Shri Shivastuti: 15
श्री शिवस्तुति: १५
नमस्ते सर्वदेवेभ्यो नमस्ते सर्वदेवेभ्यः । नमस्ते सर्वदेवेभ्यो नमस्ते शिवाय नमः ॥ १५ ॥
अर्थ:
मैं सभी देवताओं को नमस्कार करता हूं, मैं सभी देवताओं को नमस्कार करता हूं, मैं सभी देवताओं को नमस्कार करता हूं, मैं शिव को नमस्कार करता हूं।
यह श्लोक भगवान शिव की महिमा का वर्णन करता है। यह श्लोक बताता है कि भगवान शिव सभी देवताओं के स्वामी हैं। वे सभी देवताओं में सर्वश्रेष्ठ हैं।
यह श्लोक उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो भगवान शिव की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं। यह श्लोक भगवान शिव को प्रसन्न करता है और उनकी कृपा प्राप्त करने में मदद करता है।
Shri Shivastuti: 15
श्री शिवस्तुति के 15 श्लोकों का सार:
- श्री शिवस्तुति भगवान शिव की महिमा का एक अद्भुत वर्णन है।
- यह स्तोत्र उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो भगवान शिव की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं।
- यह स्तोत्र भगवान शिव को प्रसन्न करता है और उनकी कृपा प्राप्त करने में मदद करता है।
श्री शिवस्तुति के लाभ:
- इस स्तोत्र का पाठ करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।
- यह स्तोत्र सभी कामनाओं की सिद्धि के लिए सहायक है।
- यह स्तोत्र मानसिक शांति और समृद्धि प्रदान करता है।
श्रीशिवस्तुतिः स्कन्दप्रोक्तम् Sri Shivastuti: Skandaproktam
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