मुकुंदमालास्तोत्रम एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान कृष्ण को समर्पित है। इसे 11वीं शताब्दी के कवि श्रीनारदाचार्य ने लिखा था। स्तोत्र में, कवि भगवान कृष्ण के रूप, गुणों और कार्यों का वर्णन करते हैं।
स्तोत्र का अनुवाद इस प्रकार है:
Mukundamalastotram
- श्लोक 1:
हे मुकुंद! आपके पास एक सुंदर चेहरा है, सुंदर आंखें, एक सुंदर मुख, एक सुंदर नाक, एक सुंदर कंठ, एक सुंदर छाती, सुंदर अंग और सुंदर पैर। आपके बाल घने और काले हैं, और आपका शरीर सुंदर है।
- श्लोक 2:
आप दयालु और करुणामय हैं, और आप सभी के दुखों को दूर करते हैं। आप सभी के लिए भगवान हैं, और सभी को सुख और आनंद प्रदान करते हैं। आप सभी के लिए आदर्श हैं, और सभी को सही रास्ते पर ले जाते हैं।
- श्लोक 3:
आप सभी के लिए आनंद हैं, और सभी को शांति प्रदान करते हैं। आप सभी के लिए जीवन हैं, और सभी को प्रकाश प्रदान करते हैं। आप सभी के लिए प्रेम हैं, और सभी को मोक्ष प्रदान करते हैं।
मुकुंदमालास्तोत्रम एक शक्तिशाली भक्ति मंत्र है। इसका पाठ करने से मन को शांति और आनंद मिलता है। यह स्तोत्र अक्सर मंदिरों और घरों में गाया और पढ़ा जाता है।
Mukundamalastotram
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