श्रीरङ्गगद्यम् एक संस्कृत गद्य काव्य है, जिसका रचनाकार क्षेमेन्द्र है। यह काव्य १३वीं शताब्दी में लिखा गया था। इस काव्य में श्रीरङ्गम् तीर्थक्षेत्र का वर्णन किया गया है। श्रीरङ्गगद्यम् में कुल १०० अध्याय हैं। प्रत्येक अध्याय में श्रीरङ्गम् के एक…
श्रीमद्भगवद्गीता के द्वितीयकांड में कंस वध का वर्णन आता है। कंस, मथुरा का अधर्मी राजा था, जिसने अपनी बहन देवकी और उसके पति वसुदेव को कैद कर लिया था। कंस ने भविष्यवाणी सुनी थी कि उसकी बहन के आठवें पुत्र…
श्रीसंतानक गोपालकृष्ण मंत्र एक शक्तिशाली मंत्र है जो भगवान कृष्ण की भक्ति में रचित है। यह मंत्र भगवान कृष्ण के बाल रूप, संतानक गोपाल की स्तुति करता है। मंत्र का पाठ इस प्रकार है: shreekrshnaleelaastutih ऊँ श्रीसंतानक गोपालकृष्णाय नमः मंत्र…
श्रीसंतानक गोपालकृष्ण मंत्र एक शक्तिशाली मंत्र है जो भगवान कृष्ण की भक्ति में रचित है। यह मंत्र भगवान कृष्ण के बाल रूप, संतानक गोपाल की स्तुति करता है। मंत्र का पाठ इस प्रकार है: shreesantanagopaalakrshnamantram ऊँ श्रीसंतानक गोपालकृष्णाय नमः मंत्र…
श्रीमद्भागवतम् के दसवें स्कन्द के 10वें अध्याय को श्रीमद्भागवतम् की सौम्य महात्म्य कहा जाता है। इस अध्याय में, भगवान कृष्ण ने अपने भक्तों को भक्ति की महिमा का वर्णन किया है। उन्होंने कहा कि भक्ति ही एकमात्र मार्ग है जो…
श्रीरुचिराष्टकम् एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान कृष्ण की भक्ति में रचित है। इसे 17वीं शताब्दी के कवि श्रीधर भट्टाचार्य ने लिखा था। स्तोत्र में, कवि भगवान कृष्ण के रूप और गुणों का वर्णन करते हैं। वे कहते हैं कि…
श्रीमुकुंदस्मरणाष्टकम् एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान कृष्ण की भक्ति में रचित है। इसे 17वीं शताब्दी के कवि श्रीधर भट्टाचार्य ने लिखा था। स्तोत्र में, कवि भगवान कृष्ण के बाल्यकाल के चरित्र और लीलाओं का वर्णन करते हैं। वे कहते…
भावनाप्रकाशष्टकम् एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान कृष्ण की भक्ति में रचित है। इसे 17वीं शताब्दी के कवि श्रीधर भट्टाचार्य ने लिखा था। स्तोत्र में, कवि भगवान कृष्ण के प्रेम और करुणा के गुणों का वर्णन करते हैं। वे कहते…
भावनाप्रकाशष्टकम् एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान कृष्ण की भक्ति में रचित है। इसे 17वीं शताब्दी के कवि श्रीधर भट्टाचार्य ने लिखा था। स्तोत्र में, कवि भगवान कृष्ण के प्रेम और करुणा के गुणों का वर्णन करते हैं। वे कहते…
श्रीकृष्णस्तुतिर्मंगलम एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में रचित है। इसे 17वीं शताब्दी के कवि श्रीधर भट्टाचार्य ने लिखा था। स्तोत्र में, कवि भगवान कृष्ण के रूप, गुणों और कार्यों का वर्णन करते हैं। वे कहते हैं…
आदिकृत्य श्रीकृष्णस्तोत्र एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में रचित है। इसे 14वीं शताब्दी के कवि आदिकृत्य ने लिखा था। स्तोत्र में, कवि भगवान कृष्ण के रूप, गुणों और कार्यों का वर्णन करते हैं। वे कहते हैं…
अक्रूरकृत श्रीकृष्णस्तुति एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान कृष्ण की भक्ति में रचित है। इसे 16वीं शताब्दी के कवि अक्रूर ने लिखा था। स्तोत्र में, कवि भगवान कृष्ण के रूप, गुणों और कार्यों का वर्णन करते हैं। वे कहते हैं…