KARMASU

Version
File Size 0.00 KB
Downloads 901
Files 1
Published October 10, 2023
Updated July 29, 2024

Annapurnastotram 3 एक संस्कृत स्तोत्र है जो देवी अन्नपूर्णा की स्तुति करता है। यह स्तोत्र देवी अन्नपूर्णा की महिमा और उनके भक्तों को प्रदान की जाने वाली कृपा का वर्णन करता है।

Annapurnastotram 3 के अनुसार, देवी अन्नपूर्णा समस्त ब्रह्मांड की अधिष्ठात्री हैं। वे सभी जीवों को भोजन प्रदान करती हैं और उनके जीवन को समृद्ध करती हैं। देवी अन्नपूर्णा के भक्तों को कभी भी अन्न की कमी नहीं होती है। वे हमेशा सुखी और समृद्ध रहते हैं।

Annapurnastotram 3 का पाठ करने से देवी अन्नपूर्णा की कृपा प्राप्त होती है। यह स्तोत्र भक्तों को भोजन, धन, समृद्धि और आरोग्य प्रदान करता है।

Annapurnastotram 3 के कुछ प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:

  • यह स्तोत्र भोजन, धन, समृद्धि और आरोग्य प्रदान करता है।
  • यह स्तोत्र भक्तों को सभी प्रकार के दुखों से मुक्ति दिलाता है।
  • यह स्तोत्र भक्तों को मानसिक और आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है।

Annapurnastotram 3 का पाठ करने के लिए कोई विशेष नियम नहीं है। इसे किसी भी समय और किसी भी स्थान पर पढ़ा जा सकता है। हालांकि, सुबह जल्दी उठकर और पवित्र स्थान पर बैठकर पाठ करना अधिक लाभदायक होता है।

Annapurnastotram 3 का पाठ करने के लिए निम्नलिखित विधि का पालन किया जा सकता है:

  1. सबसे पहले, एक शुद्ध स्थान पर बैठें और अपने सामने एक दीपक जलाएं।
  2. फिर, अपने हाथों को जोड़कर देवी अन्नपूर्णा का ध्यान करें।
  3. अब, मंत्र का उच्चारण करते हुए स्तोत्र का पाठ करें।
  4. पाठ समाप्त होने के बाद, देवी अन्नपूर्णा से प्रार्थना करें कि वे आपको अपनी कृपा प्रदान करें।

Annapurnastotram 3 का पाठ निम्नलिखित है:

श्री अन्नपूर्णा स्तोत्रम् 3

सर्वदेवमूर्ति देवी सर्वशक्तिस्वरूपिणी।

सर्वभूतहितकरी देवी अन्नपूर्णेश्वरि॥1॥

सर्वत्रैव वससि त्वं सर्वेषां हृदयेषु।

सर्वलोकहितकरी देवी अन्नपूर्णेश्वरि॥2॥

नित्यं त्वां स्मरन् भक्तो न भुजेत् कदापि दुःखम्।

सर्वपापनाशिनी देवी अन्नपूर्णेश्वरि॥3॥

अन्नपूर्णे प्रसीदतु मातः सर्वाभीष्टफलप्रदा।

त्वं भवानी भवानी भवानी भवानी भवानी॥4॥

अर्थ:

(1) हे देवी अन्नपूर्णेश्वरी, आप सभी देवताओं की मूर्ति हैं, और आप सर्वशक्तिमयी हैं। आप सभी प्राणियों के लिए कल्याणकारी हैं।

(2) आप सभी जगह रहती हैं, और सभी के हृदयों में निवास करती हैं। आप सभी लोकों के लिए कल्याणकारी हैं।

(3) जो भक्त आपको सदैव स्मरण करते हैं, उन्हें कभी भी दुख नहीं होता है। आप सभी पापों को नष्ट करने वाली हैं।

(4) हे देवी अन्नपूर्णेश्वरी, कृपया प्रसन्न हों। आप सभी प्रकार के अभीष्ट फल प्रदान करने वाली हैं। आप भवानी, भवानी, भवानी, भवानी, भवानी हैं।

Annapurnastotram 3 एक शक्तिशाली स्तोत्र है जो भक्तों को कई लाभ प्रदान करता है। इसे नियमित रूप से पढ़ने से आप देवी अन्नपूर्णा की कृपा प्राप्त कर सकते हैं और अपने जीवन में सुख, समृद्धि और आरोग्य प्राप्त कर सकते हैं।

Download
or download free
[free_download_btn]
[changelog]

Similar Downloads

No related download found!
KARMASU

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *