Chatushloki Bhagwat | चतु:श्लोकी भगवत्
Chatushloki Bhagwat:चतुश्लोकी भागवत: हिन्दू धर्म के अनुसार, “ॐ” इस संसार की प्रत्येक सृष्टि का मूल प्राण है। चतुश्लोकी भागवत के चार श्लोकों में भगवत गीता की संपूर्ण शिक्षाओं का सार है। श्रीमद्भागवत भगवान का स्वरूप है, इसलिए इसकी भक्तिपूर्वक पूजा की जाती है। इसके पठन और श्रवण से भोग और मोक्ष दोनों सुलभ हो जाते
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