस्वामिविरचितम्) Govardhanashrayadasakam (Raghunathdasgoswamivirachitam)
गोवर्धनशरणदासकम् (रघुनाथदासगोस्वामीविरचितम्) एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान कृष्ण के द्वारा गोवर्धन पर्वत को उठाने की लीला की स्तुति करता है। यह स्तोत्र 17वीं शताब्दी के वैष्णव संत और कवि रघुनाथदास गोस्वामी द्वारा रचित था। Govardhanashrayadasakam (Raghunathdasgoswamivirachitam) स्तोत्र के 10 श्लोक हैं, प्रत्येक श्लोक में कृष्ण के द्वारा गोवर्धन पर्वत को उठाने की लीला के

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