सपने में डूबता हुआ सूरज आमतौर पर अशुभ माना जाता है। यह किसी प्रकार के नुकसान, कठिनाई या परेशानी का संकेत हो सकता है। यह निम्नलिखित बातों का संकेत हो सकता है: सपने में डूबता हुआ सूरज Dream me dubta…
पुराना घर देखना कभी-कभी अतीत से जुड़े दर्द या दुख का भी संकेत हो सकता है। यह सपना आपको अपने अतीत के घावों को ठीक करने या उनसे निपटने की आवश्यकता के बारे में बता रहा हो सकता है। पुराना…
सपने में आग देखना एक सामान्य सपना है। यह सपना कई तरह के अर्थों को दर्शाता है। यह सपना आपकी भावनाओं, इच्छाओं और भविष्य की घटनाओं को दर्शा सकता है। दरअसल सपने यूं ही तो नहीं होते, ये बहुत कुछ…
सपने में काली बिल्ली (Black Cat) देखने का मतलब शुभ या अशुभ दोनों हो सकता है। यह सपने में बिल्ली के साथ अन्य घटनाओं और सपने देखने वाले व्यक्ति की वर्तमान स्थिति पर निर्भर करता है। रात को सोते समय…
सपने (dream) में कुत्ता देखना एक सामान्य सपना है। स्वप्न शास्त्र के अनुसार, कुत्ता वफादारी, सुरक्षा और दोस्ती का प्रतीक है। सपने में कुत्ता अलग-अलग अवस्थाओं में दिखाई दे सकता है। इन अवस्थाओं के आधार पर सपने का अर्थ भी…
Sapne सपने में बंदर का दिखना शुभ या अशुभ दोनों हो सकता है। यह सपने में बंदर की स्थिति और उसकी गतिविधियों पर निर्भर करता है सपनों में हम कई तरह की चीजें देखते हैं जो हमें हमारे भविष्य के…
सपने (Sapne) हमारे अवचेतन मन की अभिव्यक्ति होते हैं। वे हमारी भावनाओं, इच्छाओं, भय और चिंताओं को दर्शाते हैं। कुछ सपने शुभ होते हैं, जबकि कुछ अशुभ। सपने में दिखने वाली कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिनका हमारे जीवन पर…
सपने में खुद को चोट ( chot ) लगते हुए देखना एक अशुभ सपना sapna माना जाता है। इस सपने के कई अर्थ हो सकते हैं, लेकिन आमतौर पर यह आने वाले समय में कठिनाइयों और समस्याओं का संकेत देता…
Sapna कुछ मामलों में, सपने में खुद का चेहरा आईने में देखना एक नकारात्मक संकेत माना जा सकता है। यह आत्म-संदेह, आत्म-निंदात्मक विचारों या आत्म-विनाशकारी व्यवहार का प्रतीक हो सकता है। यह सपना व्यक्ति को अपने स्वयं के विचारों और…
Swapna Shastra: सपनों की व्याख्या करने के लिए, स्वप्न शास्त्र विभिन्न कारकों पर विचार करता है, जैसे कि सपने में क्या देखा गया, सपने का समय, सपने देखने वाले का व्यक्तित्व और वर्तमान परिस्थितियां। स्वप्न शास्त्र के अनुसार, सपने दो…
Saraswati जब सृष्टि का निर्माण हुआ तो हर और अव्यवस्था थी। ब्रह्मा को यह समझ में नहीं आ रहा था कि सृष्टि में व्यवस्था कैसे बनाई जाए। समस्या पर विचार करते समय उन्हें एक आवाज सुनाई पड़ी कि ज्ञान ही…
आज रविवार है और सूर्यदेव का दिन है। आज जागरण आध्यात्म के इस लेख में हम आपको बताएंगे कि भगवान सूर्य की उत्पति कैसे हुई। पृथ्वी के दो साक्षात देव हैं सूर्य और चंद्र। ये दोनों देव ही प्रत्यक्ष हैं।…