Akshaya Tritiya Kyu Manate Hai Story : हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया के त्योहार का विशेष महत्व होता है। यह पर्व हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। अक्षय तृतीया पर विवाह, गृहप्रवेश और चीजों की खरीदारी करना बहुत ही शुभ माना जाता है। इस दिन सोना-चांदी और इससे बने आभूषण की खरीदारी करते हैं।
Akshaya Tritiya Kyu Manate Hai Story:अक्षय तृतीया की तिथि स्वयं सिद्ध अबूझ मुहूर्त मानी गई है। इस दिन कोई भी शुभ मांगलिक कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश, घर, भूखंड या वाहन आदि की खरीदारी से सम्बंधित कार्य किए जा सकते हैं। इस दिन माता लक्ष्मी की विशेष पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का महत्व इसलिए काफी होता है क्योंकि इस तिथि पर कई पौराणिक घटनाएं घटित हुई थी। आइए जानते हैं अक्षय तृतीया का शुभ मुहूर्त और महत्व के बारे में विस्तार से।
Akshaya Tritiya Kyu Manate Hai Story:अक्षय तृतीया का महत्व
Akshaya Tritiya Kyu Manate Hai Story:अक्षय तृतीया को आखा तीज और कृतयुगादि तृतीया भी कहते हैं। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार त्रेता युग का आरंभ भी इसी तिथि को हुआ था। धार्मिक नजरिए से अक्षय तृतीया का विशेष महत्व होता है इसलिए इस युगादि तिथि के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार इस दिन परशुराम का जन्म हुआ था। इस तिथि पर भगवान कृष्ण ने युधिष्ठिर को अक्षय पात्र दिया था। अक्षय तृतीया के दिन ही मां गंगा आक अवतरण हुआ था। मान्यता है कि इस दिन स्नान,दान,जप,होम,स्वाध्याय, तर्पण आदि जो भी कर्म किए जाते हैं,वे सब अक्षय हो जाते हैं। अक्षय तृतीया तिथि पर सोना खरीदने का विशेष महत्व होता है।
Why is the festival of Akshaya Tritiya celebrated:अक्षय तृतीया का पर्व क्यों मनाया जाता है?
Akshaya Tritiya Kyu Manate Hai Story:धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अक्षय तृतीया के दिन भगवान परशुराम, हयग्रीव और नर-नारायण का अवतरण धरती पर हुआ था. ये तीनों ही श्रीहरि विष्णु के अवतार माने गए हैं. ऐसा माना जाता है कि इसी दिन से सतयुग और त्रेतायुग की शुरुआत भी हुई थी. वहीं, मान्यता यह भी है कि इसी दिन पर द्वापर युग का समापन भी हुआ था.
अक्षय तृतीया को मुख्य रूप से इसलिए मनाया जाता है क्योंकि इस दिन जो भी शुभ कार्य किए जाते हैं, उनका अक्षय फल (असीम और कभी न खत्म होने वाला) प्राप्त होता है. अक्षय तृतीया तिथि इसलिए खास मानी जाती है, क्योंकि इसमें हर तरह के कार्य करना शुभ होता है और इसका फल हमेशा के लिए रहता है.
Akshaya Tritiya Story: इस साल 2025 में अक्षय तृतीया का पर्व 30 अप्रैल को मनाया जाएगा. हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया के त्योहार का विशेष महत्व माना गया है. हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाता है. Akshaya Tritiya Kyu Manate Hai Story अक्षय तृतीया के दिन विवाह, गृह प्रवेश और कई चीजों की खरीदारी करना बहुत शुभ माना जाता है. वहीं, इस दिन सोना-चांदी की खरीदारी करना भी लाभकारी माना गया है. ज्योतिष के अनुसार अक्षय तृतीया की तिथि स्वयं सिद्ध अबूझ मुहूर्त मानी गई है यानी इस दिन कोई भी शुभ-मांगलिक कार्य बिना शुभ मुहूर्त देखे किए जा सकते हैं.
Akshaya Tritiya Kyu Manate Hai Story:धार्मिक मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है. हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का महत्व इसलिए काफी होता है क्योंकि इस तिथि से कई पौराणिक घटनाएं जुड़ी हुई हैं. आइए जानते हैं अक्षय तृतीया का पर्व क्यों मनाया जाता है और इसका महत्व क्या है.
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When is Akshaya Tritiya in 2025:में अक्षय तृतीया कब है?
Akshaya Tritiya Kyu Manate Hai Story:हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 29 अप्रैल को शाम 5:31 मिनट पर शुरू होगी. वहीं, इस तिथि का समापन 30 अप्रैल को दोपहर 2:12 मिनट पर होगा. ऐसे में अक्षय तृतीया इस वर्ष 30 अप्रैल, दिन बुधवार को मनाई जाएगी. इस तिथि को धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है.




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