October 17, 2025

Govardhan Puja

Govardhan Puja 2025 Niyam: गोवर्धन पूजा के दिन क्या करें और क्या नहीं? जानें शुभ मुहूर्त और अन्नकूट के नियम

Govardhan Puja 2025: गोवर्धन पूजा, जिसे अन्नकूट पूजा भी कहते हैं, यह पर्व दीपावली के ठीक अगले दिन बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यह शुभ दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा के लिए समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह त्योहार भगवान श्रीकृष्ण द्वारा ब्रजवासियों को देवराज इंद्र के प्रकोप से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठाने की महान लीला का प्रतीक है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन पूजा-पाठ करने से जीवन में शुभता का आगमन होता है। इस लेख में, हम आपको बताएंगे कि गोवर्धन पूजा 2025 कब मनाई जाएगी, शुभ मुहूर्त क्या है, और इस दिन आपको किन नियमों का पालन करना चाहिए। गोवर्धन पूजा 2025: तिथि और शुभ मुहूर्त (Govardhan Puja 2025 Muhurat) हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल गोवर्धन पूजा 22 अक्टूबर 2025 को मनाई जाएगी। विवरण समय/तिथि गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja 2025) 22 अक्टूबर 2025 प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 21 अक्टूबर शाम 5:54 बजे प्रतिपदा तिथि का समापन 22 अक्टूबर शाम 8:16 बजे गोवर्धन पूजा मुहूर्त (Govardhan Puja Muhurat) सुबह 06 बजकर 26 मिनट से 08 बजकर 42 मिनट तक रहेगा। (कुछ स्रोतों के अनुसार: सुबह 6:30 बजे से 8:47 बजे तक) Govardhan Puja 2025 Niyam: गोवर्धन पूजा के दिन क्या करें और क्या नहीं…… गोवर्धन पूजा के दिन क्या करें? (Govardhan Puja 2025 Par Kya Karen?) धर्म शास्त्रों में गोवर्धन पूजा के दिन कुछ विशेष अनुष्ठान करने का महत्व बताया गया है। इन कार्यों को करने से भगवान श्रीकृष्ण और गोवर्धन महाराज का आशीर्वाद प्राप्त होता है। 1. गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाएँ: घर के आंगन या मुख्य द्वार पर गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनानी चाहिए। 2. श्रीकृष्ण की स्थापना: इस आकृति के मध्य में भगवान कृष्ण की प्रतिमा स्थापित करें। 3. अन्नकूट और छप्पन भोग: इस दिन 56 भोग या अन्नकूट तैयार करना चाहिए। 4. भोग अर्पित करें: इस भोग को भगवान श्रीकृष्ण तथा गोवर्धन महाराज को श्रद्धापूर्वक अर्पित करें। 5. खास भोग सामग्री: अन्नकूट में कढ़ी-चावल, बाजरा, और माखन-मिश्री को ज़रूर शामिल करना चाहिए। 6. गौ पूजा का महत्व: इस दिन गाय की पूजा का विशेष महत्व है। ऐसे में, गाय को स्नान कराकर, तिलक लगाएं और फूल-माला पहनाएं। 7. हरा चारा खिलाएँ: गाय को हरा चारा खिलाना चाहिए। 8. सात्विक भोजन: इस दिन सात्विक भोजन ही करना चाहिए। 9. सात बार परिक्रमा: गोवर्धन पर्वत की बनाई गई आकृति की सात बार परिक्रमा करें। 10. मंत्र जाप: परिक्रमा करते समय वैदिक मंत्रों का जाप करना चाहिए। 11. वास्तविक परिक्रमा: यदि संभव हो पाए, तो गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा भी करनी चाहिए। 12. मंदिर दर्शन: इस दिन भगवान कृष्ण के मंदिर में दर्शन के लिए ज़रूर जाएं। 13. शुभ वस्त्र: शुभ कार्यों में लाल, पीला, नारंगी जैसे रंग के कपड़े पहनना चाहिए। गोवर्धन पूजा के दिन क्या नहीं करें? (Govardhan Puja 2025 Par Kya Na Karen?) पूजा-अर्चना के साथ-साथ, गोवर्धन पूजा के दिन कुछ कार्यों को करने से बचना चाहिए ताकि पूजा का पूर्ण फल प्राप्त हो सके। 1. तुलसी के पत्ते न तोड़ें: गोवर्धन पूजा के दिन और इससे पहले आने वाली अमावस्या को तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। 2. तामसिक भोजन से बचें: इस दिन घर में मांस, मदिरा या अन्य तामसिक भोजन नहीं बनाना चाहिए। साथ ही, ऐसे भोजन का सेवन करना भी वर्जित है। 3. वस्त्रों का ध्यान: पूजा के समय काले या नीले रंग के वस्त्र पहनने से बचना चाहिए। 4. द्वार बंद न रखें: इस दिन घर का मुख्य द्वार या खिड़की लंबे समय तक बंद नहीं रखनी चाहिए। 5. पेड़-पौधे न काटें: इस दिन किसी भी पेड़-पौधे को नहीं काटना चाहिए, क्योंकि यह पर्व प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का पर्व है। इन चीजों के बिना अधूरा है छठ व्रत, जानें पूजा सामग्री और सही नियम

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Prasad

Sapne Mein Prasad Dekhna: सपने में प्रसाद देखना क्या है बूंदी, पंचामृत और बांटने का गहरा रहस्य ?

Sapne Mein Prasad Pana: रात्रि में हम जो सपने देखते हैं, उन पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं होता। अक्सर हम इन्हें सामान्य समझकर छोड़ देते हैं, लेकिन स्वप्न शास्त्र के अनुसार, हमारे देखे गए सपनों का एक दूसरा अर्थ भी निकलता है। कई बार ये सपने भविष्य में हमारे साथ घटने वाली घटनाओं की तरफ़ संकेत होते हैं। यदि हम इन संकेतों को समझ लें, तो हम भविष्य की किसी विपदा से बच सकते हैं या आने वाली अच्छी घटनाओं की जानकारी ले सकते हैं। आज के इस लेख में हम बात करेंगे यदि आपने सपने में प्रसाद (Prasad) देखा है, या खुद को मंदिर में Prasad प्रसाद चढ़ाते/बांटते हुए देखा है, तो इन सपनों का क्या अर्थ हो सकता है और ये आपके भविष्य को किस तरह प्रभावित कर सकते हैं। Sapne Mein Prasad Dekhna: सपने में प्रसाद देखना: सकारात्मकता और उन्नति का प्रतीक……… अधिकांश स्वप्न विश्लेषणकर्ताओं ने सपने में प्रसाद को देखना सकारात्मकता का प्रतीक माना है। ऐसा कहा जाता है कि सपने में प्रसाद देखना आपकी उन्नति (प्रगति) का संकेत है। 1. सपने में बूंदी का प्रसाद देखना: हनुमान जी का सीधा संदेश यदि आपने सपने में बूंदी का प्रसाद देखा है, तो यह एक विशेष संदेश देता है। बूंदी का महत्व: बूंदी का प्रसाद संकट मोचन हनुमान जी का परम प्रिय प्रसाद है। मंगलवार और शनिवार के दिन बजरंग बली को बेसन के लड्डू या बूंदी का प्रसाद ही चढ़ाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि बूंदी का भोग लगाने से पवनसुत हनुमान जी शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं। क्या है सपने का अर्थ? सपने में बूंदी का Prasad प्रसाद दिखाई देना यह बताता है कि पवन पुत्र हनुमान जी आपको याद दिलाना चाहते हैं कि आपने उन्हें विस्मृत (भूल) कर दिया है। वे आपको याद दिला रहे हैं कि अब आप उनके मंदिर नहीं आते और न ही बूंदी का (Prasad) प्रसाद चढ़ाते हैं। हनुमान जी यह संदेश देना चाहते हैं कि भक्त और भगवान का संबंध उनकी तरफ से आज भी कायम है, लेकिन शायद आप उस मधुर संबंध को भूल गए हैं। सपने में मां लक्ष्मी और गणेश जी का दीदार: जानिए ये 7 शुभ संकेत जो बदल सकते हैं आपकी किस्मत यह स्वप्न उन लोगों को भी दिखाई दे सकता है जिन्होंने बजरंग बली से कोई मनौती मांगी हो और मनोरथ पूरा होने के बाद वे प्रसाद चढ़ाना भूल गए हों। सपने में बूंदी का प्रसाद देखने पर क्या करें? यदि आपने यह सपना देखा है, तो आपको निम्नलिखित कार्य करने चाहिए: 1. मंगलवार या शनिवार को अपने क्षेत्र के हनुमान मंदिर जाएँ। 2. वहाँ श्रद्धा पूर्वक हनुमान चालीसा का पाठ करें। 3. बजरंग बली को मीठी बूंदी का भोग लगाएँ। 4. मंदिर में आए हुए अन्य भक्तों और गरीबों में बूंदी का प्रसाद बाँटें। 5. कुछ प्रसाद अपने परिवार के लिए लेकर घर आ जाएँ। ऐसा करने पर आप पर पुनः हनुमान जी की कृपा होगी और आपके जीवन में सब ‘मीठा-मीठा’ होने लगेगा। 2. सपने में प्रसाद खाते हुए देखना: बड़ा लाभ और ईश्वर का आशीर्वाद सपने में खुद को प्रसाद खाते हुए देखना बहुत ही अच्छा सपना माना जाता है। लाभ के संकेत: इसका अर्थ है कि आपको भविष्य में कोई बड़ा लाभ होने वाला है, और वह भी बहुत कम मेहनत में। यदि आप किसी नए कार्य में लगे हुए हैं, तो उसमें भी आपको काफी लाभ प्राप्त होगा। संपत्ति और निवेश: यदि आपने कोई भूखंड या संपत्ति खरीदी है और उसे वापस बेचने की सोच रहे हैं, तो आपको उसके तीन से चार गुना पैसे वापस मिलने वाले हैं। ईश्वरीय कृपा: यह सपना संकेत करता है कि ईश्वर की कृपा दृष्टि आप पर बनी हुई है। आप जो भी कार्य हाथ में ले रहे हैं, उसमें बड़ों और ईश्वर का आशीर्वाद आपके साथ बना हुआ है, इसलिए आपको निश्चिंत रहना चाहिए। Prasad आपको अपनी मेहनत का फल निश्चित रूप से बहुत जल्द मिलने वाला है। 3. सपने में पंचामृत देखना: सकारात्मक ऊर्जा और शुभता पंचामृत को बहुत ही ज्यादा पवित्र समझा जाता है, जिसका प्रयोग भगवान के अभिषेक में किया जाता है। पंचामृत में दही, दूध, घी, शक्कर आदि का प्रयोग किया जाता है। यदि आपने सपने में पंचामृत देखा है, तो यह बहुत ही शुभ सपना है। यह भविष्य में आपके साथ अच्छी घटनाओं के होने की तरफ इशारा करता है। यह संकेत देता है कि आप में एक सकारात्मक ऊर्जा बनी रहने वाली है। 4. सपने में प्रसाद बांटते हुए देखना: धार्मिक जिम्मेदारी और पुण्य का लाभ यदि आप सपने में खुद को Prasad प्रसाद बांटते हुए देखते हैं, तो इसका अर्थ है कि बहुत जल्द आपको कोई धार्मिक कार्य करने का लाभ प्राप्त होने वाला है। या फिर आपको कोई जिम्मेदारी भरा कार्य सौंपा जाने वाला है, Prasad जिसे आप बखूबी निभाने वाले हैं। 5. सपने में प्रसाद चढ़ाना: मनोरथ की पूर्ति और धार्मिक यात्रा यदि आप सपने में खुद को प्रसाद चढ़ाते हुए देखते हैं, तो यह एक बहुत ही शुभ सपना है। यह सपना इशारा करता है कि आपको बहुत जल्द कोई धार्मिक यात्रा करने का लाभ प्राप्त हो सकता है। या फिर आप अपने परिवार के साथ किसी मंदिर या गुरुद्वारे आदि में कोई चढ़ावा चढ़ा सकते हैं। यह इस बात का भी संकेत है कि काफी समय से जिस वस्तु की आप कामना कर रहे थे, जिस लक्ष्य की प्राप्ति की आप इच्छा कर रहे थे, वह आपको मिलने वाली है। इसकी खुशी आप भगवान के मंदिर में Prasad प्रसाद चढ़ाकर जाहिर करने वाले हैं।

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