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Published November 6, 2023
Updated November 6, 2023

Sri Bhairava Ashtakam 2

श्री भैरव अष्टकम एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान शिव के भैरव रूप की स्तुति करता है। यह स्तोत्र 8 छंदों में लिखा गया है, और प्रत्येक छंद में भैरव के एक विशेष गुण या विशेषता का वर्णन किया गया है।

स्तोत्र इस प्रकार है:

अर्थ:

पहला छंद:

हे भैरव, आप भगवान शिव के भैरव रूप हैं। आप भक्तों के रक्षक हैं। आप उनका मार्गदर्शन और संरक्षण करते हैं।

दूसरा छंद:

आपके तीन नेत्र हैं, जो त्रिगुणों का प्रतिनिधित्व करते हैं। आपका त्रिशूल त्रिमूर्ति का प्रतिनिधित्व करता है। आपके हाथों में डमरू और खड्ग हैं, जो शक्ति और विनाश का प्रतिनिधित्व करते हैं।

तीसरा छंद:

आप अज्ञान का नाश करने वाले हैं। आप ज्ञान और प्रकाश के प्रतीक हैं। आप भक्तों को सही मार्ग पर चलने में मदद करते हैं।

चौथा छंद:

आप मोह का नाश करने वाले हैं। आप प्रेम और करुणा के प्रतीक हैं। आप भक्तों को आत्म-साक्षात्कार के मार्ग पर ले जाते हैं।

पांचवां छंद:

आप पापों को नष्ट करने वाले हैं। आप पुण्य और भक्ति के प्रतीक हैं। आप भक्तों को मोक्ष प्राप्त करने में मदद करते हैं।

Sri Bhairava Ashtakam 2

छठा छंद:

आप सभी भक्तों के रक्षक हैं। आप उनका मार्गदर्शन और संरक्षण करते हैं। आप उन्हें सभी कष्टों और दुखों से बचाते हैं।

सातवां छंद:

आप भक्तों के लिए एक आदर्श हैं। आप उनका अनुसरण करने के लिए एक प्रेरणा हैं। आप उन्हें भगवान शिव की प्राप्ति के लिए प्रेरित करते हैं।

आठवां छंद:

मैं आपके चरणों में गिरता हूं, हे भैरव। मैं आपकी कृपा प्राप्त करना चाहता हूं। कृपया मुझे अपने मार्ग पर चलने में मदद करें।

श्री भैरव अष्टकम एक शक्तिशाली स्तोत्र है जो भक्तों को भैरव की कृपा प्राप्त करने में मदद कर सकता है। यह स्तोत्र भक्तों को भैरव के दिव्य गुणों और शक्तियों को याद करने और उनकी भक्ति में प्रेरित करने में मदद करता है।

श्रीमध्यार्जुनेशाष्टकम् Srimadhyarjuneshashtakam

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