श्रीपार्वतीस्तोत्रम् एक संस्कृत स्तोत्र है जो देवी पार्वती की स्तुति करता है। यह स्तोत्र 10 श्लोकों में विभाजित है, और प्रत्येक श्लोक देवी पार्वती के एक अलग गुण या रूप का वर्णन करता है।
श्रीपार्वतीस्तोत्रम् का पहला श्लोक इस प्रकार है:
या देवी सर्वभूतानां, माता शरणमाश्रिता। तस्यै नमो नमस्तेऽस्तु, पार्वत्यै परमेश्वरि।
इस श्लोक में, भक्त देवी पार्वती को नमस्कार करते हैं और उन्हें "सर्वभूतानां माता" कहते हैं, जिसका अर्थ है "सभी प्राणियों की माता"।
श्रीपार्वतीस्तोत्रम् के 10 श्लोकों का अर्थ है:
- हे देवी पार्वती, आप सभी प्राणियों की माता हैं। आप हमारी शरण और आश्रय हैं। आपको नमस्कार।
- आप भगवान शिव की पत्नी हैं, और आप सभी देवताओं और देवियों की पूजनीय हैं।
- आप ज्ञान और विवेक की दाता हैं।
- आप करुणा और दया की मूर्ति हैं।
- आप शक्ति और साहस के प्रतीक हैं।
- आप सौंदर्य और मधुरता की देवी हैं।
- आप सभी मंगलों की मंगलमयी हैं।
- आप सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाली हैं।
- आप सभी दुखों का नाश करने वाली हैं।
- आप मोक्षदाता हैं।
श्रीपार्वतीस्तोत्रम् एक शक्तिशाली भक्ति भजन है जो भक्तों के दिलों में देवी पार्वती के लिए प्रेम और भक्ति को जगा सकता है। यह भजन देवी पार्वती की महिमा और गुणों को भी दर्शाता है।
श्रीपार्वतीस्तोत्रम् के 10 श्लोकों का हिंदी अनुवाद इस प्रकार है:
- हे देवी पार्वती, आप सभी प्राणियों की माता हैं। आप हमारी शरण और आश्रय हैं। आपको नमस्कार।
- आप भगवान शिव की पत्नी हैं, और आप सभी देवताओं और देवियों की पूजनीय हैं।
- आप ज्ञान और विवेक की दाता हैं।
- आप करुणा और दया की मूर्ति हैं।
- आप शक्ति और साहस के प्रतीक हैं।
- आप सौंदर्य और मधुरता की देवी हैं।
- आप सभी मंगलों की मंगलमयी हैं।
- आप सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाली हैं।
- आप सभी दुखों का नाश करने वाली हैं।
- आप मोक्षदाता हैं।
श्रीपार्वतीस्तोत्रम् एक लोकप्रिय स्तोत्र है जिसे अक्सर पूजा और अनुष्ठानों के दौरान पढ़ा जाता है। यह भजन भक्तों को देवी पार्वती की कृपा प्राप्त करने और अपने जीवन में आध्यात्मिक और भौतिक दोनों तरह से सफलता प्राप्त करने में मदद कर सकता है।
यहां श्रीपार्वतीस्तोत्रम् का एक उदाहरण है:
या देवी सर्वभूतानां, माता शरणमाश्रिता। तस्यै नमो नमस्तेऽस्तु, पार्वत्यै परमेश्वरि।
इस श्लोक का अर्थ है:
हे देवी पार्वती, आप सभी प्राणियों की माता हैं। आप हमारी शरण और आश्रय हैं। आपको नमस्कार।
यह श्लोक देवी पार्वती की महिमा और दया को दर्शाता है।
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