KARMASU

Mahalakshmi Stotra:महालक्ष्मी स्तोत्र एक भक्ति भजन है, जो भगवान विष्णु की पत्नी देवी महालक्ष्मी के प्रति आस्था और भक्ति की घोषणा है। उन्हें लाल वस्त्रों में और सोने के आभूषणों से सुसज्जित दिखाया गया है। उनके चेहरे पर शांत और सुखदायक भाव हैं और उन्हें हमेशा अपने हाथ में कमल लिए देखा जाता है, जो उन्हें सुंदरता का प्रतीक दर्शाता है। महालक्ष्मी स्तोत्र का पाठ सबसे पहले भगवान इंद्र ने देवी श्री लक्ष्मी की स्तुति में किया था, जो मूल रूप से पद्म पुराण में देवी महालक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए प्रकट हुई थीं।

Mahalakshmi Stotra
Mahalakshmi Stotra

उनके चार हाथ हिंदू जीवन शैली के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले मानव जीवन के चार लक्ष्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं – धर्म (धार्मिकता और कर्तव्य) काम (सांसारिक इच्छाएँ), अर्थ (धन और समृद्धि) और मोक्ष (मुक्ति)। उनकी हथेलियाँ हमेशा खुली रहती हैं और कभी-कभी उनमें से सिक्के गिरते हुए दिखाई देते हैं, जो दर्शाता है कि वह धन और समृद्धि की दाता हैं। उन्हें एक सुंदर बगीचे में या नीले-सागर में कमल पर बैठे या खड़े दिखाया गया है। उनके चारों ओर दो या चार सफेद हाथी जल से उनका अभिषेक कर रहे हैं।

उनके वाहन यानी सवारी सफेद हाथी और उल्लू हैं। महालक्ष्मी स्तोत्र देवी महा लक्ष्मी की प्रार्थना है जिन्हें “श्री” भी कहा जाता है और जो धन के साथ-साथ शुभता का भी प्रतिनिधित्व करती हैं। प्रतिदिन श्री Mahalakshmi Stotra महालक्ष्मी अष्टकम का पाठ करने या सुनने से व्यक्ति को सफलता और सांसारिक लाभ प्राप्त होंगे। इस अष्टकम के अंत में ही कहा गया है कि यदि इसे प्रतिदिन एक बार पढ़ा जाए तो महान पाप नष्ट हो जाते हैं। यदि इसे प्रतिदिन दो बार पढ़ा जाए तो धन और समृद्धि सुनिश्चित होती है। यदि इसे प्रतिदिन तीन बार पढ़ा जाए तो महान शत्रु (अहंकार) का नाश होता है। देवी महालक्ष्मी उस शुभ व्यक्ति से सदैव प्रसन्न रहती हैं।

Mahalakshmi Stotra ke labh:महालक्ष्मी स्तोत्र के लाभ:

वित्तीय समृद्धि, बुद्धि और समझ के लिए महालक्ष्मी स्तोत्र। भगवान विष्णु की पत्नी और गतिशील ऊर्जा श्री लक्ष्मी को हिंदुओं द्वारा धन, भाग्य, विलासिता और समृद्धि (भौतिक और आध्यात्मिक दोनों) की देवी के रूप में पूजा जाता है। उन्हें लाल वस्त्रों में चित्रित किया गया है और सोने के आभूषणों से सुसज्जित किया गया है।
Mahalakshmi Stotra:महालक्ष्मी स्तोत्र का नियमित जाप मन को शांति देता है और आपके जीवन से सभी बुराइयों को दूर रखता है और आपको स्वस्थ, धनवान और समृद्ध बनाता है।

इस स्तोत्र का पाठ किसे करना चाहिए:

जो लोग गरीबी, असफलता और दुर्भाग्य से पीड़ित हैं, उन्हें तत्काल राहत के लिए महालक्ष्मी स्तोत्र का पाठ करना चाहिए।

नमस्तेऽस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते ।
शंखचक्रगदाहस्ते महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते ।।

नमस्ते गरुडारूढे कोलासुरभयंकरि ।
सर्वपापहरे देवि महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते ।।

सर्वज्ञे सर्ववरदे देवी सर्वदुष्टभयंकरि ।
सर्वदु:खहरे देवि महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते ।।

सिद्धिबुद्धिप्रदे देवि भुक्तिमुक्तिप्रदायिनि ।
मन्त्रपूते सदा देवि महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते ।।

आद्यन्तरहिते देवि आद्यशक्तिमहेश्वरि ।
योगजे योगसम्भूते महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते ।।

स्थूलसूक्ष्ममहारौद्रे महाशक्तिमहोदरे ।
महापापहरे देवि महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते ।।

पद्मासनस्थिते देवि परब्रह्मस्वरूपिणी ।
परमेशि जगन्मातर्महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते ।।

श्वेताम्बरधरे देवि नानालंकारभूषिते ।
जगत्स्थिते जगन्मातर्महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते ।।

महालक्ष्म्यष्टकं स्तोत्रं य: पठेद्भक्तिमान्नर: ।
सर्वसिद्धिमवाप्नोति राज्यं प्राप्नोति सर्वदा ।।

एककाले पठेन्नित्यं महापापविनाशनम् ।
द्विकालं य: पठेन्नित्यं धन्यधान्यसमन्वित: ।।

त्रिकालं य: पठेन्नित्यं महाशत्रुविनाशनम् ।
महालक्ष्मीर्भवेन्नित्यं प्रसन्ना वरदा शुभा ।।

।। इति महालक्ष्मी स्तोत्र सम्पूर्णम् ।।

Shiv Apradh Kshamapan Stotra: शिव अपराध क्षमापन स्तोत्र Kshamapan Stotra

Shiv Apradh Kshamapan Stotra: शिव अपराध क्षमापन स्तोत्र

Shiv Apradh Kshamapan Stotra: शिव अपराध क्षमापन स्तोत्र शिव अपराध क्षमापन स्तोत्र की रचना आदि शंकराचार्य ने की थी। यह…

Sri Krishna Manasa Puja Stotram: श्रीकृष्ण मानस पूजा स्तोत्रम् Manasa Puja Stotram

Sri Krishna Manasa Puja Stotram: श्रीकृष्ण मानस पूजा स्तोत्रम्

श्रीकृष्ण मानस पूजा स्तोत्रम् हिंदी पाठ: Sri Krishna Manasa Puja Stotram in Hindi हृदम्भोजे कृष्णस्सजलजलदश्यामलतनुः,सरोजाक्षः स्रग्वी मकुटकटकाद्याभरणवान् । शरद्राकानाथप्रतिमवदनः श्रीमुरलिकां,वहन् ध्येयो गोपीगणपरिवृतः कुङ्कुमचितः…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *