श्रीहनुमत्साहस्रनामावली का पहला नाम "हनुमान्" है। यह नाम भगवान हनुमान के व्यक्तित्व और उनके गुणों को दर्शाता है। "हनुमान्" का अर्थ है "जिनका मुंह सुंदर है"। यह नाम भगवान हनुमान के सुंदर रूप और उनके मधुर स्वर को दर्शाता है।
श्रीहनुमत्साहस्रनामावली का पहला श्लोक इस प्रकार है:
ॐ श्री हनुमते नमः
हनुमान् महावीर,
जन्मभूमि के वीर।
राम भक्तों के रक्षक,
तुम हो वीर।
इस श्लोक में, भगवान हनुमान को "महावीर" कहा जाता है। यह नाम उनके महान साहस और शक्ति को दर्शाता है। उन्हें "जन्मभूमि के वीर" भी कहा जाता है, क्योंकि वे अपने जन्मभूमि के रक्षक हैं। उन्हें "राम भक्तों के रक्षक" भी कहा जाता है, क्योंकि वे भगवान राम के भक्तों की रक्षा करते हैं।
श्रीहनुमत्साहस्रनामावली एक शक्तिशाली स्तोत्र है जो भक्तों को भगवान हनुमान की कृपा प्राप्त करने में मदद करता है। यह स्तोत्र भक्तों को सभी संकटों से मुक्ति, जीवन में सुख और समृद्धि, रोग और पीड़ा से छुटकारा, बुरी आत्माओं से रक्षा और मनोकामनाओं की पूर्ति प्रदान करता है।
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