श्रीनवनीतप्रियश्तकम् एक वैष्णव स्तोत्र है जो भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप श्रीनवनीत को समर्पित है। यह स्तोत्र में, भगवान श्रीनवनीत के नौ नामों की स्तुति की गई है। इन नामों में से प्रत्येक भगवान श्रीनवनीत के गुणों और विशेषताओं को दर्शाता है।
श्रीनवनीतप्रियश्तकम् की रचना श्री चैतन्य महाप्रभु ने की थी। यह स्तोत्र श्री चैतन्य महाप्रभु और उनके भक्तों द्वारा नियमित रूप से पढ़ा और गाया जाता है।
श्रीनवनीतप्रियश्तकम् के नौ नाम निम्नलिखित हैं:
- नवनीत: नवजात शिशु
- सुन्दर: सुंदर
- मदनमोहन: कामदेव को मोह लेने वाले
- धन्य: धन्य
- गोपाल: गाय का चराने वाला
- वत्स: बछड़ा
- मदन: कामदेव
- कृष्ण: काले रंग वाले
- नित्य: हमेशा मौजूद
श्रीनवनीतप्रियश्तकम् की स्तुति से भगवान श्रीनवनीत की कृपा प्राप्त होती है। यह स्तोत्र भक्तों को आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ने में मदद करता है।
श्रीनवनीतप्रियश्तकम् का पाठ हिंदी में इस प्रकार है:
श्रीनवनीतप्रियश्तकम्
नवनीत सुन्दर मदनमोहन, धन्य गोपाल वत्स मदन। कृष्ण नित्य नमन नमस्ते, बालकृष्ण चरणों में शरण।
अर्थ:
नवजात शिशु, सुंदर, कामदेव को मोह लेने वाले, धन्य, गाय का चराने वाला, बछड़ा, कामदेव, काले रंग वाले, हमेशा मौजूद, तुम्हें बार-बार नमन।
बालकृष्ण चरणों में शरण:
बालकृष्ण के चरणों में शरण लेते हुए, मैं उनकी कृपा प्राप्त करना चाहता हूं।
श्रीनवनीतप्रियश्तकम् का पाठ संस्कृत में इस प्रकार है:
श्रीनवनीतप्रियश्तकम्
नवनीत सुन्दर मदनमोहन, धन्य गोपाल वत्स मदन। कृष्ण नित्य नमन नमस्ते, बालकृष्ण चरणों में शरण।
अनुवाद:
नवजात शिशु, सुंदर, कामदेव को मोह लेने वाले, धन्य, गाय का चराने वाला, बछड़ा, कामदेव, काले रंग वाले, हमेशा मौजूद, तुम्हें बार-बार नमन।
बालकृष्ण चरणों में शरण:
बालकृष्ण के चरणों में शरण लेते हुए, मैं उनकी कृपा प्राप्त करना चाहता हूं।
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