खण्डिता (रूपगोस्वामिविरचिता) Khandita (Rupagoswamivirchita)
खंडिता एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान कृष्ण के विरह में व्याकुल राधा की भावनाओं को व्यक्त करता है। यह स्तोत्र 12 अष्टपदीओं में विभाजित है, प्रत्येक अष्टपदी राधा के विरह की एक अलग भावना को व्यक्त करती है। खंडिता की रचना 15वीं शताब्दी में भक्तिकाल के कवि रूपगोस्वामी ने की थी। रूपगोस्वामी एक कृष्ण
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