श्रीमद अंजनेय भुजंगप्रयात स्तोत्र एक हिंदू स्तोत्र है जो भगवान हनुमान की प्रशंसा करता है। यह स्तोत्र 12 श्लोकों का है, और प्रत्येक श्लोक भगवान हनुमान के एक अलग गुण या शक्ति की स्तुति करता है।
श्लोक का प्रारंभिक भाग भगवान हनुमान को "भुजंगप्रयात" कहकर उनकी पहचान करता है, जो "सांप की तरह घूमने वाला" का अर्थ है। फिर, श्लोक भगवान हनुमान की विभिन्न शक्तियों की स्तुति करता है, जैसे कि उनका अद्भुत बल, बुद्धि और ज्ञान। श्लोक का अंत भगवान हनुमान से प्रार्थना के साथ होता है कि वे भक्तों को उनके सभी कष्टों से मुक्ति दिलाएं।
श्रीमद अंजनेय भुजंगप्रयात स्तोत्र एक लोकप्रिय स्तोत्र है जिसका उपयोग अक्सर भगवान हनुमान की पूजा में किया जाता है। यह स्तोत्र भक्तों को भगवान हनुमान की शक्ति और आशीर्वाद प्राप्त करने में मदद करता है।
श्लोक का हिंदी अनुवाद इस प्रकार है:
श्रीमद अंजनेय भुजंगप्रयात स्तोत्र
1.
जय जय जय अंजनी कुमार, भुजंगप्रयात प्रभु हनुमान। तुम हो राम के दूत, तुम हो मर्यादा पुरुषोत्तम।
2.
अद्भुत बल बुद्धि ज्ञान, सर्वसमर्थ श्री हनुमान। लंका दहन रावण वध, सीता उद्धार की कहानी।
3.
अष्टसिद्धि नवनिधि दाता, सबका कल्याण करो। भक्तों के दुख हरने वाले, तुम हो मर्यादा पुरुषोत्तम।
4.
सभी संकटों से रक्षा करो, हमारी मनोकामना पूर्ण करो। अकाल मृत्यु से बचाओ, धन-धान्य की प्राप्ति करो।
5.
रोगों से मुक्ति दो, जीवन को सुखी करो। बाधाओं को दूर करो, हमारी प्रगति करो।
6.
भक्तों के लिए तुम हो दयालु, तुम हो सर्वशक्तिमान। तुम हो भगवान राम के दूत, तुम हो मर्यादा पुरुषोत्तम।
7.
हनुमान जी की कृपा से, हम सबका कल्याण हो। जय जय जय हनुमान, तुम हो मर्यादा पुरुषोत्तम।
श्रीमद अंजनेय भुजंगप्रयात स्तोत्र के लाभ
श्रीमद अंजनेय भुजंगप्रयात स्तोत्र का पाठ करने से भक्तों को निम्नलिखित लाभ प्राप्त होते हैं:
- भगवान हनुमान की कृपा प्राप्त होती है।
- जीवन में सुख और समृद्धि आती है।
- कष्टों से मुक्ति मिलती है।
- सफलता और उन्नति प्राप्त होती है।
यदि आप भगवान हनुमान की भक्ति करना चाहते हैं, तो आप श्रीमद अंजनेय भुजंगप्रयात स्तोत्र का पाठ कर सकते हैं। यह एक शक्तिशाली स्तोत्र है जो आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।
यहां श्रीमद अंजनेय भुजंगप्रयात स्तोत्र का पाठ करने का तरीका बताया गया है:
- एक साफ और शांत स्थान पर बैठें।
- अपने सामने एक हनुमान जी की तस्वीर या प्रतिमा रखें।
- अपने हाथों को जोड़ें और भगवान हनुमान से प्रार्थना करें।
- स्तोत्र का पाठ करें, ध्यान से प्रत्येक शब्द का उच्चारण करें।
- स्तोत्र को कम से कम तीन बार करें।
श्रीमद अंजनेय भुजंगप्रयात स्तोत्र का पाठ करने से आपको भगवान हनुमान की कृपा प्राप्त होगी और आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव आएंगे।
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