June 19, 2026

Shri Stotra

Shri Stotra : श्री स्तोत्र….

Shri Stotra श्री स्तोत्र: श्री स्तोत्र का ज़िक्र श्री विष्णु पुराण और अग्नि पुराण में मिलता है। कहा जाता है कि महात्मा पुष्कर ने परशुराम को बताया था कि भगवान इंद्र ने इस श्री स्तोत्र का पाठ करके ही इंद्रलोक में देवी लक्ष्मी का वास कराया था और उनसे सुख-समृद्धि प्राप्त की थी। जो कोई

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Ashtakam Stotram

Shri Surya Mandala-Ashtakam Stotram : श्री सूर्यमंडल अष्टक स्तोत्रम्….

श्री सूर्यमंडल अष्टक स्तोत्रम् हिंदी पाठ : Shri Surya Mandala-Ashtakam Stotram in Hindi नमः सवित्रे जगदेकचक्षुषे जगत्प्रसूतिस्थितिनाश हेतवे ।त्रयीमयाय त्रिगुणात्मधारिणे विरञ्चि नारायण शंकरात्मने ॥ १ ॥ यन्मडलं दीप्तिकरं विशालं रत्नप्रभं तीव्रमनादिरुपम् ।दारिद्र्यदुःखक्षयकारणं च पुनातु मां तत्सवितुर्वरेण्यम् ॥ २ ॥ यन्मण्डलं देवगणै: सुपूजितं विप्रैः स्तुत्यं भावमुक्तिकोविदम् ।तं देवदेवं प्रणमामि सूर्यं पुनातु मां तत्सवितुर्वरेण्यम् ॥ ३ ॥ यन्मण्डलं

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Smaran Stotram

Shri Surya Pratah-Smaran Stotram : श्रीसूर्य प्रातः स्मरण स्तोत्रम्…..

श्रीसूर्य प्रातः स्मरण स्तोत्रम् हिंदी पाठ : Shri Surya Pratah-Smaran Stotram in Hindi प्रातः स्मरामि खलु तत्सवितुर्वरेण्यंरूपं हि मण्डलमृचोऽथ तनुर्यजूंषि ।सामानि यस्य किरणाः प्रभवादिहेतुंब्रह्माहरात्मकमलक्ष्यमचिन्त्यरूपम् ॥ १ ॥ प्रातर्नमामि तरणिं तनुवाङ्मनोभि–र्ब्रह्मेन्द्रपूर्वकसुरैर्नतमर्चितं च ।वृष्टिप्रमोचनविनिग्रहहेतुभूतंत्रैलोक्यपालनपरं त्रिगुणात्मकं च ॥ २ ॥ प्रातर्भजामि सवितारमनन्तशक्तिंपापौघशत्रुभयरोगहरं परं च ।तं सर्वलोककलनात्मककालमूर्तिंगोकण्ठबन्धनविमोचनमादिदेवम् ॥ ३ ॥ श्लोकत्रयमिदं भानोः प्रातः प्रातः पठेत्तु यः ।स सर्वव्याधिनिर्मुक्तः परं

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