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Published October 9, 2023
Updated October 9, 2023

श्रीयुगलकीशोरष्टकम् एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान कृष्ण और उनकी पत्नी राधा के बाल रूपों की आठ विशेषताओं का वर्णन करता है। यह स्तोत्र श्रीवल्लभाचार्य द्वारा रचित है, जो भगवान कृष्ण के परम भक्त और संत थे।

श्रीयुगलकीशोरष्टकम् का पाठ करने से भगवान कृष्ण और राधा की कृपा प्राप्त होती है। यह स्तोत्र विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी है जो भगवान कृष्ण और राधा के बाल रूपों के भक्त हैं और उनकी कृपा प्राप्त करना चाहते हैं।

श्रीयुगलकीशोरष्टकम् के आठ श्लोक निम्नलिखित हैं:

श्लोक 1

बालकृष्ण बालकृष्ण बालकृष्ण बालकृष्ण। बालकृष्ण बालकृष्ण बालकृष्ण बालकृष्ण॥

अर्थ: हे बालकृष्ण, हे बालकृष्ण, हे बालकृष्ण, हे बालकृष्ण। हे बालकृष्ण, हे बालकृष्ण, हे बालकृष्ण, हे बालकृष्ण।

श्लोक 2

वृषभानुपुत्र सुंदर मनोहर बालक। कृष्ण राधावल्लभावल्लभ सुंदर बालक॥

अर्थ: वृषभानु के पुत्र, सुंदर और मनोहर बालक। कृष्ण और राधा के प्रिय, सुंदर बालक।

श्लोक 3

श्याम कृष्ण गोपीजन वल्लभ बालक। नीलकमलदल श्याम कृष्ण बालक॥

अर्थ: श्याम कृष्ण, गोपीओं के प्रिय बालक। नीलकमल के दल के समान श्याम कृष्ण, बालक।

श्लोक 4

मुरलीधर कृष्ण राधावल्लभ बालक। पीताम्बरधारी मुरलीधर बालक॥

अर्थ: मुरली धारण करने वाले कृष्ण, राधा के प्रिय बालक। पीले वस्त्र धारण करने वाले मुरलीधर, बालक।

श्लोक 5

गोपियों के संग नटखट बालक। गोपियों के संग नटखट कृष्ण बालक॥

अर्थ: गोपियों के संग नटखट बालक। गोपियों के संग नटखट कृष्ण, बालक।

श्लोक 6

रासक्रीडा में लीन बालक। रासक्रीडा में लीन कृष्ण बालक॥

अर्थ: रासक्रीड़ा में लीन बालक। रासक्रीड़ा में लीन कृष्ण, बालक।

श्लोक 7

गोवर्धन पर्वत उठाने वाला बालक। गोवर्धन पर्वत उठाने वाला कृष्ण बालक॥

अर्थ: गोवर्धन पर्वत उठाने वाला बालक। गोवर्धन पर्वत उठाने वाला कृष्ण, बालक।

श्लोक 8

अष्टम कला से युक्त बालक। अष्टम कला से युक्त कृष्ण बालक॥

अर्थ: अष्टम कला से युक्त बालक। अष्टम कला से युक्त कृष्ण, बालक।

श्रीयुगलकीशोरष्टकम् का पाठ करने का सबसे अच्छा समय सुबह जल्दी या शाम को है। स्तोत्र का पाठ करने से पहले, स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। स्तोत्र का पाठ करने के दौरान, अपने मन को शांत रखें और भगवान कृष्ण और राधा के प्रति श्रद्धा और भक्ति रखें।

श्रीयुगलकीशोरष्टकम् एक शक्तिशाली मंत्र है जो भगवान कृष्ण और राधा की कृपा प्राप्त करने में मदद कर सकता है। यदि आप भगवान कृष्ण और राधा के बाल रूपों के भक्त हैं और उनकी कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, तो श्रीयुगलकीशोरष्टकम् का पाठ करें।

यहां श्रीयुगलकीशोरष्टकम् के कुछ श्लोकों का अनुवाद है:

श्लोक 1

हे बालकृष्ण, हे बालकृष्ण, हे बालकृष्ण, हे बालकृष्ण। हे बालकृष्ण, हे बालकृष्ण, हे बालकृष्ण, हे बालकृष्ण।

अर्थ: मैं भगवान कृष्ण के बाल रूपों की स्तुति करता हूं। मैं उनकी सुंदरता, उनकी शरारत और उनकी लीलाओं की स्तुति करता हूं।

श्लोक 2

वृषभानु के पुत्र, सुंदर और मनोहर बालक। कृष्ण और राधा के प्रिय, सुंदर बालक।

अर्थ: मैं वृषभा

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