Vetalabhairavabhyan Kritam Shivastotram
वेतालभैरवभ्यां कृतं शिवस्तोत्रम् एक प्रसिद्ध शिव स्तोत्र है जिसकी रचना वेतालभैरव और भैरव ने की थी। यह स्तोत्र शिव के भयानक रूप की स्तुति करता है। स्तोत्र में, वेतालभैरव और भैरव शिव को अपने गुरु के रूप में स्वीकार करते हैं और उनसे आशीर्वाद मांगते हैं।
स्तोत्र की शुरुआत में, वेतालभैरव और भैरव शिव की स्तुति करते हैं। वे शिव को सर्वशक्तिमान, सर्वज्ञ और सर्वव्यापी बताते हैं। वे शिव को मृत्यु, काल और भय का स्वामी भी कहते हैं।
इसके बाद, वेतालभैरव और भैरव शिव से आशीर्वाद मांगते हैं। वे शिव से उन्हें ज्ञान, शक्ति और मोक्ष प्रदान करने का अनुरोध करते हैं। वे शिव से उन्हें अपने भक्तों की रक्षा करने का भी अनुरोध करते हैं।
स्तोत्र का अंत शिव की स्तुति के साथ होता है। वेतालभैरव और भैरव शिव को अपने गुरु के रूप में स्वीकार करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए प्रार्थना करते हैं।
स्तोत्र की कुछ पंक्तियां इस प्रकार हैं:
Vetalabhairavabhyan Kritam Shivastotram
-
"वेतालभैरव भैरव भयंकर नृत्य करते हैं,
-
शिव की स्तुति करते हुए।
-
वे शिव को सर्वशक्तिमान, सर्वज्ञ और सर्वव्यापी बताते हैं।
-
वे शिव को मृत्यु, काल और भय का स्वामी भी कहते हैं।"
-
"वेतालभैरव और भैरव शिव से आशीर्वाद मांगते हैं,
-
उन्हें ज्ञान, शक्ति और मोक्ष प्रदान करने के लिए।
-
वे शिव से उन्हें अपने भक्तों की रक्षा करने का भी अनुरोध करते हैं।"
-
"वेतालभैरव और भैरव शिव को अपने गुरु के रूप में स्वीकार करते हैं,
-
और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए प्रार्थना करते हैं।"
वेतालभैरवभ्यां कृतं शिवस्तोत्रम् एक शक्तिशाली स्तोत्र है जो शिव की कृपा प्राप्त करने में मदद कर सकता है। यह स्तोत्र अक्सर भय, मृत्यु और अन्य कठिनाइयों से छुटकारा पाने के लिए पढ़ा जाता है।
KARMASU