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Published November 17, 2023
Updated November 17, 2023

Sribanashtakam

श्रीबनाशष्टकम् एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान शिव के रक्षक रूप की स्तुति करता है। यह स्तोत्र 8 श्लोकों में विभाजित है और इसमें भगवान शिव के रक्षक रूप के विभिन्न गुणों और विशेषताओं का वर्णन किया गया है।

श्रीबनाशष्टकम् की रचना का श्रेय आमतौर पर 10वीं शताब्दी के कन्नड़ कवि और दार्शनिक श्रीविश्वनाथचार्य को दिया जाता है। श्रीविश्वनाथचार्य एक महान विद्वान और दार्शनिक थे। उन्होंने कई संस्कृत और कन्नड़ ग्रंथों की रचना की, जिनमें श्रीबनाशष्टकम् भी शामिल है।

श्रीबनाशष्टकम् को हिंदू धर्म में एक पवित्र स्तोत्र माना जाता है। इसे अक्सर पूजा और अनुष्ठानों में पढ़ा जाता है।

श्रीबनाशष्टकम् के कुछ प्रसिद्ध श्लोक:**

  • अर्थ: हे भगवान शिव, आप सभी प्राणियों के रक्षक हैं। आप सभी कष्टों और दुखों को दूर करने वाले हैं। आप सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाले हैं।

  • अर्थ: हे भगवान शिव, आप सभी बुराई और पाप का नाश करने वाले हैं। आप सभी प्रकार के भय और डर को दूर करने वाले हैं। आप सभी को मोक्ष प्रदान करने वाले हैं।

  • अर्थ: हे भगवान शिव, आप सभी ज्ञान और आनंद के स्रोत हैं। आप सभी भक्तों के लिए एक शक्तिशाली शरण हैं।

श्रीबनाशष्टकम् एक शक्तिशाली और अर्थपूर्ण स्तोत्र है जो भगवान शिव के रक्षक रूप की महिमा का वर्णन करता है। यह स्तोत्र उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो सुरक्षा, शांति, और समृद्धि की प्राप्ति चाहते हैं।

Sribanashtakam

श्रीबनाशष्टकम् का पाठ:**

नमस्ते शंकरे! सर्वरक्षक! सर्वदुःखनिवारक! सर्वकामधायक!

नमस्ते दुष्टविनाशक! भयनिवारक! मोक्षदायक! ज्ञानसागर!

आनन्दसागर! सर्वभक्तशरण!

अनुवाद:

हे भगवान शिव, आपको मेरा प्रणाम। आप सभी प्राणियों के रक्षक हैं। आप सभी कष्टों और दुखों को दूर करने वाले हैं। आप सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाले हैं।

हे भगवान शिव, आप सभी बुराई और पाप का नाश करने वाले हैं। आप सभी प्रकार के भय और डर को दूर करने वाले हैं। आप सभी को मोक्ष प्रदान करने वाले हैं।

हे भगवान शिव, आप सभी ज्ञान और आनंद के स्रोत हैं। आप सभी भक्तों के लिए एक शक्तिशाली शरण हैं।

यह स्तोत्र भगवान शिव के रक्षक रूप की महिमा का वर्णन करते हुए इस प्रकार समाप्त होता है:

अर्थ: हे भगवान शिव, मैं आपके चरणों में शरण लेता हूं। आप मुझे सभी कष्टों और दुखों से मुक्ति प्रदान करें। आप मुझे सभी प्रकार के भय और डर से मुक्ति प्रदान करें।

आप मुझे सभी प्रकार के सुख और आनंद प्रदान करें। आप मुझे मोक्ष की प्राप्ति प्रदान करें।

श्रीमलहानिकरेश्वरस्तुतिः Shrimalhanikareshwarstutih

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