श्रीयंत्रोद्धारक मंगलाष्टकम् एक संस्कृत श्लोक है जो भगवान हनुमान की स्तुति में लिखा गया है। यह श्लोक आठ श्लोकों का है, और प्रत्येक श्लोक भगवान हनुमान के एक अलग गुण या शक्ति की स्तुति करता है।
श्लोक का प्रारंभिक भाग भगवान हनुमान को "सर्वदेवमूर्ति" और "सर्वशक्तिमान" कहकर उनकी महिमा का वर्णन करता है। फिर, श्लोक भगवान हनुमान की विभिन्न शक्तियों की स्तुति करता है, जैसे कि उनका अद्भुत बल, बुद्धि और ज्ञान। श्लोक का अंत भगवान हनुमान से प्रार्थना के साथ होता है कि वे भक्तों को उनके सभी कष्टों से मुक्ति दिलाएं।
श्रीयंत्रोद्धारक मंगलाष्टकम् एक लोकप्रिय श्लोक है जिसका उपयोग अक्सर भगवान हनुमान की पूजा में किया जाता है। यह श्लोक भक्तों को भगवान हनुमान की शक्ति और आशीर्वाद प्राप्त करने में मदद करता है।
श्लोक का हिंदी अनुवाद इस प्रकार है:
श्रीयंत्रोद्धारक मंगलाष्टकम्
1.
सर्वदेवमूर्ति सर्वशक्तिमान, रामदूत प्रभु हनुमान। अद्भुत बल बुद्धि ज्ञान, सर्वसमर्थ श्री हनुमान।
2.
अतिबल वीर महापराक्रमी, शत्रु संहारक महाज्ञानी। अंजनिपुत्र पवनसुत, सर्वदेवों के प्रिय हनुमान।
3.
लंका दहन रावण वध, सीता उद्धार की कहानी। राम भक्त हनुमान की, जय जय जय हो महिमा।
4.
सभी संकटों से रक्षा करो, हमारी मनोकामना पूर्ण करो। अष्टसिद्धि नवनिधि दाता, श्री हनुमान जयकारा।
5.
सभी रोगों से मुक्ति दो, अकाल मृत्यु से बचाओ। धन-धान्य की प्राप्ति करो, श्री हनुमान जयकारा।
6.
सभी बाधाओं को दूर करो, हमारे जीवन को सुखी करो। महावीर हनुमान की, जय जय जय हो महिमा।
7.
श्री रामचंद्र की सेवा में, सदैव बने रहो। हनुमान जी की कृपा से, हम सबका कल्याण हो।
8.
श्री हनुमान जयकारा, जय जय जय हनुमान।
श्रीयंत्रोद्धारक मंगलाष्टकम् एक शक्तिशाली श्लोक है जो भगवान हनुमान की कृपा प्राप्त करने में मदद कर सकता है। यदि आप भगवान हनुमान की भक्ति करते हैं, तो इस श्लोक का पाठ करना एक अच्छा तरीका है।
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