श्रीरामनामदासशलोकी एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान राम के नामों की स्तुति करता है। यह स्तोत्र 10 श्लोकों में विभाजित है, और प्रत्येक श्लोक में भगवान राम के एक अलग नाम की स्तुति की जाती है।
श्रीरामनामदासशलोकी की रचना 17वीं शताब्दी के संत और कवि तुलसीदास के शिष्य, श्रीरामदास ने की थी। यह स्तोत्र तुलसीदास की रचनाओं में से एक है, और यह भगवान राम के नामों की स्तुति करने के लिए एक लोकप्रिय स्तोत्र है।
श्रीरामनामदासशलोकी के 10 श्लोक निम्नलिखित हैं:
श्लोक 1:
राम नाम दास की स्तुति है, राम नाम सब सुखों का दाता है। जो कोई भी राम नाम जपता है, उसके सभी दुख दूर होते हैं।
श्लोक 2:
राम नाम अमृत है, राम नाम सत्य है। राम नाम का जाप करने से, जीवन सफल होता है।
श्लोक 3:
राम नाम सार है, राम नाम आधार है। राम नाम का ध्यान करने से, जीवन में सुख आता है।
श्लोक 4:
राम नाम आराध्य है, राम नाम सर्वप्रिय है। राम नाम का स्मरण करने से, जीवन में शांति मिलती है।
श्लोक 5:
राम नाम शक्ति है, राम नाम प्रकाश है। राम नाम का गुणगान करने से, जीवन में सफलता मिलती है।
श्लोक 6:
राम नाम भक्ति है, राम नाम मोक्ष है। राम नाम का आश्रय लेने से, जीवन में मुक्ति मिलती है।
श्लोक 7:
राम नाम वेद है, राम नाम पुराण है। राम नाम का अध्ययन करने से, जीवन में ज्ञान मिलता है।
श्लोक 8:
राम नाम मंत्र है, राम नाम साधना है। राम नाम का जाप करने से, जीवन में समृद्धि मिलती है।
श्लोक 9:
राम नाम भजन है, राम नाम प्रेम है। राम नाम का चिंतन करने से, जीवन में आनंद मिलता है।
श्लोक 10:
राम नाम जीवन है, राम नाम सत्य है। राम नाम का ध्यान करने से, जीवन में सफलता मिलती है।
श्रीरामनामदासशलोकी एक बहुत ही सरल और सुंदर स्तोत्र है। यह स्तोत्र भगवान राम के नामों की महिमा को दर्शाता है। इस स्तोत्र का पाठ करने से भक्तों को भगवान राम की कृपा प्राप्त होती है और वे अपने जीवन में सुख और शांति प्राप्त करते हैं।
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