Srichidambarashtakam 2
श्री चिदंबराष्टक 2 एक संस्कृत भजन है जो भगवान शिव के रूप, नटराज की स्तुति करता है। यह भजन 12वीं शताब्दी के तमिल कवि मणीक्कवासिगर द्वारा लिखा गया था। भजन में, मणीक्कवासिगर नटराज को "चिदानंदमूर्ति" या "चिदानंद का अवतार" कहते हैं। वे नटराज की शक्ति और महिमा का वर्णन करते हैं, और उन्हें मोक्ष का मार्गदर्शक मानते हैं।
श्री चिदंबराष्टक 2 को अक्सर नटराज की पूजा के दौरान गाया जाता है। यह भजन नटराज के भक्तों के बीच बहुत लोकप्रिय है।
भजन के कुछ प्रमुख अंश इस प्रकार हैं:
Srichidambarashtakam 2
- "चिदानंदमूर्ति, चिदंबरानाथ, नटराज, त्रिलोकनाथ, तुम ही हो भगवान, तुम ही हो मोक्ष का मार्गदर्शक।"
- "तुम हो सृष्टि के सृजनकर्ता, तुम ही हो संहारकर्ता, तुम ही हो पालनकर्ता, तुम हो सब कुछ।"
- "तुम हो ज्ञान का स्रोत, तुम ही हो प्रेम का स्रोत, तुम ही हो आनंद का स्रोत, तुम ही हो सब कुछ।"
श्री चिदंबराष्टक 2 एक शक्तिशाली और भावपूर्ण भजन है जो नटराज की महिमा का वर्णन करता है। यह भजन नटराज के भक्तों के लिए एक प्रेरणा है।
श्रीज्ञानसम्बन्धध्यानस्तुतिः Srigyansambandhdhyanstutih
Download
or download free
[free_download_btn]
[changelog]
Categories & Tags
Similar Downloads
No related download found!
KARMASU