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Published November 10, 2023
Updated July 29, 2024

श्रीकृष्ण प्रातः स्मरण स्तोत्रम् एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान कृष्ण की महिमा का वर्णन करता है। यह स्तोत्र 10 श्लोकों में रचित है।

श्रीकृष्ण प्रातः स्मरण स्तोत्रम् की रचना 14वीं शताब्दी के कवि जयदेव द्वारा की गई थी। यह स्तोत्र "अष्टपदी" छंद में रचित है।

श्रीकृष्ण प्रातः स्मरण स्तोत्रम् के कुछ महत्वपूर्ण श्लोक इस प्रकार हैं:

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  • श्लोक 1:

पृथ्वीं समृद्धयै निजैः पदैर्गतां ज्योत्स्नां यथा सूर्योदयाद्। कृष्णं वृन्दावने क्रीडन्तं स्मरामि तं प्रातःकाले।

  • अनुवाद:

जैसे सूर्योदय से ज्योत्स्ना पृथ्वी पर समृद्धि लाती है, उसी प्रकार मैं प्रातःकाल कृष्ण को वृन्दावन में क्रीडते हुए स्मरण करता हूँ।

  • श्लोक 10:

यः पठेद्यो स्तोत्रं सदा, भक्त्या मनसा नित्यम्। तस्य सर्वे मनोरथाः सिद्धिं प्राप्नुवन्ति ध्रुवम्।

  • अनुवाद:

जो भक्त इस स्तोत्र का नित्य मन से भक्तिपूर्वक पाठ करता है, उसके सभी मनोरथ अवश्य ही सिद्ध होते हैं।

श्रीकृष्ण प्रातः स्मरण स्तोत्रम् एक सुंदर और भावपूर्ण स्तोत्र है जो भगवान कृष्ण की महिमा का वर्णन करता है। यह स्तोत्र भक्तों को भगवान कृष्ण के प्रति भक्ति उत्पन्न करता है।

श्रीकृष्ण प्रातः स्मरण स्तोत्रम् का पाठ करने से भगवान कृष्ण की कृपा प्राप्त होती है। यह स्तोत्र भक्तों को भगवान कृष्ण के प्रति भक्ति उत्पन्न करता है और उन्हें भगवान कृष्ण के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है।

श्रीकृष्ण प्रातः स्मरण स्तोत्रम् के कुछ महत्वपूर्ण तथ्य इस प्रकार हैं:

  • यह स्तोत्र 14वीं शताब्दी के कवि जयदेव द्वारा रचित है।
  • यह स्तोत्र 10 श्लोकों में रचित है।
  • यह स्तोत्र भगवान कृष्ण की महिमा का वर्णन करता है।
  • यह स्तोत्र भक्तों को भगवान कृष्ण के प्रति भक्ति उत्पन्न करता है।

श्रीकृष्ण प्रातः स्मरण स्तोत्रम् का पाठ आमतौर पर भगवान कृष्ण के जन्मदिन या जन्माष्टमी के अवसर पर किया जाता है। यह स्तोत्र भगवान कृष्ण की महिमा का गुणगान करता है और भक्तों को उनके मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है।

श्रीकृष्ण प्रातः स्मरण स्तोत्रम् के पाठ के लाभ:

  • भगवान कृष्ण की कृपा प्राप्त होती है।
  • मोक्ष प्राप्त होता है।
  • सभी पापकर्मों से मुक्ति मिलती है।
  • भक्तों को भगवान कृष्ण के प्रति भक्ति उत्पन्न होती है।
  • भक्तों को भगवान कृष्ण के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित मिलता है।

श्रीकृष्ण प्रातः स्मरण स्तोत्रम् का पाठ करने की विधि:

  • एकांत स्थान में बैठें।
  • अपने हाथों को जोड़ें और भगवान कृष्ण का ध्यान करें।
  • स्तोत्र का पाठ करें।
  • स्तोत्र का पाठ करते समय भगवान कृष्ण के प्रति अपनी श्रद्धा और भक्ति व्यक्त करें।

श्रीकृष्ण प्रातः स्मरण स्तोत्रम् का पाठ करने से भक्तों को भगवान कृष्ण की कृपा प्राप्त होती है और वे उनके मार्ग पर चलकर मोक्ष प्राप्त कर सकते हैं।

श्रीकृष्ण प्रातः स्मरण स्तोत्रम् के कुछ महत्वपूर्ण श्लोकों का अर्थ इस प्रकार है:

  • श्लोक 1:

"मैं उस कृष्ण को स्मरण करता हूँ जो पृथ्वी को समृद्धि प्रदान करने के लिए अपनी दिव्य पदचापों को धरती पर रखते हैं, जैसे सूर्योदय से ज्योत्स्ना पृथ्वी पर समृद्धि लाती है।

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